फतवा ए जहांदारी के लेखक कौन है ?

इस कृति के रचनाकार के रूप में जियाउद्दीन बरनी जाने जाते हैं। बरनी ने इस गंन्थ में अलाउद्दीन के अनेक आर्थिक सुधार एवं सिद्धान्तों को लिखा गया है। फतवा-ए-जहांदारी की केवल एक हस्तलिखित प्रति इण्डिया आफिस के पुस्तकालय में मिलती है। इसमें 248 पृष्ठ हैं। कही-कही पृष्ठों के बीच का भाग मिट गया है। बरनी ने …

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राजा राममोहन राय का जीवन परिचय एवं उनके द्वारा लिखित पुस्तकें

राजा राममोहन राय का जन्म 1774 ई. में बंगाल में हुआ था। उन्होंने अरबी, फारसी, संस्कृत के अलावा अंग्रेजी, फ्रेंच, ग्रीक, लैटिन,जर्मन और हिबू भाषाऐं भी सीखी। राजा राममोहन का जब जन्म हुआ तब बंगाल आर्थिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक दृष्टि से आडंबरों से ग्रसित था। हिन्दू धर्म के प्रमुख ग्रंथों का उन्होंने अध्ययन किया और भारत …

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तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के कारण

तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध युद्ध के कारण 1. टीपू द्वारा फ्रांस-तुर्की से सहायता का प्रयत्न – आंग्ल-मैसूर संबंधों में परिस्थितियों से बाध्य होकर टीपू ने 1784 ई. में अंग्रेजों से मंगलौर की संधि कर ली थी परन्तु हृदय से वह अंग्रेजों का कट्टर शत्रु था। वह उनकी शक्ति को नष्ट करने के लिए दृढ़-संकल्पित था। इसीलिए उसने …

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वहाबी आंदोलन का नेतृत्व किसने किया ?

शाह वलीउल्लाह वहाबी आंदोलन धर्म सुधार आंदोलन समर्थन तथा पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के विरोध में मुसलमानों में पहली प्रतिक्रिया वहाबी आंदोलन के रूप में हुई इस आंदोलन का नेतृत्व शाह वलीउल्लाह (1702-62) ने किया। यह आंदोलन वास्तविक रूप से मुसलमानों के धार्मिक रीति रिवाजों तथा मान्यताओं में आई कुरीतियों को दूर करने का प्रयास था। इस आंदोलन का प्रमुख …

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इंदिरा गांधी जीवन परिचय

इंदिरागांधी का जन्म 19 नवम्बर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। 1930 में उन्होंनें बानर सेना का गठन किया। ये बानर सेना क्रांतिकारियों को सहयोग करती थी। 1942 में भारत छोड़ो आन्देालन में वे इलाहाबाद में गिरफ्तार की गई उन्हें नैनी केन्द्रीय जेल में रखा गया। फरवरी 1955 में वे कांग्रेस निर्वाचन समिति की सदस्य, बनाई …

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संविधानवाद की पाश्चात्य, साम्यवादी, विकासशील देशों की अवधारणाएं

संविधानवाद संविधान पर आधारित अवधारणा है। संविधान जनता का सर्वोच्च कानून होता है। प्रत्येक देश के संविधान के अपने राजनीतिक आदर्श व मूल्य होते हैं। प्रत्येक देश की संस्कृति के अपने गुण अन्य देशों से भी साम्य रखने के कारण कई देशों मेंं सांझे संविधानवाद का विकास हो जाता है। यद्यपि यह तो सत्य है कि …

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भू-आकृति विज्ञान क्या है? भू-आकृति की परिभाषा

भू-आकृति विज्ञान के अंतर्गत पृथ्वी के धरातल पर पाये जाने वाले स्थलीय रूपों यानि स्थलाकृतियों की उत्पत्ति, उनके विकास का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है । भू-आकृति विज्ञान, जिसे ग्रीक भाषा में जियोमॉर्फोलॉजी (Geomorphology) कहते हैं, का अर्थ है पृथ्वी के रूप का विवरण । भू-आकृति विज्ञान, पृथ्वी के रूप का सुव्यवस्थित और क्रमबद्ध विवरण है …

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संविधानवाद की समस्याएं व सीमाएं और उनका निराकरण

  संविधानवाद की समस्याएं व सीमाएं संविधानवाद आधुनिक लोकतन्त्र का मूल मन्त्र है। संविधानवाद के बिना लोकतन्त्रीय आदर्शों व सिद्धान्तों का न तो विकास सम्भव है और न ही उनकी रक्षा। राष्ट्र संघ की स्थापना के बाद संविधानवाद को साम्यवादी क्रान्ति ने उदारवादी प्रजातन्त्रीय सिद्धान्तों को चोट पहुंचाई और इटली में फासीवाद, जर्मनी में नाजीवाद तथा …

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संगीत में लय कितने प्रकार की होती हैं ?

संगीत में स्वर का लय में निबद्ध होना अनिवार्य है। लय भी सप्तकों के समान तीन स्तरों से गुजरती है, सामान्य लय को मध्य लय कहा जाता है। सामान्य से तेज लय को द्रुत लय एवं सामान्य से कम लय को विलिम्बत लय कहा जाता है। संगीत में लय के प्रकार संगीत में लय चार प्रकार …

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गुणवत्ता का आशय, परिभाषा एवं विशेषताएँ

गुणवत्ता का आशय किसी वस्तु के गुणों को कोई कितना महत्व देता है, से है । प्रत्येक वस्तु की उपयोगिता एवं उत्तमता अलग-अलग होती है ओर प्रत्येक व्यक्ति गुणवत्ता का उल्लेख भी अपने ढंग से करता है । जैसे-‘चावल’ । आमतौर पर कई गुणों से युक्त होने के कारण इसे लोग गुणकारी कहेंगे परन्तु, यह कहना …

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