उपभोग फलन किसे कहते हैं? उपभोग प्रवृत्ति को प्रभावित करने वाले तत्वों की व्याख्या

किसी अर्थव्यवस्था में उपभोग पर किये जाने वाले कुल व्यय को उपभोग व्यय कहा जाता है। कुल आय में से लोग अपनी आवश्यकताओं की प्रत्यक्ष सन्तुश्टि के लिए वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने के लिए जो राशि खर्च करते है उसे कुल उपभोग व्यय या उपभोग कहते है। उपभोग और आय में पाए जाने वाले सम्बन्ध …

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धर्मनिरपेक्षता क्या है धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की विशेषताएं ?

धर्मनिरपेक्षता वह तत्व है, जिसके अनुसार राज्य के कार्यों में धर्म तथा धार्मिक कार्यों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ धर्मनिरपेक्षता अति उच्चस्तरीय धार्मिक व्यापकता तथा सहिष्णुता है, जो किसी संकीर्ण धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित न होकर सहनशीलता, स्वतंत्रता, धैर्य, मानवीयता व सार्वभौमिक भातृत्वभाव पर आधारित है।उपर्युक्त विवेचना से भारतीय धर्म-निरपेक्ष राज्य-व्यवस्था के बारे में निम्नांकित बातें …

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जन्तु ऊतक के प्रकार

जन्तु ऊतक के प्रकार जंतुओं के शरीर में पाए जाने वाले ऊतकों को को चार प्रकार में बांट सकते हैं –  उपकला ऊतक  संयोजी ऊतक  पेशीय ऊतक  तंत्रिका ऊतक 1. उपकला ऊतक यह ऊतक जंतु की बाहरी, भीतरी या स्वतंत्र जगहों पर पाए जाते हैं। यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों में पाया है। जैसे – …

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स्वस्थ आहार क्या है, इसके फायदे और डाइट चार्ट

एक स्वस्थ आहार में समस्त आधारभूत 4 खाद्य पदार्थों के समूहों का उचित मात्रा में मिश्रण होता है जिससे शारीरिक आवश्यकताओं की समुचित प्रकार से पूर्ति हो सके, इसी को आहार की विविधता कहते हैं।  शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु किस मात्रा में आहार चाहिए यह आयु, लिंग, शारीरिक संरचना एवं शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता …

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निवेश गुणक क्या है, निवेश गुणक की प्रक्रिया?

अर्थशास्त्र में गुणक का प्रयोग सबसे पहले आर. एफ. काहन ने अपने लेख “The Relation of Home Investment to Unemployment” में 1931 में किया था जिसे रोजगार गुणक कहा जाता है। केन्ज ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “The General Theory of Employment,Interest and Money” 1936 में निवेश गुणक का प्रतिपादन किया है। गुणक से अभिप्राय निवेश में …

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कीन्स के रोजगार सिद्धांत की व्याख्या। इस सिद्धांत की क्या आलोचनाएं है?

कीन्स ने अपने रोजगार सिद्धांत को अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘The General Theory of Employment, Interest and Money (1936) में प्रतिपादित किया है। कीन्स के अनुसार पूर्ण रोजगार की स्थिति एक पूंजीवादी विकसित अर्थव्यवस्था की सामान्य नहीं स्थिति है। वास्तव में, प्रत्येक अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी पाई जाती है। कीन्स के अनुसार बेरोजगारी का मुख्य कारण प्रभावपूर्ण मांग …

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रक्त के प्रमुख कार्य क्या है?

रक्त की मानव शरीर में मात्रा शरीर के वजन लगभग 7.9% (5-6 लीटर) होती है। तथा इसका pH मान 7.36 होता है रक्त में दो प्रकार के पदार्थ पाए जाते हैं- 1. प्लाज्मा 2. रक्त कणिकाए।  प्लाज्मा यह रक्त का अजीवित तरल भाग होता है। रक्त का लगभग 60% भाग प्लाज्मा होता है। प्लाज्मा = 90% …

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तम्बाकू सेवन के दुष्परिणाम क्या है? तंबाकू के सेवन से स्वास्थ्य मे क्या असर पड़ता है?

बहुत से लोग धूम्रपान/तम्बाकू सेवन सेवन जीवन की शुरूआत में ही प्रारम्भ कर देते हैं। किशोरावस्था में उम्र से बड़ा दिखने की चाहत अथवा प्रयोग के तौर पर साथियों के बीच तम्बाकू अथवा शराब प्रयोग करने की आदत या तनाव पूर्ण स्थिति में, या अपने साथियों के बीच सामाजिक महत्व की इच्छा, तम्बाकू का सेवन शुरू …

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कार्यशील पूंजी किसे कहते हैं ?

कार्यशील पूंजी वह होती है जिसके माध्यम से दैनिक संचालन क्रियाओं को सुगम रूप में संचालित रखने में व्यवसाय को सहायता प्राप्त होती है। स्थाई  संपत्तियों में निवेश के अलावा प्रत्येक व्यावसायिक संगठन को चालू सम्पत्तियों में भी निवेश की आवश्यकता होती है जिन्हें एक वर्ष में रोकड़ या रोकड़ के समतुल्यों में परिवर्तित किया जा …

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रोजगार का परम्परावादी सिद्धांत का अर्थ, परिभाषा, मान्यताएं, आलोचनाएं

रोजगार का परंपरावादी सिद्धांत के अनुसार पूर्ण रोजगार एक ऐसी स्थिति है जिसमें उन सब लोगों को रोजगार मिल जाता है जो प्रचलित मजदूरी पर काम करने को तैयार हैं। यह अर्थव्यवस्था की एक ऐसी स्थिति है जिसमें अनैच्छिक बेरोजगारी नहीं पाई जाती। रोजगार का परंपरावादी सिद्धांत का अर्थ व परिभाषा रोजगार का परंपरावादी सिद्धांत विभिन्न …

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