परिकल्पना या ‘उपकल्पना’ क्या है ?

किसी भी अनुसंधान और सर्वेक्षण के समस्या के चुनाव के बाद अनुसंधानकर्ता समस्या के बारे में कार्य-कारण सम्बन्धों का पूर्वानुमान लगा लेता है या पूर्व चिन्तन कर लेता है यह पूर्व चिन्तन या पूर्वानुमान ही प्राक्कल्पना, परिकल्पना या ‘उपकल्पना’ कहलाती जॉर्ज लुण्डबर्ग ने अपनी पुस्तक “Social Research” में उपकल्पना को परिभाषित करते हुए लिखा है कि …

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स्वरोजगार क्या है ?

अपने जीविकोपार्जन के लिए कुछ ना कुछ कार्य करते हैं। साथ ही कार्य के बदले आपको मुद्रा अर्थात रूपये पैसे चाहिए होता है। इसे प्राप्त करने के लिए आप स्वयं रोजगार करते हैं। वही स्वरोजगार होता है। अर्थात् छोटी दकुाने दर्जी कि दुकान ब्रडे की दुकान सले नु स्थानीय बाजार में चला सकते है।। इस प्रकार …

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वित्तीय बाजार क्या है ?

व्यवसायिक उपक्रम अपनी स्थार्इ एवं कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को पूर्ण करने के अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन वित्त कोषों को पूरा करने हेतु एकत्र करते हैं वित्तीय बाजार के अन्तर्गत वे व्यक्ति जिनके पास अधिक धन है वे अपना धन उन व्यक्तियों को उनकी आवश्यकता की पूर्ति हेतु उधार लेते हैं जिनकों उनकी आवश्यकता होती है इस …

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प्रविवरण क्या है?

प्रविवरण एक तरह का कम्पनी का आमंत्रण होता है जिसके द्वारा जनता को अंश खरीदने के लिये आमंत्रित किया जाता है। भारतीय कम्पनी अधिनियम 1956 की धारा 2 के अनुसार- ‘‘प्रविवरण से आशय किसी भी ऐसे प्रलेख से है जिसमें प्रविवरण, नोटिस, गश्ती पत्र, विज्ञापन या अन्य प्रलेख कहा गया हों और जिसके माध्यम से जनता …

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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत उपभोक्ता के अधिकार

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत सभी प्रकार के उपभोक्ताओं को एक समान अधिकार प्रदान किये गये हैं। निम्नलिखित अधिकार विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं- 1. पर्याप्त जानकारी प्राप्त करने संबंधी अधिकारी – जो माल या सेवा उपभोक्ता खरीदता है, उसको संबंध पूरी-पूरी जानकारी विक्रेता से पाने का अधिकारी है। अर्थात् माल या सेवा की गुणवत्ता, सामथ्र्य, …

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वित्तीय नियोजन क्या है ?

वित्तीय नियोजन का अर्थ वित्तीय नियोजन का आशय उपक्रम के मूल उद्देश्य की प्राप्ति हेतु वित्तीय क्रियाओं का अग्रिम निर्धारण है। वित्तीय नियोजन के अर्थ के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचारों में भिन्नता पार्इ जाती है। वित्तीय नियोजन के सम्बन्ध में विभिन्न विद्वानों के विचारों को दो वर्गों मे विभाजित किया जा सकता हैं -(1) …

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पार्षद अंतर्नियम क्या है ?

कंपनी का पार्षद सीमानियम कंपनी के कार्यक्रम व उदृदेश्यों को निर्धारित करता है, परंतु इन उद्देश्यों की पूर्ति किन नियमों के अधीन की जायेगी, इसका निर्धारण पार्षद अंतर्नियम द्वारा किया जाता है। यह कंपनी का दूसरा महत्वपूर्ण प्रलेख होता है। इसमें कंपनी के विभिन्न पक्षकारों, जैसे- अंशधारियों एवं ऋणपत्रधारियों के अधिकार, कर्तव्य, अंशो का निर्गमन, हस्तांतरण …

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उपभोक्ता फोरम क्या है ?

उपभोक्ता फोरम का गठन –  संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक उपभोक्ता फोरम का गठन करने का प्रावधान है। त्रिस्तरीय न्याय व्यवस्था की यह प्रथम संस्था है। इस फोरम का अध्यक्ष वह व्यक्ति हो सकता है, जो जिला जज हो या रह चुका हो। इसके अलावा इसमें दो सदस्य (एक महिला सहित) …

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ऋणपत्र क्या है ?

ऋणपत्रों से कम्पनी दीर्घकालीन ऋण प्राप्त करती है इसमें कम्पनी निवेशको को एक निश्चित प्रतिशत पर प्रतिवर्ष ब्याज देती है चाहे कम्पनी को लाभ हो या नहीं। जब कम्पनी को पूंजी की आवश्यकता होती है तब कम्पनी ऋणपत्र जारी करके पूंजी प्राप्त करती है या हम शेष कह सकते हैं कि ऋणदाता कम्पनी को ऋण देता …

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पार्षद सीमा नियम क्या है ?

पार्षद सीमानियम कम्पनी का सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्रलेख है। इसे कम्पनी का संविधान कहते है। इसमें कम्पनी के अधिकारो, उद्देश्यों, कार्यक्षेत्र का वर्णन किया जाता है। कंपनी को केवल वही कार्य करना चाहिए जो पार्षद सीमानियम में लिखे गये है, पार्षद सीमानियम के विपरीत किये जाने वाले कार्य अवैधानिक माने जाते है। इसे कम्पनी का चार्टर, स्मृति …

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