औद्योगिक संघर्ष के कारण

 यहॉं महत्वपूर्ण विषय है कि औद्योगिक संघर्ष होते ही क्यों हैं? इन औद्योगिक संघर्षों के मूल कारण क्या होते हैं?  औद्योगिक संघर्ष के कारण औद्योगिक संघर्षों के प्रमुख कारणों को निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है – पूॅंजीवाद औद्योगिक संघर्ष के आर्थिक कारण  औद्योगिक संघर्ष के प्रबंध सम्बन्धी कारक  औद्योगिक संघर्ष के सामाजिक कारक …

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26 नवंबर को संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत में हर साल 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन डाॅ. भीमराव अंबेडकर को याद किया जाता है। उन्होंने भारतीय संविधान के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया है। मुख्य तथ्य भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना 29 अगस्त 1947 को की गई थी …

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रीतिकाल की प्रमुख विशेषताएँ, रचनाएँ और प्रवृत्तियाँ

रीतिकालीन हिंदी साहित्य की रचना, जिन सामन्तीय परिस्थितियों में हुई, उस साहित्य को साधारण लोगों के जीवन से तो सम्बद्ध नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह साहित्य तो मूलतः दरबारी या शाही साहित्य था। आश्रित कवियों तथा आचार्यों ने जिस साहित्य की सृष्टि की, उसमें तत्कालीन राजाओं या सामन्तों की शृंगार वासना को तृप्त करने के …

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सामाजिक परिवर्तन के चक्रीय सिद्धांत

सामाजिक परिवर्तन के संबंध में विद्वानों ने अपने-अपने सिद्धांत का उल्लेख किया है। इन सिद्धांतों को कई प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है। उद्वविकासवादी के प्रमुख प्रवर्तक हर्बर्ट स्पेन्सर हैं जिनके अनुसार सामाजिक परिवर्तन धीरे-धीरे, सरल से जटिल की और कुछ निश्चित स्तरों से गुजरता हुआ होता है। संरचनात्मक कार्यात्मक सिद्धांत के प्रवर्तकों में दुर्खीम, वेबर, …

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रामायण एक्सप्रेस की विशेषताएं

दिल्ली स्थित सपफदरजंग रेलवे स्टेशन से 14 नवंबर 2018 को पूरे रामायण सर्किट पर दौड़ने वाली विशेष पर्यटक ट्रेन श्री रामायण एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह ट्रेन हिन्दू महाग्रंथ रामायण में वर्णित प्रमुख स्थानों पर जाएगी। / यह ट्रेन तमिलनाडु के रामेश्वरम तक की यात्रा 16 दिन में पूरी करेगी, और इस …

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भक्तिकालीन हिंदी साहित्य की चार काव्य धाराएँ

भक्तिकालीन काव्य की विविध रूपों में प्रगति हुई। इस काल की चार काव्य-धाराओं ने एक साथ हिंदी साहित्य की वृद्धि कर डाली। चार काव्यधाराएँ निम्नलिखित हैं-  भक्तिकालीन हिंदी साहित्य की चार काव्य धाराएँ 1. संत काव्य धारा संत काव्यधारा के प्रमुख कवि कबीर है। इनके अतिरिक्त दादूदयाल, नानक, सुन्दरदास आदि का स्थान संतों में महत्त्वपूर्ण है। …

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मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में अंतर क्या है?

संविधान के अनुच्छेद 74 में केवल मंत्रिपरिषद की व्यवस्था है और केबिनेट का कोई वर्णन नहीं है। केबिनेट एक अतिरिक्त संवैधानिक संस्था है। यह मंत्रिपरिषद का एक भाग है जिसमें 15 से 20 तक उच्च स्तर के मंत्री ही शामिल होते हैं। इन मंत्रियों तक उच्च स्तर के मंत्री ही शामिल होते हैं। इन मंत्रियों को …

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हड़प्पा सभ्यता #सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल

हड़प्पा सभ्यता के कुछ स्थलों को लेते है। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, इस चरण की मुख्य विशेषताओं में से एक इस संस्कृति में इसकी पूर्ण एकरूपता है। सिंधु, पंजाब या राजस्थान में स्थित भवन 1ः2ः4 के अनुपात वाली ईंटों का उपयोग करके बनाए गए थे। घर की ईंटों के आयाम 7×14×28 से.मी. थे …

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आदिकाल का नामकरण और काल सीमा

जार्ज ग्रियर्सन ने आदिकाल को ‘चारण काल’ कहा है तथा इसकी सीमा 700 ई. से 1300 ई. माना है। मिश्रबन्धुओं ने आदिकाल को ‘प्रारम्भिक काल’ कहकर इसकी समय सीमा 700 वि. से 1444 वि. तक मानी है। आचार्य शुक्ल ने इसे ‘वीरगाथाकाल’ कहकर इसकी अवधि सं. 1050 से 1375 तक मानी है। डाॅ. रामकुमार वर्मा ने …

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अप्रत्यक्ष कर क्या है अप्रत्यक्ष कर के गुण और दोष

अप्रत्यक्ष कर वे होते हैं जिनका भुगतान पहले तो उत्पादकों द्वारा किया जाता है किन्तु जिन्हें बाद में उपभोक्ताओं पर टाल दिया जाता है। जैसे आय-कर प्रत्यक्ष कर है। जबकि अप्रत्यक्ष कर में भिन्न-भिन्न व्यक्तियों पर पड़ता है, जैसे, बिक्री-कर अप्रत्यक्ष कर है। अप्रत्यक्ष कर के गुण 1. आज यह दृष्टिकोण है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के …

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