ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम का जीवन परिचय

डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 तमिलनाडु राज्य के धनुषकोडी गाँव, रामेश्वरम के तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का पूरा नाम डाॅक्टर अबुल पाकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम है। उनके पिता जैनुलाब्दीन एक नाविक थे। उनकी माँ आसिंमा एक गृहिणी थी। कलाम अपने परिवार में चार भाइयों और एक बहन में …

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लोकगीत से क्या आशय है

लोकगीत लोक की पारम्परिक छोटी-छोटी कविताएँ हैं, जिनमें जीवन के समस्त सुख-सौन्दर्य, हास – उल्लास, दुःख तनाव प्रतिबिम्बित होते हैं। लोक काव्य की यह जीवन धारा लोक के सांस्कृतिक जीवन में निरन्तर बहती है। लोक समाज में प्रचलित विभिन्न संस्कार, अनुष्ठान और रीतिरिवाज लोककविता की अभिव्यक्ति के अवसर है । जन्म, विवाह द्वारागमन आदि मांगलिक अवसरों …

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क्रिप्स मिशन भारत कब आया, क्रिप्स मिशन में कितने सदस्य थे

ब्रिटिश सरकार ने 1939 से आरंभ हुए द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीयों से बिना पूछे भारत को युद्ध में शामिल कर लिया था। इसके बाद विभिन्न प्रांतों के काँग्रेस मंत्रिमंडलों ने त्यागपत्र दे दिया। भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने ब्रिटिश सरकार से स्वतंत्रता एवं संविधान की मांग की। इसी समय अंतर्राष्ट्रीय स्थिति तेजी से बदल रही थी। …

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थियोसोफिकल सोसाइटी की स्थापना कब हुयी?

थियोसाॅफि शब्द ग्रीक भाषा के Thoes (God) और सोफिया Wisdom शब्दों से मिलकर बना है जिससे इसका अर्थ ईश्वरीय ज्ञान है। आधुनिक समय में इस शब्द का प्रयोग ‘थियोसाॅफिकल सोसायटी’ ने किया जिसकी स्थापना 1875 ई. में मॅडम हैलन ब्लेवत्सकी तथा एच. एस अल्काट ने की। 1886 ई. में मद्रास के निकट अड्यार नामक स्थान पर थियोसाॅफिकल …

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एकार्थी शब्द : परिभाषा और उदाहरण

एकार्थी शब्द उन्हें कहते हैं, जिनका वाच्यार्थ एक ही होता है। दूसरे शब्दों में समान अर्थ की प्रतीति कराने वाले शब्दों को एकार्थी शब्द कहते हैं। एकार्थी शब्दों के उदाहरण कुछ एकार्थी शब्दों के उदाहरण इस प्रकार हैं- अपयश – बदनामी अहंकार  – घमंड आसक्ति – गहरी चाह उत्तम – श्रेष्ठ, अच्छा अभिनेता  – कलाकार अपराध  …

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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय

मुंशी प्रेमचंद का जन्म शनिवार 31 जुलाई, 1880 ई. में बनारस के लमही नामक गाँव में कायस्थ परिवार में हुआ था। प्रेमचदं का बचपन का नाम धनपतराय था, हालाँकि उनके चाचा-ताऊ स्नेहवश उन्हें नवाबराय के नाम से भी सम्बोधित करते थे। अपने साहित्यिक जीवन का शुभारंभ उन्होंने नवाबराय के नाम से ही किया था किन्तु पत्राचार …

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कादम्बरी क्या है ?

‘कादम्बरी’ संस्कृत साहित्य की सर्वाेत्कृष्ट गद्य रचना है। इस कथा ग्रन्थ का उपजीव्य है गुणाढ्य की ‘बृहत्कथा’। कवि-कल्पित कथानक होने के कारण यह गद्य रचना ‘कथा’ विधा के अन्तर्गत परिगणित होती है। यह दो खण्डों में विभक्त है- पूर्वार्ध तथा उत्तरार्ध। पूर्वार्ध में पूरे ग्रन्थ का दो तिहाई भाग है और यह बाणभट्ट की रचना है, …

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योग मुद्रा आसन की विधि, लाभ, सावधानियाँ

इस आसन का प्राचीन पुस्तकों में उल्लेख नहीं मिलता है, बल्कि यह आसन वैज्ञानिकों ने परंपराओं एवं आसन के लाभों को देखते हुए इसे तैयार किया है। इसे योगमुद्रा के नाम से जाना जाता है। योग मुद्रा एक प्राचीन तकनीक है जिसका अभ्यास हम प्राणायाम और मेडिटेशन के दौरान करते हैं। मुद्रा संस्कृत का शब्द है …

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मदर टेरेसा का जीवन परिचय

मदर मैरी टेरेसा एग्नेस गोंझा बोयाजिजू जिन्हें हम मदर टेरेसा के नाम से जानते हैं। रोमन कैथेलिक चर्च द्वारा इन्हें कलकत्ता की संत टेरेसा के नाम से नवाजा गया था। वर्ष 1910 को मदर टेरेसा का जन्म उत्तर मैसेडोनिया में हुआ था। मदर टेरेसा रोमन कैथोलिक नन थी जिन्होनें 1948 में स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता ले …

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भ्रामरी प्राणायाम करने की विधि, लाभ और सावधानियां

इस प्राणायाम को करते समय पूरक तथा रेचक में भौंरे तथा भौंरी जैसी आवाज मुख से उत्पन्न होती है, अतः इसे भ्रामरी प्राणायाम के नाम से जाना जाता है।  इसको सुखासन, वज्रासन, सिद्धासन अथवा पद्मासन में बैठकर करना चाहिए। मानसिक तनाव एवं विचारों पर नियंत्रण पाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम किया जाता है।  भ्रामरी प्राणायाम करने …

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