प्लेटो का जीवन परिचय एवं शिक्षा दर्शन

प्लेटो का जन्म 427 र्इसा पूर्व में एथेन्स के एक अत्यन्त ही समृद्ध तथा कुलीन परिवार में हुआ था। उसका पालन-पोषण अमीरों की भाँति हुआ। पर वैभव और ऐश्वर्य का यह वातावरण प्लेटो के व्यक्तित्व के विकास को अवरोधित नहीं कर सका। वह बहुआयामी व्यक्तित्व का स्वामी था। उसने तत्कालीन उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। वह …

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दूर शिक्षा में अनुसंधान

अनुसंधान किसी विषय क्षेत्र को सम्बन्धित समस्या का सर्वागीण विश्लेषण हैं। वास्तव में अनुसंधान वह प्रक्रिया है जिसमें प्रदत्तों के विश्लेषण के आधार पर किसी समस्या के विश्वसनीय समाधान को ज्ञात किया जाता है। आप जानते है कि यह एक व्यक्तिगत एवं सुनियोजित प्रक्रिया है जिसके द्वारा मानवीय ज्ञान में वृद्धि की जाती है और मानव …

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दूरस्थ शिक्षा परिषद क्या है ?

दूरस्थ शिक्षा परिषद् इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के अन्तर्गत स्थापित एक विद्यालयी संस्था है, जो कि देश भर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा की देख-रेख तथा प्रचार-प्रसार के लिये उत्तरदायी है। विश्व भर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा एक लोकप्रिय माध्यम के रूप में उभर रहा है। इसको नियमित शिक्षा के विकास के रूप में …

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स्व-अधिगम सामग्री क्या है ?

स्व-अधिगम साग्रमी दूरस्थ शिक्षा की मूलाधार है। इसे स्व-अनुदेशनात्मक, स्व-अध्ययन सामग्री एवं स्व-शिक्षण सामग्री के रूप में पुकारा जाता है। सभी नामों के मूल में एक ही तथ्य है अपने आप पढ़ने-सीखने वाली सामग्री अर्थात् ऐसी पाठ्यवस्तु सामग्री जिसे अध्येता स्वतंत्रत रूप से अध्ययन करके अपनी गति अपनी रूचि से सीखता है, और स्वयं अपना शिक्षण …

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दूरस्थ शिक्षा का ऐतिहासिक विकास

दूरस्थ शिक्षा का उद्भव  पत्राचार के रूप में दूरस्थ शिक्षा का इतिहास 1840 से मानी जाती है। आधुनिक नवीन प्रणाली का प्रारम्भिक रूप ‘‘ओल्ड टैसटामन’’ के अनुदेशनात्मक लेखों से मिलता है, इसके अतिरिक्त आम धारणा के अनुसार इसका प्रारम्भ 1840 र्इ0 में आइजक पिटमैन द्वारा शार्ट हैण्ड पाठ्यक्रम पेनी डॉक से भेजने से हुआ है। 1856 …

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परामर्श की प्रक्रिया

मिस ब्रेगडन ने इन परिस्थितियों के उत्पन्न होने पर परामर्श की आवश्यकता को इंगित किया है- वह परिस्थिति जब कि व्यक्ति न केवल सही सूचनायें चाहता है वरन् अपने व्यक्तिगत समस्याओं का भी समाधान चाहता है। जब विद्याथ्री अपने से अधिक बुद्धिमान श्रोता चाहता है जिससे वह अपनी समस्याओं का समाधान और भविष्य के लिये परामर्श …

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परामर्श की परिभाषा एवं विशेषताएँ

परामर्श शब्द एक प्राचीन शब्द है फलत: इसकी अनेक परिभाषायें हैं। राबिन्सन के अनुसार-’परामर्श शब्दो व्यक्तियों के सम्पर्क में उन सभी स्थितियों का समावेश करता है जिसमें एक व्यक्ति को उसके स्वयं के एवं पर्यावरण के बोध अपेक्षाकृत प्रभावी समायोजन प्राप्त करने में सहायता की जाती है।’ कार्ल रोजर्स ने परामर्श को आत्मबोध की प्रक्रिया में …

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कैरियर या वृत्तिक निर्देशन एवम स्थापन्न

वृत्तिक विकास वास्तव में मानसिक विकास के समानान्तर चलता है। बूलर (1933) द्वारा किये गये वृत्तिक विकास के सिद्धान्तों को सुपर (1957) ने प्रयोग किया। सम्पूर्ण वृत्तिक विकास के चरणों में उत्पित्त, व्यवस्थित, रख-रखरखाव एवं पतन की अवस्था मुख्य केन्द्र बिन्दु हैं। जिन्जबर्ग (1951) ने वृत्तिक चयन की अवस्था को निम्न चरणों में बांटा। 1) कल्पना अवस्था …

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व्यावसायिक निर्देशन क्या है ?

यूरोप तथा पश्चिम के अन्य देशों में औद्योगिक क्रान्ति के कारण भौतिकता की लहर समग्र विश्व में दौड़ गयी। अमेरिका जैसे सुविकसित महादेश ने प्रयोजनवादी दर्शन अपनाया जिसके कारण उसके सम्मुख मुख्य समस्या राष्ट्र की सम्पत्ति के पूर्ण उपभोग की हुर्इ। किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक है कि उसकी मानवीय एवं प्राकृतिक पूँजी …

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व्यक्तिगत निर्देशन क्या है ?

व्यक्ति की कुछ निजी समस्याएँ भी होती है जिनका समाधान वह स्वयं नही कर पाता। मानव जीवन के सम्यक उत्थान के लिए आवश्यक है कि उसका जीवन समस्या रहित हो, वास्तव में निजी समस्याएँ उसके सम्पूर्ण जीवन के विकास को प्रभावित कर देती है। तनावग्रस्त शरीर, मन एवं जीवन किसी अन्य क्षेत्र में विकास एवं समायोजन …

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