मापनी विधियाँ किसे कहते हैं निर्धारण मापनी के प्रकार

किसी मापन उपकरण द्वारा मापने की प्रविधि को मापनी विधियां कहते हैं। मापनी विधियों में निर्धारण मापनी, सामाजिक दूरी मापनी, अभिवृति मापनी, मूल्य-मापनी आदि मुख्य रूप से आती है। निर्धारण मापनी का प्रयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि केाई व्यक्ति अपने साथियों अथवा परिचितों के समक्ष अपने व्यक्तित्व के सम्बन्ध में क्या छवि …

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व्यक्ति अध्ययन विधि की प्रकृति, व्यक्ति-अध्ययन के गुण एवं दोष

व्यक्ति अध्ययन विधि एक ऐसी विधि है जिसमें किसी सामाजिक इकाई के जीवन की घटनाओं का अन्वेषण तथा विश्लेषण किया जाता है। सामाजिक इकाई के रूप में किसी एक व्यक्ति, एक परिवार, एक संस्था, एक समुदाय आदि के बारे में अध्ययन किया जा सकता है। व्यक्ति-अध्ययन का उद्देश्य वर्तमान को समझना, उन भूतकालीन घटनाओं का पहचानना …

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मानव विकास के उद्देश्य एवं महत्व

विकास की अवधारणा के विविध आयाम है: आर्थिक, राजनीतिक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक।  आर्थिक विकास का आशय है प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, कुल राष्ट्रीय उत्पाद एवं सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी। आर्थिक विकास वह विधि है जिसके द्वारा कोई राष्ट्र सामाजिक प्रगति का लक्ष्य प्राप्त करता है।  यह माना जाता है कि आर्थिक विकास वह माध्यम …

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विकास के सिद्धांत का अर्थ, परिभाषा एवं विकास के प्रारूप

विकास का व्यक्ति, समूह और समाज पर प्रभाव पड़ता है और सामाजिक परिवर्तन का विकास से सह-सम्बन्ध है। विकास का प्रारूप आर्थिक हो अथवा सामाजिक, राजनैतिक हो अथवा संसथागत, भौतिक हो अथवा अभौतिक जन-भावना की सन्तुश्टीकरण से सैद्धान्तिक रूप से जुड़ा है। विकास के सिद्धांत का अर्थ एवं परिभाषा विकास एक उध्र्वगामी प्रक्रिया है जिसे नियोजित …

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स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन || स्वामी विवेकानंद जी के शैक्षिक विचार / शैक्षिक दर्शन

स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता के एक प्रसिद्ध वकील विश्वनाथ दत्त के घर हुआ। माता प्रेम से उन्हें वीरेश्वर कहती थी पर नामकरण संस्कार के समय उनका नाम नरेन्द्रनाथ रखा गया। उनकी माता जी धार्मिक विचारों की थी। उनका परिवार एक पारंपरिक कायस्थ परिवार था, स्वामी विवेकानंद के 9 भाई-बहन …

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अभिवृत्ति का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, विधियाँ

अभिवृत्ति के मनोभावों अथवा विश्वासों को इंगित करती हैं। ये बताती हैं कि व्यक्ति क्या महसूस करता है अथवा उसके पूर्व विश्वास क्या हैं? अभिव्यक्ति से अभिप्रायः व्यक्ति के उस दृष्टिकोण से है, जिसके कारण वह किन्हीं वस्तुओं, व्यक्तियों, संस्थानों, परिस्थितियों, योजनाओं आदि के प्रति किसी विशेष प्रकार का व्यवहार करता है। अभिवृत्ति वास्तव में एक …

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सर टी0 पी0 नन का शिक्षा सिद्धान्त

प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री सर टी0 पी0 नन का जन्म 1870 में, इंग्लैंड में हुआ था। नन अध्यापकों के परिवार से जुड़े थे। उनके पिता और पितामह ने ब्रिस्टल नामक स्थान पर एक विद्यालय की स्थापना की थी। बाद में इसे वेस्टन-सुपर-मेयर नामक स्थान में स्थानान्तरित कर दिया गया। सोलह वर्ष की आयु से ही टी0 पी0 नन …

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मारिया मांटेसरी की शिक्षा पद्धति

मारिया मांटेसरी का जन्म 1870 ई0 में इटली के एक सम्पन्न तथा सुशिक्षित परिवार में हुआ था। मारिया मांटेसरी ने व्यवस्थित ढंग से शिक्षा प्राप्त की और 1894 में, चौबीस वर्ष की अवस्था में उन्होंने रोम विश्वविद्यालय से चिकित्सा में एम0डी0 की उपाधि प्राप्त की। इसके उपरान्त इसी विश्वविद्यालय में उन्हें मन्द बुद्धि बालकों की शिक्षा …

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जॉन कमेनियस का जीवन परिचय एवं जॉन कमेनियस की प्रमुख कृतियाँ

जॉन एमास कमेनियस का जन्म 1592 ई0 में मोरेविया के निवनिज नामक ग्राम में एक अत्यन्त ही विद्यानुरागी एवं प्रगतिशील समुदाय में हुआ था। इस सम्प्रदाय ने धार्मिक सुधार हेतु प्रगतिशील कदम उठाये। साथ ही साथ शिक्षा हेतु विभिन्न स्तर के शिक्षा केन्द्रों की स्थापना की। इस तरह के वातावरण में पलने-बढ़ने से शिक्षा के प्रति …

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निर्देशन के प्रतिमान का अभिप्राय

निर्देशन के प्रतिमान का अभिप्राय वह प्रारूप है जिसके अन्तर्गत निर्देशन की प्रक्रिया को संचालित किया जाता है। निर्देशक के विविध प्रतिमानों का स्वरूप समय-समय पर निर्देशन प्रक्रिया में हो रहे परिवर्तनों के कारण ही निकलकर आया है। प्रतिमानों की प्रमुख भूमिका निर्देशन प्रक्रिया को वस्तुनिषठ एवं सार्वभौमिक स्वरूप प्रदान करना है। शर्टजर एण्ड स्टोन ने …

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