कठपुतली के प्रकार, कठपुतली कितने प्रकार की होती है

भारत में कठपुतलियों के कई रूप प्रचलित हैं। राजस्थान में धागों वाली कठपुतली, उड़ीसा तथा बंगाल में दस्ताने वाली कठपुतली तथा आंध्र प्रदेश की छाया कठपुतलियां इनमें से प्रमुख हैं। अवास्तविक, अनुपात विहीन और निर्जीव होते हुए भी कठपुतलियों के पात्र सैकड़ों वर्षो से अपने विशिष्ट अंदाज के द्वारा दर्शकों की सामूहिक कल्पना को अर्थ प्रदान …

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भारत में हिंदी के प्रमुख पत्रकार

भारत में हिंदी पत्रकारिता का इतिहास लगभग दो सौ वर्ष पुराना है। पहला हिंदी समाचार पत्र होने का श्रेय चूंकि ‘उदंत मार्तण्ड’ (1826) को जाता है तो इसके संपादक को भी हिंदी के पहले पत्रकार होने का गौरव प्राप्त है, क्योंकि उस समय संपादक ही पत्रकार की भूमिका निर्वाह करते होंगे। इसके बाद इन दो सौ …

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राजभाषा किसे कहते हैं राजभाषा की विशेषताएं

प्रशासन की भाषा राष्ट्रभाषा कहलाती है, अस्तु सरकारी कार्यालयों में जिस भाषा का प्रयोग होता है तथा राज्य सरकारें जिस भाषा में अपने पत्र आदि केन्द्र सरकार की तथा केन्द्रीय प्रशासन अपने संदेश राज्य सरकारों को संप्रेषित करता है, वह राजभाषा कही जाती है। हमारे देश की केन्द्रीय सरकार हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा का प्रयोग …

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बोनस भुगतान अधिनियम 1965 क्या है || Payment of Bonus Act 1965

बोनस भुगतान अधिनियम 1965 का मुख्य उद्देश्य कुछ उद्योगों व संस्थानों में काम करने वाले व्यक्तियों के लिए बोनस के भुगतान की व्यवस्था कराना तथा उससे सम्बन्धित अन्य मामलों को सुलझाना है। यह अधिनियम पूरे देश में फैले हुए उन सब कारखानों और संस्थानों पर लागू होता है जिनमें लेखा-वर्ष की अवधि में किसी भी दिन …

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अच्छे पत्रकार की क्या योग्यता होनी चाहिए?

अखबार पत्रकारों को नौकरी पर रखते हैं। इसके बाद आप कॉपी संपादक, डिजाईनर, फोटो पत्रकार या संवाददाता चाहे जो भी बनना चाहें, आपकी मर्जी। लेकिन अगर आप अच्छे पत्रकार हैं तो आपकी सफलता पक्की समझिए। इस क्षेत्र में कूदने से पहले व्यक्ति को समझ लेना चाहिए कि यह उद्योग जैसा बाहर से दिखता है, वैसा अंदर …

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भाषा सीखने की प्रक्रिया और विकास

भाषा अभिव्यक्ति का उत्तम साधन है, मनुष्य भाषा के द्वारा सहजता एवं सरलता से एक -दूसरे के क्रियाकलापों व आचार -विचारों को समझ सकता है। मनुष्य सारा भाषा का निर्माण एक देन है तथा यह अति विकासशील रूप में है, मनुष्य द्वारा जो भी ज्ञान संजोया गया है। वह भाषा के द्वारा ही संभव ही पाया …

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मिश्रित आर्थिक प्रणाली का अर्थ, परिभाषा, अपनाने के कारण एवं विशेषताएँ

मिश्रित आर्थिक प्रणाली का अर्थ मिश्रित अर्थव्यवस्था पूँजीवाद एवं समाजवाद के बीच की व्यवस्था है। इसमें निजी तथा सार्वजनिक दोनों साथ-साथ चलते हैं। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में देश आर्थिक विकास के लिए निजी क्षेत्र पर विशेष महत्व देते हुए आवश्यक सामाजिक नियन्त्रण भी रखा जाता है। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में कुछ उद्योग पूर्णतया सरकारी …

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न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 क्या है?

भारत सरकार द्वारा 1944 में नियुक्त श्रमिक जाँच समिति ने देश के विभिन्न उद्योगों में श्रमिकों की मजदूरी और उनके अर्जन का अध्ययन किया और बताया कि लगभग सभी उद्योगों में मजदूरी की दरें बहुत ही निम्न है। समिति ने अनुभव किया कि उस समय तक देश के प्रधान उद्योगों में भी श्रमिकों की मजदूरी में …

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कार्यपालिका किसे कहते हैं, कार्यपालिका कितने प्रकार की होती है

व्यक्तियों के उस समूह से है जो कायदे-कानूनों को संगठन में रोजाना लागू करते हैं। सरकार के मामले में भी, एक संस्था नीतिगत निर्णय लेती है और नियमों और कायदों के बारे में तय करती है दूसरी उसे लागू करने की जिम्मेदारी निभाती है। सरकार का वह अंग जो इन नियमों-कायदों को लागू करता है और …

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बकरी के दूध के औषधीय गुण / लाभ

बकरी के दूध की तुलना आमतौर पर गाय के दूध के साथ की जाती है। उत्पादन में अंतर के अलावा गाय के दूध को पचाना कठिन होता है बकरी के दूध के औषधीय गुण / लाभ  दूध में वसा की गोलिकायें 1 से 10 माईक्रोन तक होती है लेकिन 5 माईक्रोन से कम की गोलिकाओं की …

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