समता पर व्यापार (Trading on Equity) क्या है समता पर व्यापार के प्रकार ?

जब कोई कम्पनी समता अंश पूँजी की बजाय ऋण पूँजी के आधार पर अपने व्यवसाय का संचालन करती है तो इसे समता पर व्यापार करते हैं। कुल पूंजीकरण में ऋण पूँजी का अनुपात अधिक रखकर समता अंशों पर आय बढ़ाई जा सकती है। गेस्टर्नबर्ग के अनुसार-‘‘जब कोई व्यक्ति या निगम स्वामित्व पूँजी के साथ ऋण पूँजी …

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वित्तीय प्रणाली से क्या तात्पर्य है ? विभिन्न वित्तीय संस्थाओं का वर्णन

वित्तीय प्रणाली सामान्यतया आर्थिक क्रियाओं का एक नियमन तंत्र होता है। इसके अन्तर्गत वित्तीय संस्थाओं, उपकरणों, सेवाओं, साधनों, कार्यविधियों, व्यवहारों एवं बाजारों के समूह के रूप में इसको विश्लेषित किया जाता है। ये सभी समूह एक दूसरे से अन्र्तसम्बन्धित होते हैं। इस प्रकार वित्तीय प्रणाली के अन्तर्गत आर्थिक क्रियाओं में बचतों, विनियोगों, विनियोगों का अनुकूलतम आबंटन …

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वार्षिकी क्या हैं ? वार्षिकी के विभिन्न प्रकारों का वर्णन

सामान्यतः वार्षिकी शब्द का अभिप्राय वार्षिक आधार पर किये जाने वाले भुगतानों/प्राप्तियों से माना जाता हैं, लेकिन व्यावहारिक तौर पर इसके अन्तर्गत किसी भी समयावधि यथा मासिक, त्रैमासिक, छमाही अथवा वार्षिक समय अवधियों के अन्तर्गत किये जाने वाले भुगतानों/प्राप्तियों को भी वार्षिकी के अन्तर्गत सम्मिलित किया जाता है। इस प्रकार वार्षिकी से आशय एक निश्चित अवधि …

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मुद्रा का समय मूल्य क्या है ?

मुद्रा के समय मूल्य की अवधारणा से आशय, यदि किसी व्यक्ति को वर्तमान में 50,000 रूपये लेने अथवा भविष्य में दो वर्ष पश्चात 50,000 रूपये स्वीकार करने का विकल्प प्रस्तुत किया जाता है, तो वह भविष्य की तुलना में वर्तमान में 50,000 रूपये स्वीकार करने को वरियता प्रदान करेगा। उसके इस निर्णय के परिपेक्ष्य में विभिन्न …

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द्वयाधिकार किसे कहते है ?

जब किसी वस्तु की कुल पूर्ति पर केवल दो फर्मों का अधिकार होता है तब इसे द्वयाधिकार कहते हैं। यह बाजार की वह स्थिति है जिसमें दो फर्में या तो एक प्रमापित वस्तु या ऐसी वस्तुएं उत्पादित करती हैं जिनमें बहुत कम अंतर है। सामान्यतः दो वस्तुएं एक ही प्रकार की होती हैं। उन दोनों वस्तुओं …

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अल्पाधिकार बाजार किसे कहते हैं ? अल्पाधिकार बाजार ढाँचे की तीन आधारभूत विशेषताएँ

जब किसी वस्तु की कुल पूर्ति पर कुछ बड़ी फर्मों का अधिकार होता है तो इसे अल्पाधिकार कहते हैं। इस स्थिति में विक्रेता बहुत कम होते हैं, इसलिस वे वस्तु की पूर्ति तथा इसकी कीमत के प्रति सजग रहते हैं। एक विक्रेता की नीति का प्रभाव दूसरे पर भी पड़ता है। इस प्रकार सभी विक्रेताओं में …

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एकाधिकार प्रतियोगिता का क्या अर्थ हैं?

एकाधिकार प्रतियोगिता (monopolistic competition) बाजार की वह स्थिति है जिसमें किसी वस्तु के बहुत से विक्रेता होते हैं परंतु प्रत्येक विक्रेता की वस्तु दूसरे विक्रेताओं की वस्तुओं से किसी न किसी रूप में भिन्न होती है। अतएव वस्तु विभिन्नता एकाधिकार प्रतियोगिता की मुख्य विशेषता होती है। वस्तु विभिन्नता ब्रांड के नाम, ट्रेडमार्क, गुण-भेद, पैकग अथवा उपभोक्ताओं …

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एकाधिकार बाजार क्या है इसकी प्रमुख विशेषताएं ?

एकाधिकार अंग्रेजी भाषा का मोनोपाॅली शब्द ग्रीक शब्द के मोनोपाॅलियन (Monopolion) शब्द से लिया गया है। इसका अर्थ है बिक्री का एकमात्र अधिकार। एकाधिकार को अंग्रेजी में Monopoly के नाम से पुकारा जाता है Monopoly अंग्रेजी भाषा के दो शब्दों Mono तथा poly से मिलकर बना है। mono का अर्थ है अकेला, poly का अर्थ है …

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सम उत्पाद वक्र क्या है ? सम-उत्पाद वक्रों की मुख्य मान्यताएँ

उत्पादन फलन तथा उत्पादन के नियम अध्याय में हमने एक फर्म के संबंध में यह अध्ययन किया कि वह एक परिवर्तनशील साधन का अधिक प्रयोग करके अथवा सभी साधनों का अधिक प्रयोग करके अपने उत्पादन में वृद्धि करती है। इस अध्याय में हम उस फर्म के संबंध में अध्ययन करेंगे जो अपने उत्पादन का विस्तार उन …

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मांग की लोच का अर्थ एवं परिभाषा, प्रकार

किसी वस्तु की मांग, विशेष रूप से, उसकी कीमत, उपभोक्ता की आय तथा संबंधित वस्तु की कीमत पर निर्भर करती है। अतः ‘मांग की लोच’ से यह ज्ञात होता है कि किसी वस्तु की कीमत अथवा उपभोक्ता की आय अथवा संबंधित वस्तु की कीमत में परिवर्तन होने से उस वस्तु की मांग की मात्रा में कितना …

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