कविवर बिहारी लाल का जीवन परिचय

कविवर बिहारी रीतिकाल के सप्रसिद्ध व चिर्र्चत कवि है। इनका जन्म संवत् 1653 में ग्वालियर के निकट वसुआ गोविन्दपुरा गांव में हुआ था। आमेर के मिर्जा राजा जय सिंह के आश्रम में रहकर उन्होंंने सतसर्इ की रचना की । संवत् 1721 में वे परमधाम चले गये।। रचनाएँ- बिहारी सतसर्इ (700 दोहो का संग्रह उसकी सतसर्इ में …

Read more

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय

श्री हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 में बलिया (उत्तरप्रदेश) जिले के आरत दुबे का छपरा नामक ग्राम में हुआ था । काशी में उन्होंने प्रवेशिका, इंटर व ज्योतिष में आचार्य की परीक्षा उत्तीर्ण की। पहले वे मिर्जापुर के एक विद्यालय में अध्यापक हुए, वहाँ पर आचार्य क्षितिजमोहन सेन ने इनकी प्रतिभा को पहचाना और …

Read more

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का जीवन परिचय

आचार्य रामचंद्र शुक्ल का जन्म सन् 1884 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के अगोना गाँव में हुआ था। बाल्यकाल से ही आपने संस्कृत का ज्ञान प्राप्त किया एवं इंटरमीडिएट तक शिक्षा प्राप्त की। तभी से आपकी साहित्यिक प्रवृत्तियाँ सजग रहीं। 26 वर्ष की उम्र में’ हिन्दी-शब्द-सागर’ के सहकारी संपादक हुए एवं नौ वर्षों तक ‘नागरी …

Read more

समाचार के प्रकार

समाचार क्या है? समाचार की संरचना, समाचार के तत्व, समाचार बनने योग्य तत्व, समाचार लेखन की प्रकिया एवं भाषा एवं शैली जानने के बाद समाचार के प्रकार के बारे में जानना अत्यंत जरूरी है क्योंकि कर्इ प्रकार की घटनाए इस संसार में रोज घटती है। उनमे से कुछ घटनाए समाचार बनती है और इस प्रकार कर्इ …

Read more

पत्रकारिता का अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र

पत्रकारिता : अर्थ, परिभाषा एवं क्षेत्र‘ में ‘पत्रकारिता’ शब्द का अर्थ, पत्रकारिता कार्य से आशय एव पत्रकारिता की परिभाषाओ की चर्चा की गर्इ है। जैसा कि आप जानते हैं कि इस पाठयक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रो में प्रयोजनमूलक हिन्दी के प्रति जागरूकता लाना है। इस अध्याय में पत्रकारिता और पत्रकार के रिश्ते, पत्रकार के गुण, …

Read more

अंतर्राष्‍ट्रीयता की अवधारणा एवं विशेषताएं

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति क्षेत्र, जाति, लिंग, धर्म, संस्कृति, व्यवसाय अथवा अन्य किसी आधार पर ‘हम’ की भावना से बंधे रहेते हैं तो इसे भावात्मक एकता कहते हैं। मनुष्य आरम्भ से केवल अपने बारे में सोचता था धीरे-धीरे उसने दूसरो के विषय में सोचना प्रारम्भ किया जब समाज का निर्माण हुआ फिर एक …

Read more

समाज का शिक्षा पर प्रभाव

शिक्षा पर समाज के प्रभाव को नकारा नहीं जा सकता है, क्योंकि समाज शिक्षा की व्यवस्था करता है। इस प्रभाव को जा सकता है- 1- समाज के स्वरूप का प्रभाव –  समाज के स्वरूप का शिक्षा की पकृति पर प्रभाव पड़ता है, जैसा समाज का स्वरूप होगा वह शिक्षा को वैसे ही व्यवस्थित करता है। भारत …

Read more

मशीनी अनुवाद की प्रक्रिया | Process of machine translation in hindi

मशीनी अनुवाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसमें अल्प समय में मूलपाठ का अनुवाद तीव्र गति से किया जा सकता है। मशीनी अनुवाद की प्रक्रिया में मूलपाठ अर्थात् अनुवाद किए जाने वाले डाॅटा को कंप्यूटर प्रणाली में input के विकास की दिशाएँ रूप में डाला जाता है। कंप्यूटर की भीतरी प्रणाली में दोनों भाषाओं के शब्द, मुहावरा …

Read more

नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 क्या है ?

संसद ने 11 दिसंबर, 2019 को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को पारित कर दिया। राज्यसभा ने 11 दिसंबर को जबकि लोकसभा ने 9 दिसंबर, 2019 को इसे पारित किया। राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने 12 दिसंबर, 2019 को इस विधेयक को अपनी अनुमति प्रदान कर दी। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही यह विधेयक एक्ट …

Read more

बौद्ध धर्म के संस्थापक, चार आर्य सत्य, साहित्य

गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध हैं । जिनका जन्म नेपाल की तराई में कपिलवस्तु के समीप लुम्बिनी गाँव में हुआ । बुद्ध ने जो उपदेश और शिक्षा दी वह बौद्ध धर्म के नाम से जानी जाती है । भारत में बौद्ध धर्मावलम्बियों की संख्या करीब 60.30 लाख है जो कुल जनसंख्या का 0.77 प्रतिशत …

Read more