गुट निरपेक्ष आंदोलन का 7वां शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

क्यूवा के राष्ट्रपति डॉ. फिदेल कास्त्रों द्वारा 31 अगस्त 1982 को गुट निरपेक्ष आंदोलन के 7वां शिखर सम्मेलन की अनुमति प्राप्त हो गयी । राष्टाध्यक्षों को सूचित किया गया कि ईरान तथा ईराक युद्ध के कारण ईराक में सम्मेलन स्थिगित करना पड़ा। गुट निरपेक्ष शिखर सम्मेलनों का सातवां शिखर सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में …

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गुट निरपेक्ष आंदोलन के 5वां शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

गुट निरपेक्ष आंदोलन का 5वां शिखर सम्मेलन 16 से 20 अगस्त 1976 ई. में कोलम्बों में हुआ। इस सम्मेलन में कुल 116 देशों ने भाग लिया जिनमें 86 देश पूर्ण सदस्य, 13 पर्यवेक्षक गैर-राज्य तथा 7 ने अतिथि सदस्य के रूप में भाग लिया। पुर्तगाल, रूमानिया, पाकिस्तान, टर्की और ईरान, फिलिपीन्स आदि प्रमुख थे जो सदस्यता …

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गुट निरपेक्ष आंदोलन का चतुर्थ शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

गुट निरपेक्ष आंदोलन के चतुर्थ शिखर सम्मेलन 1973 में अल्जीरिया की राजधानी अल्जीयर्स में 9-10 सितम्बर में हुआ इस सम्मेलन में 75 देशों के पूर्ण सदस्य और 9 देशों ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया। निर्गुट देशों में व्याप्त मत भेदों का खुला प्रदर्शन हुआ साथ ही अभूतपूर्व आत्मविश्वास और एकता का दर्शन भी हुआ।  …

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गुट निरपेक्ष आंदोलन का द्वितीय शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

गुट निरपेक्ष आंदोलन का द्वितीय शिखर सम्मेलन 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक 1964 ई. में काहिरा में किया गया। जिसमें 48 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे तथा 11 पर्यवेक्षक देश थे। इस सम्मेलन का उद्देश्य गुट निरपेक्षता के क्षेत्र को विस्तृत करना था। तथा उसके माध्यम से तनाव को कम करना था। काहिरा सम्मेलन में …

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गुट निरपेक्ष आंदोलन के 6वां शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

गुट निरपेक्ष आंदोलन का 6वां शिखर सम्मेलन हवाना (क्यूवा) में 3 सितम्बर 1979 में क्यूबा के राष्ट्रपति डॉ. फिदेल कास्त्रों ने अमरीकी विरोधी भाषण के साथ प्रारंभ किया। लगभग इसमें 95 देशों ने भाग लिया। यह प्रथम सम्मेलन था जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री का स्थान रिक्त रहा। इस सम्मेलन में विचित्र भाषण डॉ. फिदेल द्वारा दिया गया …

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गुट निरपेक्ष आंदोलन का तृतीय शिखर सम्मेलन कहां हुआ था ?

गुट निरपेक्ष आंदोलन का तृतीय शिखर सम्मेलन सितम्बर 1970 में जाम्बिया की राजधानी लुसाका में तृतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में 65 राज्यों ने भाग लिया जिनमें 53 पूर्ण सदस्य तथा 12 प्रेक्षक देश थे। इस सम्मेलन में पश्चिमी एशिया के बारे में एक निश्चित मत प्रकट किया गया। पश्चिमी एशिया के बारे …

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सगुण भक्ति धारा क्या है सगुण भक्तिधारा की कितनी शाखाएँ है ?

सगुण भक्ति-धारा में ईश्वर के साकार सगुण रूप की उपासना राम और कृष्ण रूप में भगवान् विष्णु के अवतारों की कल्पना करके सख्य और सेवक भाव से भक्ति-कर ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग बताया गया। हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल (1375-1700 वि.) में भक्ति की दो धाराएं सगुण तथा निर्गुण प्रवाहित हुईं। सगुण धारा के अन्तर्गत राम-कृष्ण …

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हिंदू सामाजिक जीवन में धर्म के महत्व की विवेचना

हिन्दू धर्म अगणित रूपों में हिन्दुओं के सामाजिक जीवन को अनुप्राणित करता रहा है। वह जन्म से लेकर मृत्यु तक सामान्यतः प्रत्येक हिन्दू के जीवन को अनेक धार्मिक विश्वासों, विधि- संस्कारों, आराधना विधियों और कर्तव्य पालन में दृढ़ आस्था आदि रूपों में प्रभावित करता रहा है।  हिंदू सामाजिक जीवन में धर्म का महत्व सामाजिक जीवन में …

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समास किसे कहते हैं समास के भेद कितने होते हैं ?

समास का अर्थ है – संक्षिप्तीकरण। जब दो शब्दों को मिलाते हैं तो दोनों के बीच का सम्बन्ध सूचक शब्द लुप्त हो जाता है। इस प्रकार अनेक शब्दों के लिए एक समस्त पद बना लिया जाता है, इसे ही समास कहते है। कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ प्रकट करना समास का प्रमुख …

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व्यावहारिक शोध क्या है ?

जब उपयोगितावादी दृष्टिकोण को लेकर उद्योग या प्रशासन के लिए तथ्यों का संकलन किया जाता है एवं नीति-निर्माताओं को इसकी आवश्यकता होती है तो इसे व्यावहारिक शोध के नाम से जाना जाता है। होर्टन तथा हंट ने बताया है कि जब किसी ऐसे ज्ञान की खोज के लिए वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया जाता है जिसकी …

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