औद्योगिक नीति 1977 क्या है औद्योगिक नीति 1977 की विशेषताएँ?

इस नीति की चर्चा करने से पूर्व 1970 और 1973 की घोषणाओं को स्पष्ट करना आवश्यक हो जाता है। 1956 से लेकर 1973 तक अनेक महत्वपूर्ण घटनाएँ घटित हुई और कुछ ऐसी आर्थिक दशाएँ उत्पन्न हो गयी जिसके कारण यह आवश्यक हो गया कि सरकार अपनी पूर्व घोषित (1956) औद्योगिक नीति के व्यावहारिक स्वरूप में परिवर्तन …

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भारत में मानव संसाधन का महत्व

मानव संसाधन विकास का उद्देश्य मानवीय श्रम का सदुपयोग करना है जिसमें जनशक्ति विकास भी शामिल है। जनशक्ति का अर्थ सभी प्रकार के संगठित और असंगठित श्रमिक, नियोक्ता और पर्यवेक्षक प्रबन्धक एवं कर्मचारी से है। यह शब्द श्रम के बहुत निकट है सभी व्यक्ति जो कार्य पर लगे हुए हैं या कार्य करने योग्य हैं किन्तु …

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मुद्रास्फीति क्या है इसके कारण

अर्थव्यवस्था में जब मुद्रा की मात्रा बढ़ जाती है और उसका मूल्य कम हो जाता है और साथ ही साथ मूल्य स्तर भी बढ़ता है तो मुद्रा स्फीति की स्थिति पैदा हो जाती है। कीमत स्तर में होने वाली लगातार वृद्धि को मुद्रा स्फीति कहते है। ऐसे में सरकारी बजट में लगातार घाटा रहता है। बहुत अधिक …

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वित्तीय प्रबंधन का अर्थ, परिभाषा, कार्य एवं महत्व

वित्तीय प्रबंधन व्यावसायिक प्रबंधन का एक कार्यात्मक क्षेत्र है तथा यह संपूर्ण प्रबंधन का ही एक भाग होता है। वित्तीय प्रबंधन उपक्रम के वित्त तथा वित्तीय क्रियाओं के सफल तथा कुशल प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होता है। यह कोई उच्चकोटि के लेखांकन अथवा वित्तीय सूचना प्रणाली नहीं होती है। यह फर्म के वित्त तथा वित्त से …

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क्षेत्रीय असमानता क्या है भारत में असमानता के कारण?

क्षेत्रीय असमानता का अभिप्राय है देश के विभिन्न राज्यों के आर्थिक तथा प्रति व्यक्ति आय के स्तर में पाई जाने वाली असमानता। देश के कुछ राज्यों जैसे पंजाब, गोवा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात आदि के आर्थिक विकास की दर एवम् प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक है। इसके विपरीत कई राज्यों जैसे, बिहार, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, असम आदि …

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शून्य आधारित बजट क्या है बजट का निर्माण करने से पूर्व इन मदों/शीर्षकों को दर्शाया जाता है

जैसा कि आपको इस अवधारणा के नाम से ही स्पष्ट है कि इस बजट के अन्तर्गत कोई पूर्व निर्धारित आधार नहीं होता है। अत: इस बजट के निर्माण के लिए पूर्ववर्ती मदों को शून्य मान लिया जाता है। अर्थात् इस बजट का निर्माण बिना किसी आधार के किया जाता है। यह बजट पूर्ण रूप से लेखा …

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भारत में गरीबी के कारण, गरीबी हटाने के लिए मुख्य रूप से इन उपाय को अपनाना श्रेयस्कर होगा

जब समाज का एक भाग न्यूनतम जीवन स्तर से भी नीचे जीवन यापन के लिए विवश होते है तो यह स्थिति गरीबी की स्थिति कहलाती है। विश्व के सभी देशों में गरीबी को परिभाषित करने का प्रयास किया गया है। आय के स्तर पर विचार किए बिना यदि किसी परिवार में इस आधारिक सुविधाओं की कमी रहती …

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बजट का अर्थ, परिभाषा, सिद्धांत, बजट के गठन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधियाँ

बजट से हमारा आशय सरकार या लोकसत्ताओं द्वारा वित्तीय संसाधनों को जुटाने एवं उनको व्यय करने सम्बन्धी कार्यक्रमों की रूपरेखा से लगाया जाता है। बजट एक सरकारी प्रपत्र होता है जिसमें सार्वजनिक कार्यक्रमों को संचालित करने के लिये आवश्यक कार्यों की पूर्ति करने के स्रोत एवं मात्रा के साथ सम्बन्धित मदों का पूर्ण विवरण होता है। …

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विश्व के प्रमुख भाषा परिवार, भाषा परिवार का संक्षिप्त परिचय

परिवारों की संख्या यद्यपि अभी तक अनिश्चित है, क्योंकि ‘फ्रेडरिक मूलर’ आदि विद्वान् जहाँ 100 भाषा-परिवारों की कल्पना करते हैं, वहाँ अन्य विद्वानों की कल्पना 250 परिवारों तक जा पहुंचती है। कुछ विद्वान् केवल 10 भाषा-परिवार ही मानते हैं। ‘डाॅ. धीरेन्द्र वर्मा’ ने 12 भाषा-परिवार गिनाये हैं, जबकि ‘डाॅ. देवेन्द्रनाथ शर्मा’ ने “अपेक्षाकृत निर्विवाद और प्रमुख” …

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आभास लगान किसे कहते हैं?

आभास लगान किसे कहते हैं? आभास लगान की धारणा का प्रयोग डॉ. मार्शल ने भूमि के अतिरिक्त मनुष्य द्वारा बनाए गए उन साधनों से प्राप्त अतिरिक्त आय के लिये किया है जिनकी पूर्ति अल्पकाल में स्थिर रहती है। मार्शल के अनुसार वर्तमान पुस्तक में आभास लगान शाब्द का प्रयोग उस आय के लिए किया जाएगा जो …

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