रुचि परीक्षण

किसी वस्तु, व्यक्ति, प्रक्रिया, तथ्य, कार्य आदि को पसन्द करने या उसके प्रति आकर्शित होने, उस पर ध्यान केन्द्रित करने या उससे संतुष्टि पाने की प्रवृत्ति केा ही रूचि कहते हैं। रूचि का व्यक्ति की योग्यताओं से केार्इ सीधा सम्बन्ध नहीं होता है परन्तु जिन कार्यों में व्यक्ति की रूचि होती है वह उसमें अधिक सफलता …

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लेखांकन की अवधारणा

लेखांकन का सैद्धांतिक आधार लेखा पुस्तकों को तैयार करने तथा बनाएँ के लिए कुछ नियम एवं सिद्धांत विकसित किये गय है। इन नियम /सिद्धांत को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो में बाँटा जा सकता है। लेखांकन अभिलेखों को तैयार करने एवं रखने के यह आधार है। इसमें हम विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व को पढेग़े …

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बुद्धि परीक्षण एवं मापन

बुद्धि परीक्षणों का उपयोग परोक्ष या अपरोक्ष रूप से कर्इ सदियों से चला आरहा है। परन्तु इसका मनोवैज्ञानिक रूप से विकास अठारवींसदी के अन्त एवं उन्निसवीसदी के पूर्व में प्रारम्भ हुआ। बुद्धि- परीक्षणों के विकास कर्इ मनोवैज्ञानिकों ने योगदान दिया। इटॉडर्,सेग्युन,अल्फ्रेड बिने एवंसार्इमन जैसे मनोवैज्ञानिको ने बुद्धि परीक्षणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभार्इ। मैरिल-पामर, गुड …

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लेखांकन क्या है ?

बहीखाता के विवेचन से यह स्पष्ट हो जाता है कि व्यापारिक सौदों को निश्चित पुस्तकों में विधिवत् लिखना ही बहीखाता या पुस्तपालन है, किन्तु केवल व्यवहारों को निश्चित पुस्तकों में लिखने से व्यापार के परिणाम तथा उसकी वित्तीय स्थिति का ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता। एक निश्चित अवधि के परिणामों को जानने के लिए विभिन्न …

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विस्मरण का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, कारण एवं निराकरण

विस्मरण से तात्पर्य स्मरण की विफलता से है जब व्यक्ति अपने भूतकाल के अनुभवों को चेतन में लाने में असफल हो जाता है, तब उसे विस्मृति कहते हैं। जिस प्रकार से जीवन को उपयोगी तथा सुखी बनाने के लिए स्मृति आवश्यक है, उसी प्रकार हमारे जीवन में विस्मृति की भी उपयोगिता तथा महत्व है। मानसिक स्वास्थ्य …

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अनुक्रमणिका क्या है?

संकेत करना या इंगित करना. अत: यह आंकड़ां अथवा एकत्र किये गये अभिलेखों की ओर इंगित कराने की पद्धति हैं। अनुक्रमणिका पत्रों एवं दस्तावेजों की फाइल बनाने का एक महत्वपूर्ण सहायक है। अनुक्रमणिका नाम, विषय तथा अन्य शीर्षक, जिनके अंतर्गत दस्तावेज फाइल किए जाते हैं, उनके निर्धारण की प्रक्रिया है। यह अभिलेखों के लिए मार्गदर्शिका होती …

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प्रयोगात्मक अनुसंधान क्या है ?

प्रयोगात्मक अनुसन्धान, अनुसन्धान की एक प्रमुख विधि है। प्रयोगात्मक अनुसन्धान में कार्य कारण सम्बन्ध स्थापित किया जाता है। कार्य-कारण सम्बन्ध स्थापित करने के लिये दो स्थितियों को संतुष्ट करना होता है। पहले तो यह सिद्ध करना होता है कि यदि कारण है तो उसका प्रभाव होगा। यह स्थिति आवश्यक है लेकिन पर्याप्त नहीं है। दूसरा हमें …

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रोजगार कार्यालय का अर्थ एवं उसकी भूमिका

रोजगार कार्यालय हमारे देश में रोजगार कार्यालयो की स्थापना सरकार ने की है। इनके माध्यम से रोजगार की खोज करने वाले एवं रोजगार प्रदाताओं को एक दूसरे से मिलाया जाता है। रोजगार कार्यालय उन लोगों की सूची तैयार करता है जो नौकरी करना चाहते हैं तथा उनकी योग्यतानुसार नौकरी के विभिन्न वर्गों के लिये उनके नामों …

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निर्देशन के सिद्धान्त एवं तकनीकी

निर्देशन की मान्यतायें आज के भौतिकवादी जीवन में हताशा, निराशा एवं कुसमायोजन की समस्याओं ने भयावह रूप ले लिया है। इन सभी समस्याओं ने जीवन के प्रत्येक चरण में निर्देशन की आवश्यकता को जन्म दिया। निर्देशन प्रक्रिया कुछ परम्परागत मान्यताओं पर निहित होता है। ये मान्यतायें हैं- व्यक्ति भिन्नताओं का होना-व्यक्ति अपनी जन्मजात योग्यता, क्षमता, अभिवृतियों …

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गुणात्मक अनुसंधान क्या है ?

अनुसन्धान विधियों को मुख्यत: दो रूपों में बॉटा जा सकता हे- तार्किक प्रत्यक्षवाद (Logical Positivism) तथा गोचर खोज (Phenomenological Inquiry) । शैक्षिक शोधों में पहला रूप ज्यादा प्रयुक्त हुआ है। परन्तु विगत एक दशक से शैक्षिक परिस्थितियों से सम्बन्धित समस्याओं, समाधान प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं से मुद्दों को स्पष्ट एवं उजागर करने के लिये गोचर खेाज उपागम …

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