न्यायपालिका की स्वतंत्रता क्या है भारतीय संविधान में न्यायापालिका की स्वतंत्रता स्थापित करने हेतु प्रावधान?

न्यायालय की स्वतंत्रता की संकल्पना इग्लैण्ड से ली गयी है। सन् 1616 में न्यायाधीश कोक को उनके पद से (किंग बेन्च के मुख्य न्यायाधीश) पदच्युत किया गया था। इस समय न्यायाधीश अपने पद को सम्राट के प्रसादपर्यन्त धारणा करते थे और सम्राट के अन्य कर्मचारियों के समान थे। वे सम्राट की इच्छा से पद से हटाये …

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न्यायिक सक्रियता क्या है

न्यायिक सक्रियता की उत्पत्ति प्रजातन्त्र के तीन प्रमुख स्तम्भों न्यायपालिका, विधायिका एवं कार्यपालिका में से जब विधायिका तथा कार्यपालिका स्वयं को प्रदत्त कार्यों को करने में शिथिलता प्रकट करें या असमर्थ हो जाये तो प्रजातंत्र के तीसरे स्तम्भ के रूप में न्यायापालिका इन कार्यों का संपादन करने हेतु आगे आती है। यही अवधारणा न्यायिक सक्रियता कहलाती …

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संघात्मक शासन प्रणाली का अर्थ, परिभाषा, लक्षण या तत्व

शासन की शक्तियों का प्रयोग मूल रूप से एक स्थान से किया जाता है या कई स्थानों से। इस आधार पर शासन-प्रणालियों के दो प्रकार हैं-एकात्मक शासन और संघात्मक शासन। जिस शासन-व्यवस्था में शासन की शक्ति एक केन्द्रीय सरकार में संकेन्द्रित होती है, उसे एकात्मक शासन कहते हैं। इसके विपरित जिस प्रणाली में शासन की शक्तियाँ …

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पंचायती राज व्यवस्था क्या है भारत में पंचायती राज की स्थिति व सुदृढ़ीकरण के प्रयास।

‘पंचायत’ का शाब्दिक अर्थ ‘पाँच पंचों की समिति’ से है। प्राचीनकाल म ग्रामों के झगड़ों के निराकरण हेतु पाँच पंचों की समिति की व्यवस्था को अपनाया गया था। इस व्यवस्था के अंतर्गत ‘पंचायत’ शब्द का जन्म हुआ है।  पंचायती राज ग्राम पंचायत का कार्य ग्रामों तक ही सीमित होता है। प्रायः जनसंख्या एवं क्षेत्र के हिसाब …

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भारतीय निर्वाचन प्रणाली के दोष \\ भारतीय निर्वाचन प्रणाली के गुण

निर्वाचन प्रक्रिया से तात्पर्य संविधान में वर्णित अवधि के पश्चात पदों एवं संस्थाओं के लिए होने वाले निर्वाचनों की प्रारंभ से अंत तक की प्रक्रिया से है। निर्वाचन प्रक्रिया की प्रकृति भारतीय संविधान के इस उपबंध द्वारा निर्धारित हुई है कि लोकसभा और प्रत्येक राज्य की विधानसभा के लिए निर्वाचन 1951, राज्य पुनर्गठन अधिनियम सन 1956 …

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विश्व व्यवस्था से क्या अभिप्राय है

क्रम’ या व्यवस्था से सभी वस्तुओं के उचित स्थान पर होने का संकेत मिलता है। यह नियमों को लागू करने और उनका सम्मान करने को भी दर्शाता है। यदि व्यवस्था सुदृढ़ हो तो दैनिक क्रियाकलाप शांतिपूर्ण और सामान्य होंगे। पर विश्व व्यवस्था में एक देश का अपने मामलों को दूसरे देशों के साथ संचालन करने का …

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राजनीतिक दल का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, कार्य

साधारण बोलचाल की भाषा में व्यक्तियों के किसी भी समूह को जो एक समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कार्य करता है, दल कहते हैं। यदि उस दल का उद्देश्य राजनीतिक हो तो उसे राजनीतिक दल कहते हैं। यह अपने विचारों का प्रचार कर जनता को अपना अनुयायी बनाता है तथा अपने ही विचारों के अनुसार …

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मुख्यमंत्री के कार्य एवं शक्ति || Work and Power of Chief Minister.

मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। विधान सभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है। मुख्यमंत्री की सिफारिश पर बाकी मंत्रियों की नियुक्ति की जाती है। मंत्रिपरिषद् में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के लिए राज्य विधायिका के किसी एक सदन का सदस्य होना आवश्यक है। को …

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संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया

संसद में कानून किस प्रकार बनाए जाते हैं, संसद में कानून किस प्रकार बनाए जाते हैं, संसद में कानून निर्माण की प्रक्रिया, भारतीय संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया, संसद में कानून कैसे बनता है संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया संसद मुख्यता कानून बनाने वाली संस्था है। को भी प्रस्तावित कानून, संसद में एक विधेयक के रूप में …

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प्रधानमंत्री की शक्तियां एवं कार्य

प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। व्यवहार में राष्ट्रपति लोक सभा के बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्ति करते है। प्रधानमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जब लोकसभा में किसी एक दल या घटक को स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हुआ हो तो राष्ट्रपति स्वविवेक …

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