बेरोजगारी क्या है भारत में बेरोजगारी के कारण ?

बेरोजगारी से आशय एक ऐसी स्थिति से है जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार होता है परन्तु उसे काम नहीं मिलता। किसी देश में बेरोजगारी की अवस्था वह अवस्था है जिसमें देश में बहुत-से काम करने योग्य व्यक्ति हैं परन्तु उन्हें विभिन्न कारणों से काम नहीं मिल रहा है।  बेरोजगारी का …

Read more

John Wycliffe (जॉन वाइक्लिफ) कौन था और धर्म सुधार में उसका क्या योगदान था ?

जाॅन वाइक्लिफ आक्सपफोर्ड विश्वविद्यालय का एक प्राध्यापक था। उसने कैथोलिक धर्म के बहुत से उपदेश तथा चर्च के क्रियाकलापों की आलोचना की। उसने घोषित किया कि पोप पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि नहीं है तथा भ्रष्ट एवं विवेकहीन पादरियों द्वारा दिये जाने वाले धार्मिक उपदेश निरर्थक हैं। उसका कहना था कि ऐश्वर्य एवं विलासिता का जीवन …

Read more

John Calvin (जॉन केल्विन) कौन है और उसने क्या किया ?

जाॅन कैल्विन जाॅन कैल्विन लूथर से भी उग्र सुधरक था। वह चाहता था कि ईसाई लोग बाइबिल की शिक्षा के अनुसार ही जीवन व्यतीत करें। लूथर का तो मतभेद केवल सैद्धांतिक था तथा वह गिरजाघरों के प्रबंध में अधिक परिवर्तनों के पक्ष में नहीं था, लेकिन कैल्विन इस क्षेत्र में भी आमूल परिवर्तन करने के पक्ष में …

Read more

सामाजिक सर्वेक्षण क्या है सामाजिक सर्वेक्षण के उद्देश्य, कार्य

सामाजिक सर्वेक्षण सामाजिक विज्ञानों की एक महत्त्वपूर्ण अध्ययन-पद्धति है। यह सामाजिक समस्याओं के अध्ययन व समाधान का एक वैज्ञानिक साधन है। वैज्ञानिक इस अर्थ में है कि इसमें सर्वेक्षण कर्ता घटनाओं के प्रत्यक्ष संपर्क में आता है और कोई भी निदान या निष्कर्ष वास्तविक निरीक्षण-परीक्षण के आधार पर करता है। परंतु इस संबंध में कुछ और …

Read more

शिया और सुन्नी सम्प्रदाय में विवाद की शुरूआत कैसे हुई ?

सुन्नी-शिया सम्प्रदाय इस्लाम में सबसे बड़ा और एक सबसे शुरू का विभाजन ‘शिया’ मत के प्रकट होने का परिणाम था। अरबी शब्द ‘शिया’ का अर्थ है-दल, सम्प्रदाय अथवा संघ-भेद। बहुत से विद्वानों का मानना है कि शिया आन्दोलन विजेता अरबों के विरुद्ध ईरानियों के असन्तोष तथा संघर्ष की अभिव्यक्ति था। यह आंशिकतः सही भी है मगर …

Read more

नेहरू महालनोविस माॅडल की विशिष्ट उपलब्धियां और कमियां

नेहरू महालनोविस माॅडल नेहरू विकास माॅडल की विशिष्ट उपलब्धियां इस प्रकार हैं  कृषि उत्पादकता में भारी वृद्धि के कारण उर्वरक व तकनीकी का प्रयोग जिससे देश में खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता।  भारत में औद्योगिक क्षमता के विस्तार को कारण पूंजी वस्तुओं में कामगार व सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका।  संचालन शक्ति, सिचाई, परिवहन एवं संचार आदि के रूप …

Read more

सगुण भक्ति धारा क्या है सगुण भक्तिधारा की कितनी शाखाएँ है ?

सगुण भक्ति-धारा में ईश्वर के साकार सगुण रूप की उपासना राम और कृष्ण रूप में भगवान् विष्णु के अवतारों की कल्पना करके सख्य और सेवक भाव से भक्ति-कर ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग बताया गया। हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल (1375-1700 वि.) में भक्ति की दो धाराएं सगुण तथा निर्गुण प्रवाहित हुईं। सगुण धारा के अन्तर्गत राम-कृष्ण …

Read more

हिंदू सामाजिक जीवन में धर्म के महत्व की विवेचना

हिन्दू धर्म अगणित रूपों में हिन्दुओं के सामाजिक जीवन को अनुप्राणित करता रहा है। वह जन्म से लेकर मृत्यु तक सामान्यतः प्रत्येक हिन्दू के जीवन को अनेक धार्मिक विश्वासों, विधि- संस्कारों, आराधना विधियों और कर्तव्य पालन में दृढ़ आस्था आदि रूपों में प्रभावित करता रहा है।  हिंदू सामाजिक जीवन में धर्म का महत्व सामाजिक जीवन में …

Read more

समास किसे कहते हैं समास के भेद कितने होते हैं ?

समास का अर्थ है – संक्षिप्तीकरण। जब दो शब्दों को मिलाते हैं तो दोनों के बीच का सम्बन्ध सूचक शब्द लुप्त हो जाता है। इस प्रकार अनेक शब्दों के लिए एक समस्त पद बना लिया जाता है, इसे ही समास कहते है। कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ प्रकट करना समास का प्रमुख …

Read more

व्यावहारिक शोध क्या है ?

जब उपयोगितावादी दृष्टिकोण को लेकर उद्योग या प्रशासन के लिए तथ्यों का संकलन किया जाता है एवं नीति-निर्माताओं को इसकी आवश्यकता होती है तो इसे व्यावहारिक शोध के नाम से जाना जाता है। होर्टन तथा हंट ने बताया है कि जब किसी ऐसे ज्ञान की खोज के लिए वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया जाता है जिसकी …

Read more