नियुक्ति का अर्थ, महत्व एवं प्रक्रिया

किसी उपक्रम  में रिक्त पदों पर पद के अनुरूप योग्य व्यक्तियों को कार्य पर रखना नियुक्ति कहलाता है। इसमें कर्मचारियों का प्रशिक्षण एवं विकास भी शामिल है। नियुक्ति का महत्व उद्द्देयों की प्राप्ति हेतु आवश्यक- सभी संस्था की अपनी कुछ न कुछ उद्देश्य होते हैं। जिसकी पूर्ति हेतु संस्था प्रमुख नीतियों का निर्धारण करते है जिसकी …

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बीजक (व्यापार) क्या है ? बीजक बनाने से लाभ एवं बनाने की विधि

विक्रेता द्वारा क्रता को बेचे हुए माल का विवरण तैयार करके दिया जाता है, उसे बीजक कहते है। इस विवरण में बेचे हुए माल की मात्रा, माल की किस्म, माल की दर, माल का मूल्य एवं क्रेता को दी जाने वाली छूटों का वर्णन रहता है इसमे माल पर किये जाने वाले व्ययों को जोड़कर कुल …

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वैज्ञानिक प्रबंध की अवधारणा

वैज्ञानिक प्रबंध की अवधारणा एफ.डब्न्ल्यू. टेलर, जो प्रबन्ध के सुप्रसिद्ध विशेषज्ञ थे, ने अमेरिका की एक स्टील कम्पनी में प्रशिक्षु, मशीनकार, फोरमैन तथा अन्तत: मुख्य इंजीनियर के रूप में कार्य किया। टेलर ने प्रबन्ध का एक नया दृिष्टकोण सुझाया । इसे वैज्ञानिक प्रबधं के नाम से जाना जाता है टेलर के मूलभूत वैज्ञानिक सिद्धान्त निम्नलिखित हैं। कार्यानुमान …

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वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

हमारे संविधान के 19वें से 22वें अनुच्छेदों में स्वतन्त्रता के अधिकारों के विविध पक्षों का विवेचन किया गया है। 19वें अनुच्छेद में भारतीय नागरिकों को मौलिक अधिकार के रूप में निम्नलिखित स्वतन्त्रताएँ प्राप्त हैं- वाक् स्वातन्त्र्य और अभिव्यक्ति स्वातन्त्र्य की शान्तिपूर्वक और निरायुध सम्मेलन की संगम या संघ बनाने की भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र अबाध …

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नियोजन क्या है ?

साधारणत: जब कोर्इ व्यक्ति किसी कार्य को कब करना है ? कैसे करना है ? कहां करना हैं ? और किस रूप में करना है आदि प्रश्नों को विचार करता है तो एक विभिन्न विकल्पों में से किसी एक निर्णय पर पहुचता है उसे ही नियोजन कहते है साधारण शब्दो में भविष्य के कार्यों का वर्तमान …

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आंतरिक व्यापार क्या है ?

आंतरिक व्यापार से तात्पर्य उस व्यापार से है, जिसमें एक देश की सीमा के भीतर रहकर क्रेता एवं विक्रेता वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते हैं अर्थात् एक देश के निवासी अपन ही देश में वस्तु का क्रय-विक्रय करते है इसे देशी व्यापार भी कहा जाता है। वस्तुओं का क्रय एवं विक्रय व्यापारिक क्रिया का एक मुख्य अंग …

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उद्यमिता क्या है?

जो व्यक्ति जोखिम उठाता हैं तथा संसाधनों की व्यवस्था करता है, उद्यमी कहलाता है तथा वह जो कौशल दृष्टिकोण चिन्तन करता हैं उसे उद्यमिता कहते हैं। इस में उद्यमिता एवं इसकी भूमिका का अध्ययन करेंगे। उद्यमिता का अर्थ एक उद्यमी का आशय ऐसे व्यक्ति से है जो व्यापारिक अवसर की पहचान करता है, नये व्यवसाय की …

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विज्ञापन क्या है ?

आधुनिक युग विज्ञापन का युग हैं, इसके अभाव में उद्योग एवं व्यापार की उन्नति संभव नहीं है अब तक विज्ञापन का अर्थ सूचना देना, सूचित करना तथा जानकारी देना आदि तक सीमित था, लेकिन आधुनिक औद्योगिक जगत में तथा प्रतिस्पर्द्धा के युग में इसका अर्थ अधिक विस्तृत हो गया है आज के वैज्ञानिक युग मे विज्ञापन …

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मानव संसाधन नियोजन की परिभाषा, आवश्यकता, उद्देश्य एवं प्रक्रिया

मानव संसाधन नियोजन की परिभाषा गोरडन मेकवेथ के शब्दों में ‘‘जनशक्ति नियोजन के दो चरण है (क) जनशक्ति सम्बन्धी आवश्यकताओं का अनुमान लगाना और (ख) जनशक्ति की पूर्ति हेतु आयोजन करना।’’ जिसलर इ.बी. (Geisler E.B.) –‘‘मानव शक्ति नियोजन से तात्पर्य उस प्रक्रिया से है जिसमें पूर्वानुमान, विकास, नियन्त्रण व क्रियान्वयन सम्मिलित है, जिसके द्वारा संस्था को इस …

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शेयर बाजार क्या है ?

शेयर बाजार से आशय उस बाजार से है जहां नियमित कम्पनीयों के अंशपत्र, ऋणपत्र, प्रतिभूति, बाण्ड्स आदि का क्रय विक्रय होता है। शेयर बाजार एक संघ, संगठन या व्यक्तियों की संस्था है जो प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय या लेनदेन के उद्देश्य हेतु सहायक नियमन व नियंत्रण के लिए स्थापित किया जाता है फिर चाहे वह निर्गमीत हो …

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