लार्ड कार्नवालिस के न्यायिक सुधार, कानूनों में सुधार, राजस्व सुधार

फरवरी, 1785 ई. में वारेन हेस्टिंग्स त्याग-पत्र देकर इंग्लैण्ड वापस चला गया। उसके स्थान पर काउंसिल का एक वरिष्ठ सदस्य जाॅन मैकफर्सन गवर्नर जनरल नियुक्त किया गया। सितम्बर, 1786 ई. में कार्नवालिस के आने तक वह इस पद पर रहा। वह 1786 ई. से 1793 ई. के बीच एवं 1805 ई. में भारत का गवर्नर जनरल …

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वारेन हेस्टिंग्स के सुधारों का वर्णन

क्लाइव ने बंगाल में सन् 1765 में दोहरा शासन प्रबंधन स्थापित किया और ये सन् 1772 तक विद्यमान रहा। 1770 ई. में भीषण अकाल पड़ा। प्रकृति ने भी बंगाल की दुव्र्यवस्था की ओर भी भयंकर बना दिया। कृषि का हृास हुआ और भूमिकर से प्राप्त होने वाली आय घट गयी, कंपनी का व्यापार भी कम हो …

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साक्षात्कार विधि क्या है? इसकी विशेषताओं का वर्णन

साक्षात्कार एक आत्म-निष्ठ विधि है, जिसके द्वारा व्यक्ति की समस्याओं तथा गुणों का ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। इसमें दो व्यक्तियों में आमने सामने मौखिक वार्तालाप होता है, जिसके द्वारा व्यक्ति की समस्याओं का समाधान खोजने तथा शारीरिक और मानसिक दशाओं का ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है।  साक्षात्कार विधि की परिभाषा साक्षात्कार …

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केस अध्ययन विधि क्या है? केस अध्ययन विधि के लाभ, दोष

किसी व्यक्ति, समूह या संस्था के संबंध में गहन अध्ययन हेतु एक महत्वपूर्ण विधि केस अध्ययन विधि है। इस विधि के द्वारा व्यक्ति में रोगात्मक लक्षणों को पहचान कर कारणों के ज्ञान के आधार पर निदान किया जाता है। अतः इसे नैदानिक विधि भी कहते हैं। इस विधि के द्वारा अध्ययनकर्ता किसी रोगी व्यक्ति के व्यवहार …

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अवलोकन विधि क्या है? अवलोकन विधि के दोष

अवलोकन विधि के अन्तर्गत अवलोकनकर्ता दूसरों की मानसिक क्रियाओं का अध्ययन करता है। गुड तथा हेट (1964) के मतानुसार विज्ञान अवलोकन से प्रारम्भ होता है और अपने तथ्यों की पुष्टि के लिए अन्त में अवलोकन का ही सहारा लेता है। इस कथन से अवलोकन विधि की महत्वपूर्णता स्पष्ट होती है।  यंग (1954) ने बताया है, कि …

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धर्मनिरपेक्षता क्या है धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की विशेषताएं ?

धर्मनिरपेक्षता वह तत्व है, जिसके अनुसार राज्य के कार्यों में धर्म तथा धार्मिक कार्यों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ धर्मनिरपेक्षता अति उच्चस्तरीय धार्मिक व्यापकता तथा सहिष्णुता है, जो किसी संकीर्ण धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित न होकर सहनशीलता, स्वतंत्रता, धैर्य, मानवीयता व सार्वभौमिक भातृत्वभाव पर आधारित है।उपर्युक्त विवेचना से भारतीय धर्म-निरपेक्ष राज्य-व्यवस्था के बारे में निम्नांकित बातें …

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अधिकतम सामाजिक लाभ के सिद्धांत की आलोचनात्मक व्याख्या

आधुनिक राज्य कल्याणकारी राज्य है जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों का अधिकतम कल्याण करना है। सरकार की राजकोशीय व बजटीय गतिविधियां संपूर्ण अर्थव्यवस्था को बहुत प्रभावित करती है। इसलिए सार्वजनिक वित्त लगाते समय सार्वजनिक वित्त के कार्यों के लिए कुछ ऐसे कारक स्थापित किए जाए जिससे अधिकतम सामाजिक कल्याण प्राप्त किया जा सके। इसी कारण इस सिद्धांत …

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सार्वजनिक वित्त क्या है? सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र तथा प्रकृति का वर्णन

सार्वजनिक वित्त सरकार के आय व व्यय का विस्तृत अध्ययन है। इसके द्वारा राज्य द्वारा अर्जित आय तथा सार्वजनिक अधिकारियों द्वारा किए गए व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत किया जाता है। सरकार के आय व व्यय को सीमान्त समन्वय के द्वारा नियमित किया जाता है ताकि अधिकतम जनहित प्राप्त किया जा सके। सार्वजनिक वित्त से अभिप्राय …

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अर्थव्यवस्था पर सार्वजनिक ऋण के प्रभावों की विवेचना

जिस प्रकार सार्वजनिक व्यय तथा करारोपण के आर्थिक प्रभाव होते हैं, उसी प्रकार सार्वजनिक ऋण के प्रभाव भी उपभोग, उत्पादन, वितरण तथा आर्थिक व्यवस्था पर पड़ते हैं। ये प्रभाव ऋण के आकार, अवधि, प्रकार व शर्तों पर निर्भर करते हैं। आसानी से प्राप्त होने वाले या सुलभ ऋण (Soft Loans) के प्रभाव कठोर ऋण (Hard Loans) …

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सार्वजनिक ऋण के प्रकार या वर्गीकरण

वर्तमान समय में सरकार के आर्थिक और विकास सम्बन्धी कार्य पहले से काफी अधिक हो गये है। इन कार्यों में वृद्धि होने के कारण सार्वजनिक व्यय में भी काफी अधिक वृद्धि हुई  है। इसके लिए सरकार को कई  साधनों से धन प्राप्त करना अर्थात् ऋण लेना पड़ता है। सरकार द्वारा लिये गये इस ऋण को ही …

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