विज्ञापन माध्यम क्या है विज्ञापन के माध्यम कौन-कौन से हैं ?

विज्ञापन माध्यम वे साधन हैं जो उत्पादक या सेवा से सम्बद्ध सूचना या संदेश को उपभोक्ता तक पहुंचाने का काम करते हैं। विज्ञापन के लिए सही माध्यम का चयन करना एक प्रकार से विज्ञापन की सफलता की चाबी हासिल करना है। यह उसकी सफलता का मूलमंत्र है। किसी भी विज्ञापन का निर्माण करते समय सबसे पहले …

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अभिवृद्धि एवं विकास का अर्थ, परिभाषा, अभिवृद्धि एवं विकास में अंतर

विकास और अभिवृद्धि से तात्पर्य गर्भावस्था से लेकर जीवन-पर्यन्त तक की स्थिति से है। गर्भावस्था से लेकर परिपक्वावस्था तक जिन परिवर्तनों से व्यक्ति गुजरता है सब विकास के अन्तर्गत आते हैं।  अभिवृद्धि एवं विकास का अर्थ  अभिवृद्धि – व्यक्ति के स्वाभाविक विकास को अभिवृद्धि कहते है। गर्भाशय में भ्रूण बनने के पश्चात जन्म होते समय तक उसमें जो …

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वित्तीय बाज़ार के कार्य क्या हैं?

वित्तीय बाजार वित्तीय सम्पत्तियों जैसे अंश, बांड के सृजन एवं विनिमय करने वाला बाजार होता है। यह बचतों को गतिशील बनाता है तथा उन्हें सर्वाधिक उत्पादक उपयोगों की ओर ले जाता है। यह बचतकर्ताओं तथा उधार प्राप्तकर्ताओं के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है तथा उनके बीच कोषों को गतिशील बनाता है। वह …

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अभिक्षमता का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं मापन

अभिक्षमता मानव क्षमता का एक प्रमुख अंश है। अभिक्षमता किसी क्षेत्र में विशेष कौशल या ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता को अभिक्षमता कहा जाता है। फ्रीमेन ने अभिक्षमता को परिभाषित करते हुए कहा कि ‘‘गुणों या विशेषज्ञों के एक ऐसे संयोग से होता है जिससे विशिष्ट ज्ञान तथा संगठित क्षमता का पता चलता है।’’ व्यक्ति के …

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वित्तीय नियोजन क्या है एक श्रेष्ठ वित्तीय नियोजन की विशेषताएं क्या है?

व्यवसाय के लिए कोषों की आवश्यकता का अनुमान लगाने तथा कोषों के स्रोतों को निर्धारित करने की प्रक्रिया को वित्तीय नियोजन कहते हैं। इसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि अपने वायदों को पूरा करने तथा योजनाओं के अनुसार कार्य करने के लिए फर्म के पास पर्याप्त कोष उपलब्ध है।  वित्तीय नियोजन के सम्बन्ध में …

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दर्शन का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, आवश्यकता एवं विशेषताएँ

दर्शन शब्द संस्कृत की दृश् धातु से बना है- ‘‘दृश्यते यथार्थ तत्वमनेन’’ अर्थात् जिसके द्वारा यथार्थ तत्व की अनुभूति हो वही दर्शन है। अंग्रेजी के शब्द फिलॉसफी का शाब्दिक अर्थ ‘‘ज्ञान के प्रति अनुराग’’ होता है। व्यापक अर्थ में दर्शन वस्तुओं, प्रकृति तथा मनुष्य उसके उद्गम और लक्ष्य के प्रतिवीक्षण का एक तरीका है, जीवन के …

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ऋण पत्र क्या है ? ऋण पत्र कितने प्रकार के होते हैं ?

ऋण पत्र से कम्पनी दीर्घकालीन ऋण प्राप्त करती है इसमें कम्पनी निवेशको को एक निश्चित प्रतिशत पर ब्याज देती है चाहे कम्पनी को लाभ हो या नहीं। जब कम्पनी को पूंजी की आवश्यकता होती है तब कम्पनी ऋण पत्र जारी करके पूंजी प्राप्त करती है या हम कह सकते हैं कि ऋणदाता कम्पनी को ऋण देता है …

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लेखांकन का सैद्धांतिक आधार, विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व

लेखांकन का सैद्धांतिक आधार लेखा पुस्तकों को तैयार करने तथा बनाएँ के लिए कुछ नियम एवं सिद्धांत विकसित किये गय है। इन नियम /सिद्धांत को अवधरणाएँ एवं परिपाटियाँ वर्गो में बाँटा जा सकता है। लेखांकन अभिलेखों को तैयार करने एवं रखने के यह आधार है। इसमें हम विभिन्न अवधारणाओं, उनके अर्थ एवं उनके महत्व को पढेग़े …

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व्यवसाय वित्त क्या है व्यावसायिक वित्त के कितने प्रकार होते हैं?

व्यावसायिक गतिविधियों की संचाति करने हेतु जिस धन की आवश्यकता होती है, उसे व्यावसायिक वित्त कहते हैं।व्यक्ति जीविकापोर्जन के लिए कोई न कोई कार्य करता हैं कोई वस्तुओं का लेनदेन करता है तो कोई अपनी कला के माध्यम से धन अर्जन करता है जैसे, डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, आदि व्यवसाय या पेशे में सफलता प्राप्त करने के …

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महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण रचनाएं

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 में वर्तमान गुजरात प्रदेश के पोरबंदर नामक स्थान पर एक वैष्णव धर्मावलंबी, संपन्न एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनका वास्तविक नाम मोहनदास कर्मचंद गांधी था। इनके पिता कर्मचंद गांधी पोरबंदर राज्य के दीवान थे और बड़े धार्मिक एवं सात्विक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इनकी माता श्रीमती पुतलीबाई भी …

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