सीमांत लागत विधि क्या है इसके प्रमुख लाभ, संक्षेप में

वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई निर्मित करने की लागत सीमांत लागत है। सीमांत लागत से आशय परिवर्तनशील लागतों अर्थात्, मूल लागत तथा परिवर्तनशील उपरिव्ययों के योग से है। प्रति इकाई सीमांत लागत उत्पादन के किसी भी स्तर पर राशि में हुए परिवर्तन से है जिससे कुल लागत में परिवर्तन होता है, यदि उत्पादन मात्रा एक इकाई …

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बेरोजगारी के प्रकार, बेरोजगारी के कितने प्रकार होते हैं?

बेरोजगारी योग्यता के अनुसार काम का न होना। भारत में मुख्यतया तीन प्रकार के बेरोजगार हैं। एक वे, जिनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है। वे पूरी तरह खाली हैं। दूसरे, जिनके पास कुछ समय काम होता है, परंतु मौसम या काम का समय समाप्त होते ही वे बेकार हो जाते हैं। ये आंशिक बेरोजगार …

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संसाधन का वर्गीकरण

मनुष्य प्रारंभिक समय से ही अपनी भौतिक व आत्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संसाधनों का उपयोग करता रहा है और यह प्रक्रिया ‘संसाधन उपयोग’ कहलाती है। संसाधन का वर्गीकरण संसाधन का वर्गीकरण (sansadhan ka vargikaran) हम विभिन्न कारकों के आधार पर, संसाधनों को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत कर सकते हैं।  उत्पत्ति के आधार पर संसाधनों …

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संसाधन को प्रभावित करने वाले कारक

पर्यावरण में जैविक संसाधन में जीव-जन्तु तथा वनस्पति अति महत्वपूर्ण हैं, जबकि अजैविक संसाधनों में मिट्टी, जल, वायु, आदि मुख्य हैं। ये सभी तत्व एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। प्रकृति में भूतल के प्रत्येक भाग में वनों का सृजन किया हैं, जहाँ पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रकार के जीवधारी रहते हैं। जीव-जन्तु व वनस्पति ही …

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व्यावसायिक समाज कार्य क्या है?

समाज कार्य एक विकसित व्यवसाय है जिसका निश्चित ज्ञान, प्रविधियाँ और कौशल होते है ओैर जिन्हें सीखना प्रत्येक सामाजिक कार्यकर्ता के लिए आवश्यक है। व्यावसायिक सामाजिक कार्यकर्ता में विशेषताएं होनी आवश्यक है। प्रविधियों तथा कार्यविधियों से युक्त एक ऐसा ज्ञान जिसे षिक्षण प्रषिक्षण द्वारा सीखा जा सकें और जो सैद्धान्तिक के साथ-साथ व्यावहारिक भी हो।  व्यवसाय …

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व्यावसायिक संतुष्टि की अवधारणा

व्यावसायिक संतुष्टि का सम्प्रत्यय व्यक्ति की कार्य प्रवीणता व कुशलता को स्पष्ट करता है। प्रस्तुत सम्प्रत्यय आज के उद्योगपतियों के अतिरिक्त मनोवैज्ञानिकों के शोध का एक आकर्षक विषय है। उद्योगपतियों के लिए यह विषय इसलिए लाभप्रद है क्योंकि इससे उन्हें अपने कार्यकत्ताओं की कुशलता व क्षमता को जानकर उत्पादन की गुणवत्ता का बोध हो जाता है …

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बहुराष्ट्रीय कंपनी किसे कहते हैं? | what is a multinational company (mnc) in hindi

बहुराष्ट्रीय कंपनी से आशय ऐसी कम्पनी से है, जिसके कार्य क्षेत्र का विस्तार एक से अधिक देशों में होता है जिसकी उत्पादन एवं सेवा सुविधाएं उस देश से बाहर हैं। ये कम्पनियाँ ऐसी होती है जिसका प्रधान कार्यालय एक देश में स्थित होता है परन्तु वे अपनी व्यापारिक क्रियाएं मौलिक देश में आरम्भ होने के पश्चात उसके …

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सहकारी समिति की विशेषताएं और प्रकार

सहकारी शब्द लातिन शब्द Co-operari से निकला है। जिसमें ‘Co’ का अर्थ है ‘के साथ’ तथा ‘operari’ का अर्थ है ‘कार्य करना’। सहकारी शब्द का अर्थ है साथ मिलकर कार्य करना। इसका अर्थ हुआ कि ऐसे व्यक्ति जो समान आर्थिक उद्देश्य के लिए साथ मिलकर काम करना चाहते हैं वे समिति बना सकते हैं। इसे ‘सहकारी …

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आयकर क्या है भारत में आयकर के इतिहास का वर्णन करें?

किसी व्यक्ति की गतवर्ष की आय पर सरकार द्वारा वसूला जाने वाला कर। आयकर एक वार्षिक कर होता है जो प्रत्येक कर निर्धारण वर्ष में निर्धारित दरों से गत वर्ष की कुल आय पर लगाया जाता है। यह कर प्रत्येक ऐसे व्यक्ति द्वारा जिसकी गत वर्ष (वित्तीय वर्ष) की कर योग्य आय न्यूनतम कर योग्य सीमा …

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बहुउद्देशीय परियोजना के उदेश्य, लाभ एवं हानि

एक नदी घाटी परियोजना जो एक साथ कई उद्देष्यों जैसे-सिंचाई,बाढ़ नियन्त्रण, जल एवं मृदा संरक्षण,जल विद्युत, जल परिवहन,पर्यटन का विकास ,मत्स्यपालन,कृषि एवं औद्योगिक विकास आदि की पूर्ति करती हैं;बहुउद्देशीय परियोजनायें कहलाती हैं।जवाहर लाल नेहरू ने गर्व से इन्हें ‘आधुनिक भारत के मन्दिर’कहा था। उनका मानना था कि इन परियोजनाओं के चलते कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था ‘औद्योगीकरणऔर …

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