स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन || स्वामी विवेकानंद जी के शैक्षिक विचार / शैक्षिक दर्शन

स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कलकत्ता के एक प्रसिद्ध वकील विश्वनाथ दत्त के घर हुआ। माता प्रेम से उन्हें वीरेश्वर कहती थी पर नामकरण संस्कार के समय उनका नाम नरेन्द्रनाथ रखा गया। उनकी माता जी धार्मिक विचारों की थी। उनका परिवार एक पारंपरिक कायस्थ परिवार था, स्वामी विवेकानंद के 9 भाई-बहन …

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महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार \ महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण रचनाएं

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 में वर्तमान गुजरात प्रदेश के पोरबंदर नामक स्थान पर एक वैष्णव धर्मावलंबी, संपन्न एवं प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनका वास्तविक नाम मोहनदास कर्मचंद गांधी था। इनके पिता कर्मचंद गांधी पोरबंदर राज्य के दीवान थे और बड़े धार्मिक एवं सात्विक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इनकी माता श्रीमती पुतलीबाई भी …

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रवींद्र नाथ टैगोर जी का शैक्षिक दर्शन/विचार

रवीन्द्रनाथ टैगोर रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म बंगाल में 6 मई, 1861 को हुआ था। रवीन्द्रनाथ टैगोर के पिता देवेन्द्रनाथ टैगोर तथा माताका नाम शारदा देवी था। महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर अपने समय के प्रसिद्ध विद्वान एवं उत्साही समाज सुधारक थे। इन्होंने ही सर्वप्रथम 1863 ई0 में बोलपुर के पास अपनी साधना के लिए एक आश्रम की स्थापना की। …

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जॉन कमेनियस का जीवन परिचय एवं जॉन कमेनियस की प्रमुख कृतियाँ

जॉन एमास कमेनियस का जन्म 1592 ई0 में मोरेविया के निवनिज नामक ग्राम में एक अत्यन्त ही विद्यानुरागी एवं प्रगतिशील समुदाय में हुआ था। इस सम्प्रदाय ने धार्मिक सुधार हेतु प्रगतिशील कदम उठाये। साथ ही साथ शिक्षा हेतु विभिन्न स्तर के शिक्षा केन्द्रों की स्थापना की। इस तरह के वातावरण में पलने-बढ़ने से शिक्षा के प्रति …

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रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय, भाव पक्ष और कला पक्ष

रामधारी सिंह दिनकर प्रतिभा-सम्पन्न व्यक्ति थे। रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार प्रान्त में सिमरिया नामक ग्राम में 30 सितम्बर 1908 ई. मे हुआ था। रामधारी सिंह दिनकर के पिता श्री रवि सिंह साधारण स्थिति से किसान थे। वे इतने सरल एवं साधु प्रवृति के व्यक्ति थे कि उनकी उदारता और सरलता की कहानियाँ सिमरिया में …

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संत रैदास ‘रविदास’ का जीवन परिचय

संत रविदास का जन्म वर्तमान उत्तर प्रदेश के तत्कालीन अवध प्रान्त के प्रसिद्ध ऐतिहासिक धर्मस्थली काशी नगरी (बनारस) छावनी से लगभग 04 किलोमीटर दूर माण्डूर ( मंडवाडीह) नामक गाँव में श्री हरिनन्द (दादा) जी के परिवार में हुआ था। रैदास जाति से चर्मकार थे, इसलिए रैदास की आजीविका जूते बनाने की थी।  संत रविदास के कई नाम …

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मीराबाई का जीवन परिचय | भाव पक्ष | कला पक्ष | साहित्य में स्थान एवं रचनाएं

मीरा मेडतियाँ राठौर वंश की थी, मीरा मेडतियाँ के राव दूदा के पुत्र रत्नसिंह की पुत्री थी।102 ये मेड़तियाँ राठौर की उस शाखा के थे जो जोधपुर आकर मेड़ता में बस गए थे। इस प्रकार यह शाखा मारवाड़ी राठौर की एक उपशाखा थी, मारवाड़ी शाखा के मूल पुरूष राव सीहा जी थे जो कन्नौज के राजा …

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