संविधान किसे कहते हैं भारत के संविधान का निर्माण कब हुआ ?

संविधान नियमों का वह संग्रह है जो उन उद्देश्यों की प्राप्ति कराता है जिनके लिए शासन शक्ति प्रवर्तित की जाती है और जो शासन के उन विविध अंगों की सृष्टि करता है जिनके माध्यम से सरकार अपनी शक्ति का प्रयोग करती है। संविधान एक ऐसा दस्तावेज है जिसके अनुसार किसी देश की सरकार का कार्य चलाया जाता …

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वुड के घोषणा पत्र की प्रमुख विशेषताएं

भारतीय शिक्षा के प्रवर्तकों में प्रायः ऐसे लोग आते हैं, जिन्होंने भारतवर्ष में रहकर तथा यहां की शैक्षिक परिस्थितियों और आवश्यकताओं की न्यनाधिक जानकारी प्राप्त कर अपने विचारों या कार्यों से उसके विकास में योगदान दिया । किन्तु उसके प्रवर्तकों में एक ऐसा भी व्यक्ति था, जिसने भारत भूमि से सहस्त्रों को दूर इंग्लैण्ड में बैठकर …

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सामाजिक स्तरीकरण (Social Stratification) अर्थ, परिभाषा, विशेषता

अधिकतर समाजों में व्यक्ति एक-दूसरे को विभिन्न वर्गों में वर्गीकृत करते हैं तथा इन वर्गों को उच्च से निम्न तक की विभिन्न श्रेणी में रखते हैं। इस प्रकार के वर्गीकरण की प्रक्रिया को सामाजिक स्तरीकरण कहा जाता हैं। सामाजिक स्तरीकरण से आशय ऐसे समाज से है, जो विभिन्न स्तरों में विभाजित रहता है उदाहरण के तौर पर …

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भू-राजनीति क्या है? अर्थ, परिभाषा, विषय क्षेत्र, ऐतिहासिक विकास

भू-राजनीति (Geopolitics) दो शब्दों से मिलकर बना है (Geo) जियो एंव पाॅलीटिक्स (Polition) । जियों का सम्बध भैगोलिक तत्वों से है एवं पाॅलीटिक्स का सम्बंध राजनीतिक रूचियों से हैं जियोपाॅलीटिक्स शब्द का शाब्दिक अर्थ है देश का सामाजिक राजनीतिक एवं आर्थिक विकास में भूगोल (Geography) का क्या योगदान है। प्रमुख भौगोलिक तत्व जैसे स्थान जलवायु, प्राकृतिक …

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सिंधु घाटी सभ्यता का आर्थिक जीवन, सामाजिक जीवन, धार्मिक जीवन

सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) का उदय 5000 ई. पू. हुआ था। इस घाटी का क्षेत्र नील घाटी तथा टिगरिस दजला-फरात यूफरेटस के क्षेत्रफल से अधिक था। सिंध के लरकाना जिले में खुदाई स्वरूप प्राप्त हुए जिसे मोहनजोदड़ों के नाम से पुकारे जाने वाले एक भव्य नगर के अवशेष प्राप्त हुए। यह भी पढ़ें: हड़प्पा सभ्यता …

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संबंधसूचक अव्यय । संबंधसूचक अव्यय के भेद

संबंधसूचक वे अविकारी शब्द है, जो संज्ञा या सर्वनाम के अनंतर प्रयुक्त होता है, और वाक्य में आये हुए अन्य शब्दों के साथ उसका संबंध प्रकट करतें हैं। उदा. 1. सीता घर के बाहर है। 2. बिना मेहनत के सफलता नहीं मिलती। संबंधसूचक के भेद 1. प्रयोग के अनुसार भेद प्रयोग के अनुसार संबंध बोधक के …

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नेपोलियन तृतीय की गृह नीति और आर्थिक सुधार

लुई नेपोलियन इस युग के यूरोपीय राजनीतिज्ञो में लुई नेपोलियन सबसे अद्भुत था। उसके जीवन चरित्र तथा उसके साम्राज्य की कथा का उन्नीसवीं शताब्दी के इतिहास में केन्द्रीय स्थान है। लुई नेपोलियन तृतीय का जन्म 1808 में पेरिस में के राजमहल में हुआ था। उसका शैशव लाड़-प्यार, वैभव में बीता, जब 1815 में फ्रांस में बूर्बो-वंश की …

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राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन के उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन के उद्देश्य 1. शिक्षा का भारतीयकरण- इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य अंग्रेजों द्वारा प्रसारित की गई पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति व ज्ञान-विज्ञान के स्थान पर भारतीय शिक्षा संस्कृति का प्रचार करता था, जो भारतीय संस्कृति व जनता के अनुरूप हो। अतः पाठ्यचर्याओं को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों को समुचित स्थान दिया जाए।  2. …

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पाषाणकाल किसे कहते हैं ? पाषाण काल का विभाजन

जिस काल में मानव अपने औजार और हथियार पत्थर के बनाते थे उसे पाषाणकाल कहते हैं।  पाषाण काल का विभाजन उपकरणों की बनावट में भिन्नता के आधार पर पाषाणकाल को तीन भागो में विभाजित किया जाता है- पुरापाषाणकाल मध्यपाषाणकाल नवपाषाणकाल 1. पुरापाषाण युग सम्भवतया 500000 वर्ष पूर्व द्वितीय हिम युग के आरम्भ काल में भारत में …

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प्राचीन भारतीय इतिहास को जानने के पुरातात्विक स्रोत क्या है?

इतिहासकार प्राचीन भारतीय इतिहास को तीन भागो में बाॅटते हैं। वह काल जिसके लिये कोई लिखित साधन उपलब्ध नहीं है जिसमें मानव का जीवन अपेक्षाकृत पूर्णतया सभ्य नहीं था, ‘प्रागैतिहासिक काल‘ कहलाता है। प्रागैतिहासिक काल के अन्तर्गत पाषाणकाल की गणना होती है। वह काल जिसके लिए लेखन कला के प्रमाण तो हैं किन्तु या तो वे …

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