समस्या समाधान विधि क्या है ? इसके गुण व दोषों की विवेचना

समस्या समाधान विधि का प्रयोग छात्रों में समस्या को हल करने की क्षमता विकसित करने के लिये किया जाता है ओर छात्रों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्वयं अपनी समस्याओं को प्रयासों द्वारा हल करें। छात्रों को समस्या दी जाती है वे उसके कारणों की खोज निकालते है तथा नियम विधि के द्वारा …

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जीव विज्ञान शिक्षण के उद्देश्य

किसी विषय की पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिये यह आवश्यक है कि उसके उद्देश्यों के ज्ञान के अभाव में शिक्षक का कार्य उचित रूप से नही हो पाता है इस विषय में बी.डी. भाटिया का कथन है कि ‘‘उद्देश्यों के ज्ञान के बिना शिक्षक उस नाविक के समान है जिसे अपने लक्ष्य का ज्ञान नही …

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जीव विज्ञान शिक्षण के मूल्य का वर्णन

मूल्य एक अमूर्त गुण है मूल्यों के निर्धारण में सामाजिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण योगदान लेता है आज मानव समाज से मानव ही एक प्राणी है जो व्यक्तिगत व सामाजिक जीवन के लिये आदर्श, लक्ष्य, व्यवहार व अन्य मूल्यों को निर्धारित करता है ओर जीवन यापन करता है ओर ये मूल्य एक पीढ़ी से दूसरी …

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रोमन गणतंत्र की राजनीतिक संरचना

गणतंत्र के तीन मुख्य घटक थे – सीनेट, मजिस्ट्रेट ओर आम जनता। गणतंत्र राज्य के शीर्ष पर दो काॅन्सल थे। उनकी सहायता के लिए बडी संख्या में मजिस्ट्रेट थे। इसके वहां अतिरिक्त प्रत्येक पांच वर्ष में प्रत्येक नागरिक की सामाजिक स्थिति की जांच ओर जनगणना कराने के लिए जनसंख्या नियंत्रक अधिकारी (सेंसर्स ) थे। तत्पश्चात् जनजातीय, अभिजात …

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रोम का इतिहास, रोमन गणतंत्र की स्थापना और सैन्य विस्तार

रोम का आरंभिक इतिहास काफी अपर्याप्त ओर बिखरा हुआ है ओर ज्यादातर किंवदतियों पर आधारित हे। परंतु हमारा मुख्य स्त्रोत इतिहासकार लेवी (64.17 बी सी ई) हैं जिन्होंने रोम का इतिहास उसकी बुनियाद से लेकर अपने तत्कालीन काल तक लिखा। आरंभिक रोमन मुख्य रूप से एक पशुपालक समुदाय के लोग थे, जो मवेशी, सुअर, बकरी ओर …

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Testosterone टेस्टोस्टेरोन हार्मोन क्या है? कम टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लक्षण क्या हैं?

Testosterone टेस्टोस्टेरोन पुरुष सेक्स हार्मोन है। यह अंडकोश में बनता है। हार्मोन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। Testosterone टेस्टोस्टेरोन निम्न के लिए आवश्यक हैः  सामान्य पुरुष यौन विकास और कार्य  बढ़ते लड़कों में चेहरे के बाल और गहरी आवाज विकसित करने के लिए  मांसपेशियों की ताकत  पुरुष शुक्राणु बनाने के लिए  पुरुष सेक्स …

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रसखान का जीवन परिचय, प्रमुख रचनाएँ, भाषा और काव्य सौंदर्य

रसखान भक्तिकाल के ऐसे कवि के रूप में ख्यात हैं, जिनके जीवन के बारे में परस्पर विरोधी धारणाएं मौजूद हैं। उनके जीवन के बहिर्साक्ष्य ओर अंतर्साक्ष्य दोनों उपलब्ध हैं। बहिर्साक्ष्य यानी उनके दौर की रचनाओं में उनके बारे में जो प्रमाण उपलब्ध हैं तथा अंतर्साक्ष्य यानी रसखान की रचनाओं से क्या राय सामने आती है। आवश्यकता …

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भारतीय वन अधिनियम 1927 में कितनी धाराएं हैं?

वन हेतु सबसे व्यापक अधिनियम हैं इस अधिनियम के तहत कुछ महत्वपूर्ण परिभाषायें निम्न हें:- मवेशी के अंतर्गत हाथी, ऊंट, भैंस, घोड़े, घोडियाॅ, खस्सी पशु, खच्चर, गधे, सुअर, मेढ, मेढियाॅं, मेमने, बकरियाॅं तथा उनके मेमने हें वन अधिकारी का अर्थ होता हे राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा सशक्त कोई अधिकारी इस अधिनियम के सभी या …

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रीतिकाल की प्रमुख विशेषताएँ, रचनाएँ और प्रवृत्तियाँ

रीतिकालीन हिंदी साहित्य की रचना, जिन सामन्तीय परिस्थितियों में हुई, उस साहित्य को साधारण लोगों के जीवन से तो सम्बद्ध नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह साहित्य तो मूलतः दरबारी या शाही साहित्य था। आश्रित कवियों तथा आचार्यों ने जिस साहित्य की सृष्टि की, उसमें तत्कालीन राजाओं या सामन्तों की शृंगार वासना को तृप्त करने के …

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भक्तिकालीन हिंदी साहित्य की चार काव्य धाराएँ

भक्तिकालीन काव्य की विविध रूपों में प्रगति हुई। इस काल की चार काव्य-धाराओं ने एक साथ हिंदी साहित्य की वृद्धि कर डाली। चार काव्यधाराएँ निम्नलिखित हैं-  भक्तिकालीन हिंदी साहित्य की चार काव्य धाराएँ 1. संत काव्य धारा संत काव्यधारा के प्रमुख कवि कबीर है। इनके अतिरिक्त दादूदयाल, नानक, सुन्दरदास आदि का स्थान संतों में महत्त्वपूर्ण है। …

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