कैबिनेट मिशन 1946 क्या है ?

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटेन में मजदूर दल की सरकार बनी तथा मि. एटली प्रधानमंत्री बने । उन्होंने केबिनेट के 3 सदस्यों को भारत भेजा जिसे केबिनेट मिशन कहा जाता है । इस मिशन ने निम्न सुझाव दिये- भारतीय संघ का निर्माण – समस्त भारत के लिए एक संघ का निर्माण किया जाए, जिसमें सभी ब्रिटीश भारत …

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प्राकृतिक विधि का अर्थ

प्राकृतिक विधि का तात्पर्य प्राकृतिक विधि का तात्पर्य ऐसे नियमों से है जो प्रकृति और मानव स्थिति से इस प्रकार सम्बद्ध है कि इन नियमों के अनुपालन के अभाव में समाज में शान्ति और प्रसन्नता कभी भी कायम नहीं की जा सकती है। ये नियम ऐसे है कि स्वयं र्इश्वर भी इनके विरूद्ध कार्य करने को …

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भारत छोड़ो आन्दोलन के कारण और परिणाम

क्रिप्स मिशन के भारत आगमन से भारतीयों को काफी उम्मीदें थीं, किन्तु जब क्रिप्स मिशन खाली हाथ लाटैा तो भारतीयों को अत्यन्त निराशा हुर्इ । अत: 5 जुलार्इ, 1942 र्इ. को ‘हरिजन’ नामक पत्रिका में गाँधीजी ने उद्घोष कि- ‘‘अंग्रेजो भारत छोड़ो । भारत को जापान के लिए मत छोड़ों, बल्कि भारत को भारतीयों के लिए व्यवस्थित …

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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अवधारणा

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की अवधारणा इलेक्ट्रानिक मीडिया अपने स्वरूप में प्रिंट मीडिया से एक दम अलग है। भले ही इसका विकास पिंट्र मीडिया से ही हुआ है और पिंट्र मीडिया के ही आर्दशों और परम्पराओं की छाया में यह फलफूल रहा है। लेकिन इसका स्वरूप इसे कर्इ मायनों में प्रिंट मीडिया से एकदम अलग बना देता है। …

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सविनय अवज्ञा आन्दोलन के कारण, महत्व एवं प्रभाव

1929 र्इ. में लाहौर के काँग्रेस अधिवेशन में कँाग्रेस कार्यकारणी ने गाँधीजी को यह अधिकार दिया कि वह सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरंभ करें। तद्नुसार 1930 में साबरमती आश्रम में कांग्रेस कार्यकारणी की बैठक हुर्इ। इसमें एक बार पुन: यह सुनिश्चित किया गया कि गाँधीजी जब चाहें जैसे चाहें सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरंभ करें। सविनय अवज्ञा आन्दोलन …

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संसद के कार्य

भारतीय ससंद के कार्य एवं शक्तियों को विधायी, कार्यपालिका, वित्तिय एंव अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है । विधायी कार्य – मूलतया संसद कानून बनाने वाली संख्या है । केन्द्र और राज्यों में शक्ति विभाजन किया गया है जिसके लिए तीन सूचियां है- संघसूची राज्य सुची एवं समवर्ती सूची। संघ सूची में 97 विषय …

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असहयोग आन्दोलन के कारण, कार्यक्रम एवं प्रभाव

भारतीयों को प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के पश्चात् अंग्रेजों द्वारा स्वराज्य प्रदाय करने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु स्वराज्य की जगह दमन करने वाले कानून दिये गये तो उनके असन्तोष का ज्वालामुखी फूटने लगा । ऐसी स्थिति में गाँधीजी के विचारों में परिवर्तन होना स्वाभाविक था । भारतीय जनता को असहयोग आन्दोलन के पक्ष …

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ज्वार भाटा के लाभ

लाभदायक प्रभाव – (1) व्यापारिक लाभ-  ज्वार-भाटा से सागरों में हलचल होती रहती है, जिससे सागर हिमावृत होने से बचे रहते हैं और उनमें जल यातायात होता रहता है। आधुनिक युग के भारी जलयानों का उथले बन्दरगाहों तक पहुँच सकना सम्भव होता है, किन्तु जब ज्वार की तरंगें इन उथलें बन्दरगाहों तक जाती है, तो वहाँ …

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भारतीय पुनर्जागरण क्या है ?

अर्थ:-पुनर्जागरण को अग्रेंजी भाषा में रिनेसां कहा गया है या यों कहे कि अग्रेंजी भाषा में रिनेसां शब्द का पुनर्जागरण हिन्दी रूपान्तर है । यह मूल रूप से फ्रांसीसी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है ‘‘फिर से जागना’’ । आधुनिक युग का प्रारम्भ पुनर्जागरण से प्रारम्भ होता है । किन्तु हम यहां पुनर्जागृत भारत की …

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दिल्ली सल्तनत के पतन के कारण

दिल्ली सल्तनत के पतन के कारण- स्थायी सेना समाप्त करना – फिरोज शाह तुगलक ने स्थायी सेना समाप्त करके सामन्ती सेना का गठन किया । सैनिकों के वेतन समाप्त कर के ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अनुदान दिया गया । अमीरों के भूमि वंशानुगत कर दिए गए थे उसी तरह सैनिकों की भूमि भी वंशानुगत कर दिया …

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