‘एजेंट’ एवं ‘एजेंसी’ शब्दों की परिभाषा

वह व्यक्ति जो किसी दूसरे की ओर से कार्य करने के लिए या अन्य व्यक्तियों के साथ व्यवहार मे दसूरे का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया जाता है, ‘एजटें ‘ कहलाता है। वह व्यक्तियों जिसके लिए कार्य अथवा प्रतिनिधित्व किया जाता है, प्रधान (Principal) कहलाता है। एजेंट तथा प्रधान के बीच के सम्बन्ध को ‘एजेंसी’ …

Read more

छोटा व्यवसाय क्या है ?

जब आपसे कोर्इ पछूता है ‘छोटा व्यवसाय क्या है,’ तब आप कहेंगे कि वह व्यवसाय जो आकार में छोटा है,  जिसमें कम पूजी निवेश की आवश्यकता है,  जो कम संख्या में कर्मचारी की नियुक्ति करता है,  जिसमें उत्पाद की मात्रा या मूल्य कम है, उसे छोटा व्यवसाय कह सकते है। हां! आप ठीक हैं। व्यावसायिक उपक्रम …

Read more

स्व-अधिगम सामग्री क्या है ?

स्व-अधिगम साग्रमी दूरस्थ शिक्षा की मूलाधार है। इसे स्व-अनुदेशनात्मक, स्व-अध्ययन सामग्री एवं स्व-शिक्षण सामग्री के रूप में पुकारा जाता है। सभी नामों के मूल में एक ही तथ्य है अपने आप पढ़ने-सीखने वाली सामग्री अर्थात् ऐसी पाठ्यवस्तु सामग्री जिसे अध्येता स्वतंत्रत रूप से अध्ययन करके अपनी गति अपनी रूचि से सीखता है, और स्वयं अपना शिक्षण …

Read more

दूरस्थ शिक्षा का ऐतिहासिक विकास

दूरस्थ शिक्षा का उद्भव  पत्राचार के रूप में दूरस्थ शिक्षा का इतिहास 1840 से मानी जाती है। आधुनिक नवीन प्रणाली का प्रारम्भिक रूप ‘‘ओल्ड टैसटामन’’ के अनुदेशनात्मक लेखों से मिलता है, इसके अतिरिक्त आम धारणा के अनुसार इसका प्रारम्भ 1840 र्इ0 में आइजक पिटमैन द्वारा शार्ट हैण्ड पाठ्यक्रम पेनी डॉक से भेजने से हुआ है। 1856 …

Read more

परामर्श के प्रकार

कुछ विद्वानों ने परामर्श के अन्य तीन प्रकारों का उल्लेख किया है यथा- निदेशात्मक परामर्श-इस प्रकार के परामर्श में परामर्शक ही सम्पूर्ण प्रक्रिया का निर्णायक होता है। प्रत्याशी परामर्शदाता के ओदशों के अनुकूल अपने को ढालता है। इसे कभी-कभी आदेशात्मक परामर्श भी कहते हैं। इस क्रिया के मूल में परामर्शक ही रहता है।  अनिदेशात्मक परामर्श-इस प्रकार के …

Read more

परामर्श की प्रक्रिया

मिस ब्रेगडन ने इन परिस्थितियों के उत्पन्न होने पर परामर्श की आवश्यकता को इंगित किया है- वह परिस्थिति जब कि व्यक्ति न केवल सही सूचनायें चाहता है वरन् अपने व्यक्तिगत समस्याओं का भी समाधान चाहता है। जब विद्याथ्री अपने से अधिक बुद्धिमान श्रोता चाहता है जिससे वह अपनी समस्याओं का समाधान और भविष्य के लिये परामर्श …

Read more

परामर्श की परिभाषा एवं विशेषताएँ

परामर्श शब्द एक प्राचीन शब्द है फलत: इसकी अनेक परिभाषायें हैं। राबिन्सन के अनुसार-’परामर्श शब्दो व्यक्तियों के सम्पर्क में उन सभी स्थितियों का समावेश करता है जिसमें एक व्यक्ति को उसके स्वयं के एवं पर्यावरण के बोध अपेक्षाकृत प्रभावी समायोजन प्राप्त करने में सहायता की जाती है।’ कार्ल रोजर्स ने परामर्श को आत्मबोध की प्रक्रिया में …

Read more

कैरियर या वृत्तिक निर्देशन एवम स्थापन्न

वृत्तिक विकास वास्तव में मानसिक विकास के समानान्तर चलता है। बूलर (1933) द्वारा किये गये वृत्तिक विकास के सिद्धान्तों को सुपर (1957) ने प्रयोग किया। सम्पूर्ण वृत्तिक विकास के चरणों में उत्पित्त, व्यवस्थित, रख-रखरखाव एवं पतन की अवस्था मुख्य केन्द्र बिन्दु हैं। जिन्जबर्ग (1951) ने वृत्तिक चयन की अवस्था को निम्न चरणों में बांटा। 1) कल्पना अवस्था …

Read more

व्यावसायिक निर्देशन क्या है ?

यूरोप तथा पश्चिम के अन्य देशों में औद्योगिक क्रान्ति के कारण भौतिकता की लहर समग्र विश्व में दौड़ गयी। अमेरिका जैसे सुविकसित महादेश ने प्रयोजनवादी दर्शन अपनाया जिसके कारण उसके सम्मुख मुख्य समस्या राष्ट्र की सम्पत्ति के पूर्ण उपभोग की हुर्इ। किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक है कि उसकी मानवीय एवं प्राकृतिक पूँजी …

Read more

व्यक्तिगत निर्देशन क्या है ?

व्यक्ति की कुछ निजी समस्याएँ भी होती है जिनका समाधान वह स्वयं नही कर पाता। मानव जीवन के सम्यक उत्थान के लिए आवश्यक है कि उसका जीवन समस्या रहित हो, वास्तव में निजी समस्याएँ उसके सम्पूर्ण जीवन के विकास को प्रभावित कर देती है। तनावग्रस्त शरीर, मन एवं जीवन किसी अन्य क्षेत्र में विकास एवं समायोजन …

Read more