प्लेटो का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

प्लेटो का जन्म 427 र्इसा पूर्व में एथेन्स के एक अत्यन्त ही समृद्ध तथा कुलीन परिवार में हुआ था। उसका पालन-पोषण अमीरों की भाँति हुआ। पर वैभव और ऐश्वर्य का यह वातावरण प्लेटो के व्यक्तित्व के विकास को अवरोधित नहीं कर सका। वह बहुआयामी व्यक्तित्व का स्वामी था। उसने तत्कालीन उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। वह …

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प्रश्नावली का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

प्रश्नावली अध्ययन विषय से सम्बन्धित प्रश्नों का एक संरचित समूह है जिसमें सूचनायें संकलित करने के लिए वैकल्पिक प्रश्नों में कोश्ठक तथा लिखित उत्तरों के लिए खाली स्थान उपलब्ध रहता है। इस माध्यम के द्वारा विस्तृत क्षेत्र से सूचनाएं प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए उत्तरदाता का शिक्षित होना आवश्यक होता है। साथ ही प्रश्नो …

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दूर शिक्षा में अनुसंधान

अनुसंधान किसी विषय क्षेत्र को सम्बन्धित समस्या का सर्वागीण विश्लेषण हैं। वास्तव में अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसमें प्रदत्तों के विश्लेषण के आधार पर किसी समस्या के विश्वसनीय समाधान को ज्ञात किया जाता है। आप जानते है कि यह एक व्यक्तिगत एवं सुनियोजित प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानवीय ज्ञान में वृद्धि की जाती है और मानव …

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वैयक्तिक अध्ययन (Case Study)

वैयक्तिक अध्ययन पद्धति सामाजिक शोध में तथ्य संकलन की एक महत्वपूर्ण विधि है। इसका प्रयोग विविध सामाजिक विज्ञानों में कर्इ दशकों से होता आया है। अनेकों विद्धानों ने अपने अध्ययनों में इस पद्धति का प्रयोग किया है। यह पद्धति किसी भी सामाजिक इकार्इ का उसकी सम्पूर्णता एवं गहनता में अध्ययन करती है। इसके द्वारा किया गया …

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दूरस्थ शिक्षा परिषद क्या है ?

दूरस्थ शिक्षा परिषद् इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के अन्तर्गत स्थापित एक विद्यालयी संस्था है, जो कि देश भर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की देख-रेख तथा प्रचार-प्रसार के लिये उत्तरदायी है। विश्व भर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा एक लोकप्रिय माध्यम के रूप में उभर रहा है। इसको नियमित शिक्षा के विकास के रूप में …

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पुरुषोत्तम दास टण्डन का जीवन परिचय एवं शैक्षिक विचार

राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन का जन्म इलाहाबाद में 1 अगस्त, 1882 को हुआ। उनके पूर्वज मूलत: पंजाब के निवासी थे। उनके पिता श्री शालिग्राम टंडन इलाहाबाद के एकाउण्टेण्ट जनरल आफिस में क्लर्क थे और राधास्वामी सम्प्रदाय के मतावलम्बी थे। पिता संत प्रकृति के थे अत: उनके व्यक्तित्व का प्रभाव बालक पुरूषोत्तम पर प्रारम्भ से ही पड़ा। …

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स्व-अधिगम सामग्री क्या है ?

स्व-अधिगम साग्रमी दूरस्थ शिक्षा की मूलाधार है। इसे स्व-अनुदेशनात्मक, स्व-अध्ययन सामग्री एवं स्व-शिक्षण सामग्री के रूप में पुकारा जाता है। सभी नामों के मूल में एक ही तथ्य है अपने आप पढ़ने-सीखने वाली सामग्री अर्थात् ऐसी पाठ्यवस्तु सामग्री जिसे अध्येता स्वतंत्रत रूप से अध्ययन करके अपनी गति अपनी रूचि से सीखता है, और स्वयं अपना शिक्षण …

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महात्मा गांधी का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर,1869 को गुजरात के काठियावाड़ जिले के पोरबन्दर नामक स्थान पर हुआ था। उनके पिता करमचंद गाँधी पोरबन्दर रियासत के दीवान थे। बाद में वे राजकोट और कुछ समय बाद बीकानेर के भी दीवान बने। वे र्इमानदार, साहसी एवं उदार प्रकृति के व्यक्ति थे। …

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दूरस्थ शिक्षा का ऐतिहासिक विकास

दूरस्थ शिक्षा का उद्भव  पत्राचार के रूप में दूरस्थ शिक्षा का इतिहास 1840 से मानी जाती है। आधुनिक नवीन प्रणाली का प्रारम्भिक रूप ‘‘ओल्ड टैसटामन’’ के अनुदेशनात्मक लेखों से मिलता है, इसके अतिरिक्त आम धारणा के अनुसार इसका प्रारम्भ 1840 र्इ0 में आइजक पिटमैन द्वारा शार्ट हैण्ड पाठ्यक्रम पेनी डॉक से भेजने से हुआ है। 1856 …

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महामना पं0 मदनमोहन मालवीय का जीवन परिचय

महामना के समय भारत की राजनीतिक-सामाजिक स्थिति  पूरी उन्नीसवीं शताब्दी भारत में अंग्रेजी साम्राज्य के विस्तार का इतिहास है। इस शताब्दी में लगभग संपूर्ण भारत पर अंग्रेजो का प्रभुत्व स्थापित हो गया। देशी रियासतों में भी वास्तविक सत्ता अंग्रेज अधिकारियों के हाथों में ही थी। भारतीयों की हर प्रकार की स्वतंत्रता छीन ली गर्इ थी। वे …

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