मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान का अर्थ, परिभाषा, मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारक

व्यक्ति के शरीर में मस्तिष्क का महत्त्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि व्यक्ति जो भी कार्य करता है वह अपने मस्तिष्क के संकेत पर या मन के अनुसार करता है। जब तक हमारा मन स्वस्थ नहीं रहता है, तब तक हम किसी भी कार्य को ठीक से नहीं कर सकते। संसार में वे ही व्यक्ति भौतिक और सामाजिक …

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संत तुकाराम महाराज का जीवन चरित्र और प्रमुख रचनाएँ

संत तुकाराम महाराज का जीवन चरित्र संत तुकाराम महाराज विट्ठल के भक्त थे। उनके जन्म काल के बारे में मतभेद है। डॉ. अशोक का मत ने उनका जन्म सन् 1568, प्रभाकर सदाशिव पंडित ने सन् 1597, प्रसिद्ध इतिहासविद् राजवाडे़ ने उनका जन्म शके 1490, श्री भारदे ने उनका जन्म शके 1520, श्री पांगारकर व महीपति बुवा …

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मालती जोशी की रचनाएँ

मालती जोशी ने विपुल मात्रा में साहित्य रचना की है। उनके अब तक 3 उपन्यास व 30 से अधिक कहानी संकलन प्रकाशित हो चुके हैं।  मालती जोशी की रचनाएँ मालती जोशी की रचनाएँ, मालती जोशी की कहानियों की मुख्य विशेषताएं मालती जोशी की रचनाएँ इस प्रकार है – मालती जोशी के उपन्यास / कहानियां मालती जोशी …

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संवेगात्मक बुद्धि का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

संवेगात्मक बुद्धि का अर्थ संवेगात्मक बुद्धि दो प्रत्ययों से मिलकर बना है संवेग और बुद्धि। संवेग का अर्थ है उद्वेलन की अवस्था एवं बुद्धि का अर्थ है विवेकपूर्ण चिन्तन की योग्यता। इस प्रकार संवेगात्मक बुद्धि एक आन्तरिक योग्यता होती है जिसके द्वारा व्यक्ति में संवेगों को महसूस करने, समझने एवं उनका प्रभावपूर्ण नियन्त्रण करने की क्षमता …

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वारकरी संप्रदाय क्या है ? वारकरी संप्रदाय के संत कौन थे?

वारकरी हिन्दु धर्म की अध्यात्मिक परंपरा है, महाराष्ट्र और उत्तरी कर्नाटक जैसी भारतीय राज्यों से जुड़ा हुआ है। भगवान श्री विट्ठल के भक्त को वारकरी कहते है तथा इस संप्रदाय को वारकरी सम्प्रदाय कहा जाता है।  ‘वारकरी’ शब्द में ‘वारी’ शब्द अंतर्भूत है। वारी का अर्थ है यात्रा करना, फेरे लगाना। जो अपने आस्था स्थान की …

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ग्रामीण औद्योगीकरण क्या है ?

ग्रामीण औद्योगीकरण क्या है ? ग्रामीण औद्योगीकरण वह प्रक्रिया है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के उद्योग का नियमित और क्रमिक विकास होता हो तथा धीरे-धीरे उसमें नवीनता एवं आधुनिकरण का समावेश होता रहता है। संकुचित दृष्टिकोण से ग्रामीण औद्योगीकरण से तात्पर्य एवं आधारभूत उद्योगों की स्थापना क विकास करना हैं मनुष्य की आवष्यकतायें धीरे-धीरे बढ़ती गयी और …

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भारत में शिक्षा के स्तर और प्रकार

शिक्षा शब्द संस्कृत के शिक्ष् धातु में अ प्रत्यय लगने से बना हैं। जिसका अर्थ होता हैं- सीखना या सिखाना। जो भी कार्य व्यक्ति को नवीन अनुभव एवं नवीन ज्ञान प्रदान करता हैं वह शिक्षा हैं।  शिक्षा को केवल विद्यालय में ही प्राप्त नहीं किया जा सकता अपितु शिक्षा हर एक वो इंसान जो हमें नवीन …

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समाजवादी पार्टी की स्थापना कब हुई थी?

समाजवादी पार्टी का गठन 4-5 नवम्बर 1992 ई0 को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय स्थापना सम्मेलन में हुआ। इस सम्मलेन में सर्वसम्मति से मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया तथा उन्हें पार्टी के गठन के लिए अधिकृत किया गया। समाजवादी पार्टी की स्थापना के समय से ही कुछ लोग प्रयासरत थे कि समाजवादी पार्टी न …

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चार्ल्स डार्विन का विकासवाद का सिद्धांत

सर्वप्रथम चार्ल्स डार्विन ने मानव जाति के विकास का सिद्धांत प्रस्तुत किया । इस सिद्धांत में ‘प्राकृतिक चयन’ के आधार पर विकास की अवधारणा प्रस्तुत की गई। अपनी पुस्तक The Origin of species (1859) में चार्ल्स डार्विन वैज्ञानिक दृष्टि के माध्यम से यह स्थापित करते हैं कि जैविक विकास वंषानुगत लक्षणों में पीढ़ी दर पीढ़ी परिवर्तन …

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ज्योतिबा फुले के विचार (राजनीतिक विचार, धार्मिक विचार, शिक्षा सम्बन्धी विचार)

ज्योतिबा फुले  ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सातारा जिले में माली जाति के एक परिवार में हुआ था। वे एक महान विचारक, कार्यकर्ता, समाज सुधारक, लेखक, दार्शिनक, संपादक और क्रांतिकारी थे। उन्होंने जीवन भर निम्न जाति, महिलाओं और दलितों के उद्धार के लिए कार्य किया। इस कार्य में उनकी धर्मपत्नी सावित्रीबाई …

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