श्रवण बाधित की परिभाषा, प्रकार एवं पहचान

जब कोर्इ व्यक्ति सामान्य ध्वनि को सुनने में असक्षम पाया जाता है, तो हमें उसे अक्षम कहा जा सकता है और इस अवस्था को श्रवण क्षतिग्रस्तता कहा जाता है। हमारे देश में इस प्रकार की समस्या से ग्रसित प्राय: हर आयु वर्ग के लोग पाये जाते हैं, जिसके अनेकों कारण हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ध्वनि …

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मानक प्राप्तांक का अर्थ

अपरोक्ष प्रकृति के चरों के मापन से प्राप्त प्राप्तांकों को अर्थ देना तथा उनकी तुलना करना अपने आप में एक समस्या हो जाता है। इस तरह की परिस्थिति में प्राप्तांकों को अर्थयुक्त बनाने के लिए, प्राप्तांकों को मानक प्राप्तांकों (Standard Scores) में परिवर्तित किया जाता है। मानक प्राप्तांक अपने आप में अर्थयुक्त होते है तथा उनके …

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सहसंबंध का अर्थ और परिभाषा एवं प्रकार

सामान्यत: सहसम्बंध का अर्थ दो वस्तुओं, समूहों अथवा घटनाओं के आपसी सम्बंध से लिया जाता है परन्तु सांख्यिकी में सहसम्बंध से तात्पर्य किसी वस्तु, समूह अथवा घटना के दो या दो से अधिक चरों (Variables) के बीच पाए जाने वाले सम्बंधों से होता है। लैथरॉप के शब्दों में – ‘सहसम्बंध दो चरों के बीच पाए जाने …

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भारतीय रिजर्व बैंक के कार्य

एक केन्द्रीय बैंक के रूप में ‘‘ भारतीय रिजर्व बैंक’’ पारम्परिक कार्यों के साथ विविध प्रकार के विकास एवं प्रचार के कार्य भी करता है। भारतीय रिजर्व बैंक, अधिनियम 1934, के अनुसार यह विविध कार्य करता है जैसे नोट जारी करने वाला प्राधिकारी, सरकार का बैंकर, बैंको का बैंकर, इत्यादि। हमारे देश की मुद्रा में एक …

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मोल सिद्धांत क्या है ?

परमाणु द्रव्यमान इकार्इ (Atomic mass unit or amu)- तत्वों के परमाणु द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए आजकल कार्बन (जिसका परमाणु-द्रव्यमान 12 होता है) परमाणु के द्रव्यमान के 12 वे भाग को इकार्इ मान लिया गया है। इसे परमाणु-द्रव्यमान इकार्इ कहते है। परमाणु द्रव्यमान इकार्इ के अनुसार परमाणु द्रव्यमान की परिभाषा इस प्रकार दी जाती है- किसी …

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मूलानुपाती सूत्र और आणविक सूत्र क्या है ?

मूलानुपाती सूत्र या सरल सूत्र किसी यौगिक का वह सूत्र जो उस यौगिक के अणु में उपस्थित तत्वों के परमाणुओं की संख्याओं का सरलतम पारस्परिक अनुपात व्यक्त करता है, मूलानुपाती सूत्र या सरल सूत्र कहलाता है।लेकिन इस सूत्र सें यौगिक के अणु में उपस्थित तत्वों के परमाणुओं के वास्तविक संख्या का ज्ञान नही होता।उदाहरणार्थ- ग्लूकोज का सरल …

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चोरी बीमा क्या है ?

चोरी बीमा (Burglary or Theft Insurance) :- चोरी बीमा में प्राय: चार प्रकार की जोखिम : (1) निवास स्थान (Residence), (2) व्यापारिक (Commercial), (3) वित्तीय (Financial) और (4) विविध (Miscellaneous) शामिल हैं। इसके अलावा निवास स्थान के बाहर और अन्दर चोरी बीमा, सीमित चोरी बीमा, नकद और प्रतिभूति चोरी बीमा, व्यापारिक स्कन्ध चोरी बीमा, स्टास्कीपर चोरी …

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अग्नि बीमा क्या है ?

अग्नि बीमा में दावेदार को सिद्ध करना होता है कि हानि अग्नि द्वारा ही हुर्इ है और इसके लिए दो बातों को साबित करना आवश्यक होता है : (1) उस अग्नि में ज्वाला (ignition) प्रकट हुर्इ थी, (2) वह अग्नि आकस्मिक (accidental) थी। अग्नि में यदि ज्वाला नहीं प्रकट हुर्इ हो तब बीमा की संविदा में …

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समुद्री बीमा क्या है ?

सामुद्रिक बीमा सबसे प्राचीनतम बीमा का स्वरूप है। व्यापारिक जगत में लोग सामुद्रिक हानि आपस में बाँट लेते हैं। सामुद्रिक बीमा का प्रारम्भ कब, कहां शुरू हुआ इसका निर्णय अभी तक नहीं हो पाया। प्राचीन काल में समुद्री मार्गो से व्यापार करने वाले देशों में समुद्री हानियों से क्षतिपूर्ति प्रदान करने की रीतियां प्रचलित थी। 13वीं …

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जीवन बीमा क्या है?

जीवन बीमा की संविदा से अभिप्राय भविष्य में होने वाली ऐसी विनिर्दिष्ट घटना से संरक्षा प्रदान करना होता है जो अनिश्चित होती हैं। ऐसे विनििदृष्ट घटना से आस्तियों (Asscites) को पहुंचने वाली क्षतियों से संरक्षा प्रदान करना तथा विनिर्दिष्ट घटनाओं से होने वाली हानियों की भरपार्इ करना होता है एवं विनिर्दिष्ट घटनाओं के कारण नष्ट अस्तियों …

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