विशिष्ट बालकों के लिये निर्देशन
जे0टी0 हण्ट ने विशिष्ट बालकों की परिभाषा देते हुये लिखा है कि-’’विशिष्ट बालक वे हैं जो कि शारीरिक, संवेगात्मक व सामाजिक विशेषताओं में सामान्य बालकों से इतने पृथक हैं कि उनकी क्षमताओं को अधिकतम विकासार्थ शिक्षा सेवाओं की आवश्यकता है।’’ क्रुशांक ने विशिष्ट बालकों के सम्बन्ध में विचार व्यक्त करते हुये लिखा कि-विशिष्ट बालक वह है …