निगमन विधि क्या है ? nigaman vidhi kya hai ?

यह विधि आगमनिक विधि के विपरीत होती हैं इस विधि में सामान्य से विशेष सूक्ष्म से स्थूल एवं सूत्र या नियम से उदाहरण की ओर ले जाया जाता है। इस विधि में विद्यार्थियों को सूत्र बताए जाते है और उनको इन सूत्रों को संबंधित प्रश्नों में प्रयोग करने को कहा जाता है। लेडन के अनुसार ‘‘ …

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सहभागी अवलोकन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, लाभ, दोष

सहभागी अवलोकन सन् 1924 में लिण्डमैन ने अपनी पुस्तक ‘सोशल डिस्कवरी’ में सर्वप्रथम सहभागी अवलोकन शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने अनुसूची और प्रश्नावली के द्वारा किये जाने वाले अध्ययनों की कमियों एवं सहभागी अवलोकन की उपयोगिता की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। लिण्डमैन ने सहभागी अवलोकन के बारे में लिखा है, सहभागी अवलोकन इस सिद्धात …

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लेखन कौशल का विकास

रचना भावों एवं विचारों की कलात्मक अभिव्यक्ति है- लेखन। वह शब्दों को क्रम से लिपिबद्ध सुव्यवस्थित करने की कला है। भावों एवं विचारों की यह कलात्मक अभिव्यक्ति जब लिखित रूप में होती है तब उसे लेखन अथवा लिखित रचना कहते है। अभिव्यक्ति की दृष्टि से लेखन तथा वाचन परस्पर पूर्वक होते है। वाचन से लेखन कठिन …

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मानसिक स्वास्थ्य एवं मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति की विशेषताएं

मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति की उस स्थिति की व्याख्या है जिसमें वह समाज व स्वयं के जीवन की परिस्थितियों से निबटने के लिए, आवश्यकता अनुरूप स्वयं को ढालने हेतु व्यवहारों को सीखता है।  मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति की विशेषताएं इन विशेषताओं को हम मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति की पहचान कर सकते हैं। 1. उच्च आत्म-सम्मान …

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आगमन विधि किसे कहते हैं ?

आगमन विधि अनुमान पर निर्भर करती है। इसका अर्थ है सामान्य की ओर पहुंचना, यह अनुमान लगाते हुए कि यदि कोई चीज एक स्थिति में सही हैं तो ऐसी हर स्थिति में सही होगी। इस विधि में हम विशेष सामान्य की ओर, स्थूल से सूक्ष्म और उदाहरण से नियम की ओर जाते है। इस प्रकार आगमन …

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ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत कौन-कौन से हैं ?

ऊर्जा के वे स्रोत जैसे-जीवाश्म ईधन, कोयला जिन्हें दोबारा उत्पन्न किया जा सकता है, नवीनीकरण स्रोत कहलाते है। यह स्रोत निःशुल्क उपलब्ध हैं तथा वातावरण को भी प्रदूषित नहीं करते हैं जैसे- (1) फासिल ऊर्जा (2) जल ऊर्जा (3) पवन ऊर्जा (4) सौर ऊर्जा। ऊर्जा के नवीनीकरण स्रोत 1. फासिल ऊर्जा-  यह जैव ऊर्जा होती है। …

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श्रवण कौशल क्या है? श्रवण कौशल के मुख्य आधार

बोलने सुनने और सुनकर उसका अर्थ एवं भाव समझने की क्रिया को श्रवण कौशल कहा जाता है। श्रवण कौशल का सैद्धान्ति पक्ष ध्वनि विज्ञान के अंतर्गत दिया जाता है। सामान्यतः कानों द्वारा जो ध्वनियाॅं ग्रहण की जाती है और मस्तिष्क द्वारा उनकी अनुभूति तथा प्रत्यक्षीकरण को श्रवण कहते है। मौखिक भाषा के माध्यम से अभिव्यक्त भाव …

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अवसाद का अर्थ, लक्षण, कारण एवं प्रकार

मनोदशा विकृतियों में अवसाद एक प्रमुख रोग है। विषाद या अवसाद से आशय मनोदशा में उत्पन्न उदासी से होता है अथवा यह भी कहा जा सकता है कि अवसाद से तात्पर्य एक नैदानिक संलक्षण से है, जिसमें सांवेगिक अभिप्रेरणात्मक, व्यवहारात्मक, संज्ञानात्मक एवं दैहिक या शारीरिक लक्षणों का मिश्रित स्वरूप होता हे। इसे ‘‘ नैदानिक अवसाद’’ (clinical …

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समस्या समाधान विधि के गुण और दोष

समस्या समाधान विधि विज्ञान शिक्षण की महत्वपूर्ण विधि है। इसे वैज्ञानिक विधि के नाम से भी जाना जाता है। इस विधि में विद्यार्थियों के समक्ष किसी समस्या को इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है जिससे वे उद्देश्यपूर्ण गहन चिन्तन कर सकें तथा अपने पूर्व ज्ञान व अनुभवों के आधार पर समस्या समाधान सम्बन्धी विकल्प प्रस्तुत कर …

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संधि किसे कहते हैं? संधि विच्छेद, प्रकार, परिभाषा उदाहरण

हम कई बार बोलते समय एक या दो शब्द मिलाकर ही बोल देते हैं जैसे औरब (और + अब), दयानन्द (दया और आनन्द), अत्यधिक (अति + अधिक), इस प्रकार के मेल को संधि कहते हैं। दो शब्द जब पास-पास होते हैं तो उच्चारण की सुविधा के लिए पहले शब्द के अन्त वाले और दूसरे शब्द के …

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