समाचार लेखन के मूल सिद्धांत | Principles of News Writing

समाचार लेखन एक निरंतर चलती रहने वाली प्रक्रिया है इसके कुछ तरीके हैं किन्तु एक अच्छा पत्रकार उसमें अपनी शैली की विशिष्टता को अवश्य समाहित कर देता है जिससे वह कुछ अलग दिखे अच्छे समाचार लेखन के कुछ निर्धारण क सिद्धांत है। यह शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक श्रम की माँग करता है। अच्छा समाचार लेखन तुरंत …

Read more

साइबर अपराध क्या है इसके प्रकार?

कम्प्यूटर के प्रयोग तथा इन्टरनेट माध्यम के कारण साइबर अपराध भी बढ़ गया हे। साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है जिसमें कम्प्यूटर और नेटवर्क शामिल है। कम्प्यूटर से अपराध करना साइबर अपराध कहलाता है। कम्प्यूटर अपराध में नेटवर्क शामिल नहीं माना जाता।  जानकारी चोरी करना, जानकारी मिटाना, जानकारी में फेरबदल, करना जानकारी को किसी अन्य व्यक्ति को भेजना (गलत …

Read more

प्राकृतिक चिकित्सा के 10 सिद्धांत || Prakritik Chikitsa Ke Siddhant

मनुष्य प्रकृति का एक हिस्सा है। उसका शरीर इन्हीं प्रकृति तत्व से बना है। प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांत नितान्त मौलिक है इनके अनुसार प्रकृति के नियमों का उल्लंघन करने से रोग पैदा होते है तथा प्राकृतिक नियमों का पालन करते हुए पुन: निरोग हो सकते है। मनुष्य शरीर में स्वाभाविक रूप एक ऐसी प्रकृति प्रदत्त पायी …

Read more

लोक मीडिया क्या है || लोक मीडिया की मुख्य विशेषताएँ

लोक मीडिया का अर्थ है लोगों का मीडिया। लोक मीडिया का अर्थ है- ग्रामीण तथा कबीले के लोगों को उपलब्ध संचार के विभिन्न साधन। इसे प्राय: ‘पारंपरिक मीडिया’, ‘स्वदेशी संचार प्रणाली’, वैकल्पिक मीडिया’, ‘समूह मीडिया’, ‘सस्ता मीडिया’ आदि भी कहा जाता है।  लोक मीडिया की मुख्य विशेषताएँ लोक मीडिया की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हो सकती हैं: …

Read more

रेडियो का इतिहास – रेडियो का आविष्कार किसने किया?

दुनिया में पहली बार 1916 में रेडियो के माध्यम से समाचार प्रसारित किया गया। यह समाचार संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव की सूचना से संबंधित था। प्रिंट मीडिया से पहले चंद घंटों में संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों ने इस सूचना को सुना तो उनके कौतूहल का ठिकाना नहीं था। वे हतप्रभ थे। संयुक्त …

Read more

1971 भारत पाकिस्तान युद्ध के परिणाम

इस युद्ध की शुरूआत की एक दिलचस्प कहानी है। 25 नवंबर को पाकिस्तान के राष्ट्रपति याहिया खां ने घोषणा की थी कि वह दस दिनों के भीतर भारत के साथ निपट लेंगे। तीन दिसंबर की शाम थी, यानी राष्ट्रपति याहिया खां की धमकी का नवां दिन था। संध्या समय भारत-सरकार ने सूचना दी कि भारत की …

Read more

द्वितीय आंग्ल बर्मा युद्ध के कारण और परिणाम

द्वितीय आंग्ल-बर्मा युद्ध लार्ड डलहौजी के शासनकाल में हुआ था। लार्ड डलहौजी घोर साम्राज्यवादी था। उसने जिस प्रकार भारत में अंग्रेजी साम्राज्य का विस्तार किया, उसी प्रकार उसने बर्मा के मामले में भी विस्तारवादी नीति अपनायी। द्वितीय आंग्ल बर्मा युद्ध 1. यान्दूब के बाद की स्थिति बर्मा ने आवा नरेश अंग्रेजों से किसी प्रकार के राजनीतिक या …

Read more

संचार का उद्भव और विकास

संचार कलाओं का अस्तित्व संभवतः मानव जाति के उदय काल से ही है क्योंकि विचारों, और अनुभवों के आदान-प्रदान के अभाव में जीवन का अस्तित्व नहीं हो सकता। हो सकता है संचार का आरंभिक रूप आवाज हो। एक दूरी तक अपने 57 अनुभव और सूचना संप्रेषण के लिए चिल्लाने का प्रयोग किया जाता था। उस समय …

Read more

जनसंचार माध्यम क्या है मुख्य रूप से जनसंचार के कार्य या उद्देश्य इस प्रकार हो सकते हैं

जनसंचार माध्यम का तात्पर्य यह हे कि जिनके द्वारा हम एक बड़े श्रोता या दर्शक समूह तक चाहे वे पास हों या दूर हों अपने भावों, विचारों को सम्प्रेषित करते है। भावों, विचारों के सम्प्रेशण के लिए जिन साधनों या उपकरणों का प्रयोग किया जाता है वे ही माध्यम है। जन संचार साधनों के माध्यम से …

Read more

रवीन्द्रनाथ टैगोर के शैक्षिक विचार

रवीन्द्रनाथ टैगोर रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 ई. को कलकत्ता (प.बंगाल) के जोड़ासांको भवन में हुआ था। ठाकुर वंष भट्ट नारायण जो संस्कृत के प्रसिद्ध नाटक ‘वेणी संहारम्’ के रचनाकार हैं, की संतान है । ऐसा कहा जाता है कि ये बंगाल के निवासी नहीं थे वरन् वे उन पंच कान्यकुब्जों में से थे …

Read more