सार्क क्या है इसके उद्देश्यों और सिद्धांतों की व्याख्या करें?

सार्क की स्थापना का प्रयास सात देशों की 1981 में कोलम्बों में विदेश सचिव स्तर की बैठक के दौरान हुआ। दिसम्बर 1985 में ढ़ाका में प्रथम शिखर सम्मलेन आयोजित किया गया। जिसमें भारत, नेपाल, बंग्लादेश, भूटान, पाकिस्तान और श्रीलंका इसके संस्थापक सदस्य बने। अब मालदीव तथा अफगानिस्तार को मिलाकर कुल 8 सदस्य देश हो चुके हैं। …

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उदारवाद का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं सिद्धांत

उदारवाद शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘Liberalism’ का हिन्दी अनुवाद है। इसकी उत्पत्ति अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘Liberty’ से हुई है। इस दृष्टि से यह स्वतन्त्रता से सम्बन्धित है। इस अर्थ में उदारवाद का अर्थ है ‘व्यक्ति की स्वतन्त्रता का सिद्धान्त।’ ‘Liberalism’ शब्द लेटिन भाषा के ‘Liberalis’ शब्द से भी सम्बन्धित माना जाता है। इस शब्द का …

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दक्षिण दक्षिण संवाद क्या है इसके प्रमुख मुद्दों को समझाइए?

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद विकासशील देशों के लिए ‘दक्षिण’ शब्द का प्रयोग किया जाने लगा। 1945 के बाद समस्त विश्व राजनैतिक शब्दावली में दो भागों – उत्तर (विकसित) तथा दक्षिण (विकासशील) में बंट गया। उत्तर में सभी साम्राज्यवादी ताकतें या विकसित धनी देश थे। उत्तर में साम्राज्यवादी शोषण के शिकार रहे गरीब देश थे। जब इन …

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जॉन रॉल्स के न्याय के सिद्धांत का वर्णन | John Rawls’ theory of justice

जॉन रॉल्स का जन्म 21 फरवरी 1921 को अमेरिका में हुआ। जॉन रॉल्स की बचपन से ही सामाजिक समस्याओं को समझने में रुचि थी। जॉन रॉल्स एक विलक्षण प्रतिभा रखने वाले व्यक्ति थे। अपनी परिपक्व आयु में जॉन रॉल्स ने सामाजिक विषमताओं को समझकर अपने विचारों को पत्र-पत्रिकाओं में छपवाकर एक बुद्धिजीवी होने का परिचय दिया। …

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उत्तर दक्षिण संवाद क्या है?

नई अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की स्थापना के लिए उत्तर के विकसित तथा दक्षिण के विकासशील देशों के बीच उत्तर-दक्षिण संवाद की शुरुआत हुई। ‘संवाद’ से अभिप्राय-परस्पर विचार-विमर्श से है। उत्तरी (विकसित) तथा दक्षिणी (विकासशील) दक्षिणी देशों की स्थिति सुधारने के लिए प्रारंभ की गई बातचीत ‘उत्तर-दक्षिण संवाद’ (North-South Dialogue) के नाम से जानी जाती है। संक्षेप में ‘उत्तर-दक्षिण संवाद’ …

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उत्तर व्यवहारवाद का अर्थ, परिभाषा, उदय के कारण, विशेषताएं

उत्तर-व्यवहारवाद के प्रतिपादक भी व्यवहारवादी क्रान्ति के जनक डेविड ईस्टन ही हैं। डेविड ईस्टन ने व्यवहारवाद की रूढ़िवादिता, जड़ता और दिशाहीनता के कारण 1969 में इस क्रान्ति की घोषणा की। इसे नव-व्यवहारवाद भी कहा जाता है। व्यवहारवादी आन्दोलन जब अपनी सफलता की चरम सीमा पर था तो तभी विश्व समाज में अनेक सामाजिक और राजनीतिक संकटों …

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नई अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?

नई अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं? नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य वर्तमान भेदभावपूर्ण आर्थिक सम्बन्धों का निर्धारण नए सिरे से करना है। नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के समर्थक देशों का मानना है कि विकसित और विकासशील देशों में गहरी आर्थिक असमानता है। वर्तमान व्यवस्था धनी या विकसित देशों के हितों की ही पोषक है। …

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व्यवहारवाद का अर्थ, परिभाषा, कार्यक्षेत्र, आलोचना

व्यवहारवाद एक ऐसी विचारधारा, आन्दोलन, क्रान्ति या दृष्टिकोण है जिसने राजनीति शास्त्र को राजनीति का विज्ञान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह एक ऐसा प्रतिरोध आन्दोलन है जिसका जन्म परम्परागत राजनीति शास्त्र की उपलब्धियों के प्रति असंतोष का परिणाम है और राजनीति शास्त्र को आनुभाविक (Empirical) बनाने के लिए प्रयासरत् है। इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी …

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वैश्वीकरण क्या है/ अर्थ और परिभाषा/ What is Globalization

वैश्वीकरण शब्द की उत्पत्ति’ : ‘Globalization’ अंग्रेजी का शब्द है । इस शब्द की रचना, इस प्रकार होती है : मूल शब्द Globe’ है, इसका अर्थ है गोल अथवा पृथ्वी | Globe काAdjective (विशेषण) Globalहोता है। जिसका अर्थ है Taking in the whole world ( पूरे विश्व को समाहित करने वाला) Globalसे बना हुआ Verb (क्रिया) Globalize …

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राजनीतिक सिद्धांत क्या है उसकी परिभाषा

राजनीतिक सिद्धांत राजनीतिक विज्ञान के मूल क्षेत्रों में से एक है। शैक्षणिक अनुशासन के रूप में राजनीतिक सिद्धांत बिलकुल हाल ही में उभर कर आया है। इससे पहले इस उद्यम में जो लोग शामिल थे, वे खुद को दार्शनिक अथवा वैज्ञानिक मानते थे। बौद्धिक परम्परा, जो कि तत्काल व्यावहारिक चिंता के क्षेत्र को बढ़ा देते हैं, …

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