भ्रष्टाचार का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं अनिवार्य तत्व

भ्रष्टाचार (Corruption) का अर्थ भ्रष्ट आचरण से लिया जाता है। भ्रष्टाचार के अर्थ समझे जाते हैं- जिसका आचार एवं विचार बिगड़ गया हो। या वह स्थिति, जिसमे अधिकारी तथा कर्मचारी विहित कर्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक, भली-भाँति और समय पर नहीं करते, बल्कि मनमाने ढंग से, विलम्ब से तथा अनुचित रूप से करते हैं। इत्यादि रूप भ्रष्टाचार …

Read more

सूरदास का जीवन परिचय, रचनाएं, भाव पक्ष, कला पक्ष, साहित्य में स्थान

सूरदास (Surdas) का संबंध भक्ति काव्य से है। ईश्वर के प्रति प्रेम की अनुभूति को भक्ति कहते हैं। लेकिन संपूर्ण भक्ति काव्य एक-सा नहीं है। जो भक्त-कवि ईश्वर को निर्गुण-निराकार मानते थे और अवतारवाद में विश्वास नहीं रखते थे, वे निर्गुणमार्गी भक्त कवि कहलाए।  यह भी पढ़ें: भ्रमरगीत का क्या अर्थ है? सूरदास के भ्रमरगीत की विशेषताएं …

Read more

अफीम युद्ध के कारण और परिणाम

प्रथम अफीम युद्ध 1839-1842 ई. में हुआ था। द्वितीय अफीम युद्ध 1856-60 ई. में हुआ था।  जो यूरोपीय समस्त विश्व में अपनी शर्तों पर दबाब की राजनीति अपनाकर व्यापार कर रहे थे उन्हीं यूरोपियों को चीन ने अपनी शर्तों पर व्यापार करने हेतु मजबूर किया। मंचू राजवंश ने विदेशियों पर व्यापार हेतु कई प्रतिबंध लगाये। इन …

Read more

जापान में मेजी पुनर्स्थापना के कारण, महत्व एवं परिणाम

19 वीं शताब्दी के मध्य चरण में, जापान में विदेशियों के प्रवेश और उनके साथ जापान की सत्ता के केन्द्र शोगून द्वारा सन्धि करने से व्यापक प्रतिक्रिया हुई। इस काल में चीन और जापान दोनों देशों का एक ही प्रकार की स्थिति का सामना करना पड़ा था। दोनों देशों ने अपने-अपने तरीके से पश्चिमी साम्राज्य विस्तार …

Read more

जापान में उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद

16वीं शताब्दी के प्रारम्भ में यूरोप की जातियों ने उत्तरी अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया, अफ्रीका आदि में बड़े पैमाने पर उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद की नीति का अनुसरण किया। उपनिवेशवाद एवं साम्राज्यवाद जनता का राजनीतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक दृष्टि से शोषण का प्रतीक था। जब किसी राष्ट्र विशेष के कुछ लोग अपनी मातृभूमि छोड़कर किसी पिछड़े हुए (किन्तु …

Read more

राष्ट्रीय आय क्या है? राष्ट्रीय आय को मापने की विधियां और कठिनाइयां।

राष्ट्रीय आय (National income) किसी भी अर्थव्यवस्था के आर्थिक विकास के सूचकों में एक महत्वपूर्ण तत्व है। किसी देश में एक वर्ष में उत्पादित अन्तिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल बाजार मूल्य के जोड़ को राष्ट्रीय आय कहते है। अन्य शब्दों में, राष्ट्रीय आय एक देष के सामान्य निवासियों द्वारा एक वर्ष में प्राप्त साधन सेवाओं …

Read more

सामाजिक नीति की अवधारणा लक्ष्य, कार्य एवं उद्देश्य

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नियोजित विकास का सहारा लेना आवश्यक समझा गया क्योंकि यह अनुभव किया गया कि गरीबी, बेकारी जैसी अनेक गंभीर सामाजिक समस्यायें उचित विकास न होने के कारण ही हमारे समाज में व्यापक रूप से विद्यमान है सामाजिक समस्याओं को और अधिक तेज करना तथा इससे …

Read more

परिवार नियोजन क्या है? परिवार नियोजन की विभिन्न विधियों का वर्णन

शाब्दिक रूप से परिवार नियोजन (Family planning) का अर्थ साधारण दो या तीन सन्तानों को जन्म देकर परिवार के आकार को नियोजित रूप से सीमित रखना समझा जाता है। परिवार नियोजन से तात्पर्य एक ऐसी योजना से है, जिसमें परिवार की आय, माता के स्वास्थ, बच्चों के समुचित पालन पोषण तथा शिक्षा को ध्यान में रखते …

Read more

सामुदायिक विकास क्या है अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, विशेषताएं

सामुदायिक विकास सम्पूर्ण समुदाय के विकास की एक ऐसी पद्धति है जिसमें जन-सह भाग के द्वारा समुदाय के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयत्न किया जाता है सामुदायिक विकास का अर्थ शाब्दिक रूप से सामुदायिक विकास का अर्थ- समुदाय का विकास या प्रगति। इसके बाद भी सामुदायिक विकास की अवधारणा इतनी व्यापक और जटिल है …

Read more

अनुवाद का अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं सीमाएं

एक भाषा-पाठ में निहित अर्थ या संदेश को दूसरे भाषा-पाठ में यथावत व्यक्त करना अर्थात् एक भाषा में कही गई बात को दूसरी भाषा में कहना अनुवाद है।  यह भी पढ़ें: अनुवाद किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा अनुवाद का अर्थ ‘अनुवाद’ शब्द संस्कृत का यौगिक शब्द है जो ‘अनु’ उपसर्ग तथा ‘वाद’ के संयोग से बना है। …

Read more