दहेज का अर्थ, परिभाषा, दहेज प्रथा के दुष्परिणाम एवं कारण

वर्तमान में दहेज एक गम्भीर समस्या बनी हुई है। इसके कारण माता-पिता के लिए लड़कियों का विवाह एक अभिशाप बन गया है। सामान्यत: दहेज उस धन या सम्पत्ति को कहते हैं जो विवाह के समय कन्या पक्ष द्वारा वर पक्ष को दिया जाता है।   फेयरचाइल्ड के अनुसार, दहेज वह धन सम्पत्ति है जो विवाह के …

Read more

अंतर्विवाह क्या है अंतर्विवाह के प्रमुख कारण?

अंतर्विवाह का तात्पर्य है एक व्यक्ति अपने जीवन-साथी का चुनाव अपने ही समूह में से करें। इसे परिभाषित करते हुए डॉ. रिवर्स लिखते हैं, अन्त:विवाह से अभिप्राय है उस विनिमय का जिसमें अपने समूह में से जीवन-साथी का चुनाव अनिवार्य होता है। वैदिक एवं उत्तर-वैदिक काल में द्विजों का (ब्राह्मण, क्षत्रीय एवं वैश्य) एक ही वर्ण …

Read more

बहिर्विवाह क्या है बहिर्विवाह के लाभ एवं हानियाँ?

बहिर्विवाह से तात्पर्य है कि एक व्यक्ति जिस समूह का सदस्य है उससे बाहर विवाह करे। रिवर्स लिखते हैं, बहिर्विवाह से बोध होता है उस विनिमय का जिसमें एक सामाजिक समूह के सदस्य के लिए यह अनिवार्य होता है कि वह दूसरे सामाजिक समूह से अपना जीवन साथी ढूँढ़े।  हिन्दुओं में बहिर्विवाह के नियमों के अनुसार …

Read more

चिकित्सा का अर्थ, लक्ष्य एवं प्रकार

किसी रोग का उपचार चिकित्सा कहलाता है। अस्वस्थ्य शरीर को स्वस्थ्य बनाना चिकित्सा कहलाता है। रोग से अरोग्यता की ओर बढ़ना, शरीर को निरोगी बनाना, चिकित्सा शब्द के ही प्र्याय है। जब “स्व” अपनी जगह पर स्थित न हो अर्थात् व्यक्ति बीमार हो तो उस रूकावट को दूर करना चिकित्सा है। चिकित्सा का लक्ष्य  चिकित्सा का …

Read more

राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3(3) – Official Language Act 1963

संविधान के अनुच्छेद 343(3) के अनुसार संसद को यह शक्ति प्रदान की गई थी कि वह अधिनियम पारित करके 26 जनवरी, 1965 के बाद भी विनिर्दिष्ट सरकारी कार्य में अंग्रेजी का प्रयोग जारी रख सकती है। इस शक्ति का उपयोग करके राजभाषा अधिनियम 1963 पारित किया गया, जिसे बाद में 1967 में संशोधित किया गया। राजभाषा …

Read more

हठयोग साधना का ऐतिहासिक विकास एवं परम्परा

सामान्यतया हठयोग का अर्थ सामान्य जन जबरदस्ती किए जाने वाले शरीर की शक्ति के विपरीत बल लगाकर किए जाने वाले योग के अर्थ में लेते है, परंतु यह उचित नहीं है। ‘हठ’ शब्द का अर्थ शास्त्रों में प्रतीकात्मक रूप से लिया गया है। शरीर, मन व प्राण को वश में करना हठयोग का लक्ष्य है, क्योंकि …

Read more

हिमनद के प्रकार और उनकी विशेषताएं

हिम रेखा से ऊपर स्थित एक विशाल बर्फ संहति (Mass of Ice) को हिमनद कहते हैं जो गुरुत्वाकर्षण के कारण गतिशील रहती है। ये उच्च अक्षांशों या उच्च पर्वतीय भागों में स्थित हिमक्षेत्र में गतिशील रहते हैं। हिमनद हिमरेखा के ऊपर बर्फ के संचयन तथा संहनन (Accumulation and Compaction) से बनते हैं। सम्पूर्ण पृथ्वी पर सभी …

Read more

जल संसाधन का महत्व एवं जल संसाधन के क्या उपयोग है?

जल एक प्राकृतिक संसाधन है, जिसको एक बार उपयोग के बाद पुन: शोधन कर उपयोग योग्य बनाया जा सकता है। जल ही ऐसा संसाधन है जिसकी हमें नियमित आपूर्ति आवश्यक है जो हम नदियों, झीलों, तालाबों, भू-जल, महासागर तथा अन्य पारस्परिक जल संग्रह क्षेत्रों से प्राप्त करते है। विश्व का 70.87 प्रतिशत भाग जलीय है जबकि …

Read more

नेपाल की प्रमुख नदियाँ, भाषा, जातियां, इतिहास

नेपाल (Nepal) मुख्यत: हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य बसा एक पर्वतीय देश है, जो भारत से पूरी तरह से घिरा हुआ है। इसकी सीमाओं में अगर मानचित्र के आधार पर देखा जाए तो उत्तर में चीन का तिब्बत क्षेत्र तथा दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम में भारत की सीमाएं आती हैं। नेपाल का सम्पूर्ण क्षेत्रफल लगभग …

Read more

भाषा कौशल का अर्थ एवं विशेषताएँ

भाषा कौशल भाषा का व्यावहारिक पक्ष है। तथ्यों, भावों, विचारो तथा कौशल में शारीरिक अंगो, ज्ञान-इन्द्रियों, कर्म-इन्द्रियो को क्रियाशील रहना पडता है। भाषा कौशल मुख माध्यम का कार्य करती है। भाषा कौशल के मुख के अंगो को अधिक क्रियाशील होना पड़ता है। शारीरिक अंगो के साथ ज्ञान-इन्द्रियॉं तथा कर्म-इन्द्रियॉं भी सक्रिय रहती है। इस प्रकार भाषा …

Read more