अध्यक्षात्मक सरकार क्या है कौन सी सरकार अधिक उपयुक्त है संसदीय या अध्यक्षात्मक

अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली शक्तियों के पृथक्करण पर आधारित शासन प्रणाली है। इसमें कार्यपालिका और विधायिका में आपसी सम्बन्ध संसदीय शासन की तरह घनिष्ठ नहीं होते हैं। इसमें कार्यपालिका विधायिका के नियन्त्रण से मुक्त होती है और उसका कार्यकाल भी निश्चित होता है। उसे विधानमण्डल के समर्थन और सहयोग की कोई आवश्यकता नहीं होती। इसमें राष्ट्राध्यक्ष की …

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संत ऑगस्टाइन (Saint Augustin) का जीवन परिचय एवं राजनीतिक विचार

संत ऑगस्टाइन  (Saint Augustin) का जन्म उत्तरी अफ्रीका के रोमन प्रान्त न्यू मीडिया (अल्जीरिया) के थिगस्ते नामक स्थान पर 354 ई0 में हुआ। उसके पिता एक मूर्तिपूजक (Pagan) थे और एक बड़े जमींदार थे। उसकी माँ ईसाईधर्म में विश्वास रखने वाली महिला थी। वह बचपन से ही एक प्रतिभाशाली बालक था। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर उसके पिता …

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संसदीय सरकार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं गुण एवं दोष

संसदीय सरकार को उत्तरदायी सरकार भी कहते हैं, इसमें कार्यपालक शक्तियां एक मन्त्रिमण्डल में निहित होती हैं, इसलिए मन्त्रिमण्डलात्मक सरकार भी कहा जाता है। संसदीय सरकार शासन की वह प्रणाली है जिसमें कार्यपालिका (मन्त्रिमण्डल) अपने कार्यों के लिए विधायिका (संसद) के प्रति उत्तरदायी होती है। इसलिए इसे उत्तरदायी सरकार भी कहा जाता है। इसमें कार्यपालिका अपने …

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अरस्तू के राज्य सम्बन्धी विचार। Aristotle’s conception of State

अरस्तू का जन्म 384 ईसा पूर्व में मेसीडोनिया के  स्टेजिरा नामक नगर में हुआ था, जो एथेन्स के लगभग दो सौ मील दूर उत्तर में है। अरस्तू के पिता मेसीडोनिया के राजा तथा सिकन्दर के पितामह एमण्टस के मित्र और चिकित्सक थे। ऐसा लगता है कि स्वयं अरस्तू भी बाद में एस्किलपेड्स के प्रसिद्ध चिकित्सक समाज …

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संघात्मक सरकार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, गुण/दोष

संघात्मक शासन प्रणाली ऐसी प्रणाली होती है जिसमें शक्तियों का विभाजन केन्द्र व इकाइयों के मध्य संविधान या कानूनी सीमाओं के अन्तर्गत किया जाता है। अपने अपने क्षेत्रों में स्वतन्त्र होते हुए भी केन्द्र व इकाइयां देश के संविधान के प्रति उत्तरदायी होते हैं। एक दूसरे के अधीन न होकर भी केन्द्रीय व प्रादेशिक सरकारें एक …

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प्लेटो के दार्शनिक राजा का सिद्धांत प्लेटो के अनुसार एक दार्शनिक राजा में इन गुणों का होना आवश्यक है

प्लेटो प्लेटो ने तत्कालीन एथेन्स की राजनीतिक दुर्दशा देखकर एक शक्तिशाली शासन की आवश्यकता महसूस की ताकि स्वार्थी तत्त्वों से आसानी से निपटा जा सके। उसने महसूस किया कि राजा इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि वह आसानी से एथेन्स को राजनीतिक भ्रष्टाचार, व्यक्तिवाद व अस्थिरता के गर्त से निकाल सके और राज्य में शान्ति व्यवस्था कायम …

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एकात्मक सरकार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, गुण/ दोष

एकात्मक सरकार के अन्तर्गत शासन की सारी शक्तियां केन्द्रीय सरकार के पास ही केन्द्रित रहती हैं। सारे देश में एक कार्यपालिका, एक विधायिका व एक न्यायपालिका ही होती है। यद्यपि उनको केन्द्रीय सरकार द्वारा कोई महत्वपूर्ण शक्ति नहीं दी जाती। यदि कोई शक्ति दे भी जाती है तो वे केन्द्रीय सरकार के नियन्त्रण में ही कार्य …

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प्लेटो का साम्यवादी सिद्धांत/PLATO THEORY OF COMMUNISM

प्लेटो प्लेटो ने अपने आदर्श में न्याय की प्राप्ति के लिए जो दो तरीके अपनाए हैं, उनमें से साम्यवाद का निषेधात्मक व भौतिक तरीका भी शामिल है। प्लेटो का मानना है कि आदर्श राज्य की स्थापना में तीन बाधाएँ – अज्ञान, निजी सम्पत्ति व निजी परिवार है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्लेटो शिक्षा …

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संविधानवाद का अर्थ, परिभाषा, संविधानवाद की प्रमुख विशेषताएं

संविधानवाद का अर्थ है-उत्तरदायी व सीमित सरकार (Responsible and Limited Government)। इसके आधार हैं संविधान और संविधानिक सरकार। यद्यपि इनकी निश्चित परिभाषा देना कठिन है। उपरोक्त सभी परिभाषाएं पूर्ण नहीं हैं। समय और परिस्थितियों के अनुसार संविधानवाद का अर्थ बदल जाता है। लेकिन यह बात तो सत्य है कि संविधान (लिखित या अलिखित) तथा संवैधानिक सरकार …

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प्लेटो का शिक्षा का सिद्धांत का वर्णन | Plato’s Education Theory

प्लेटो प्लेटो अपने आदर्श राज्य में न्याय की प्राप्ति के लिए जिन दो तरीकों को पेश करता है, उनमें से शिक्षा एक सकारात्मक तरीका है। समाज में शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है। शिक्षा द्वारा ही समाज में भ्रातृभाव और एकता की भावना पैदा होती है।  शिक्षा के महत्व को स्वीकारते हुए प्लेटो कहता है- “राज्य …

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