जॉन लॉक की प्राकृतिक अवस्था की अवधारणा

जॉन लॉक की प्राकृतिक अवस्था की अवधारणा  हॉब्स की तरह जॉन लॉक भी अपने राजनीति दर्शन का प्रारम्भ प्राकृतिक अवस्था से करता है। जॉन लॉक की प्राकृतिक अवस्था की अवधारणा हॉब्स की प्राकृतिक दशा की धारणा से बिल्कुल विपरीत है। जॉन लॉक का विश्वास है कि मनुष्य एक बुद्धियुक्त प्राणी है और वह नैतिक अवस्था को …

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जॉन लॉक का सामाजिक समझौता सिद्धांत

जॉन लॉक का सामाजिक समझौता सिद्धांत लॉज के राजनीतिक चिन्तन का सर्वाधिक प्रमुख भाग सामाजिक समझौता सिद्धांत है जिसके द्वारा लॉक ने इंगलैण्ड में हुई 1688 की गौरवपूर्ण क्रान्ति के औचित्य को ठीक ठहराया है। सामाजिक समझौता सिद्धांत सबसे पहले हॉब्स ने प्रतिपादित किया, परन्तु लॉक ने उसे उदारवादी आधार प्रदान करने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका …

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बेंथम के राजनीतिक विचार

इतिहास में यह एक विवादास्पद मुद्दा रहा है कि क्या बेंथम को एक राजनीतिक दार्शनिक माना जाए या नहीं। कई लेखक उसको राजनीतिक दार्शनिक की बजाय एक राजनीतिक सुधारक मानते हैं। उनके अनुसार बेंथम का ध्येय किसी राजनीतिक सिद्धान्त का प्रतिपादन करना नहीं था बल्कि अपने सुधारवादी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि के लिए राज्य के सम्बन्ध में …

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बेन्थम उपयोगितावाद का सिद्धांत, #जेरेमी बेन्थम

बेन्थम के उपयोगितावाद का सिद्धांत बेंथम की सबसे महत्त्वपूर्ण एवं अमूल्य देन है। उसके अन्य सभी राजनीतिक विचार उसके उपयोगितावाद पर ही आधारित हैं। लेकिन उसे इसका प्रवर्तक नहीं माना जा सकता। रोचक बात यह है कि बेंथम ने कहीं भी उपयोगितावाद शब्द का प्रयोग नहीं किया।  बेन्थम के उपयोगितावाद का सिद्धांत बेंथम के उपयोगितावादी दर्शन …

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हीगल के राज्य संबंधी विचार, #Hegel

हीगल के राज्य संबंधी विचार सम्पूर्ण राजनीतिक चिन्तन में एक महत्त्वपूर्ण एवं मौलिक विचार हैं। उसके प्रमुख राज्य संबंधी विचार ‘फिनोमिनोलॉजी ऑफ स्पिरिट’ तथा ‘फिलोसॉफी ऑफ राइट’ नामक ग्रन्थों में वर्णित हैं। हीगल ने जर्मनी की तत्कालीन राजनीतिक दुर्दशा को देखकर अपने चिन्तन को खड़ा किया था ताकि जर्मनी का एकीकरण हो सके और जर्मनी एक शक्तिशाली राष्ट्र …

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हीगल के द्वंद्वात्मक सिद्धांत की व्याख्या

हीगल का द्वन्द्ववाद का विचार उसके सभी महत्त्वपूर्ण विचारों में से एक महत्त्वपूर्ण विचार है। यह विश्व इतिहास की सही व्याख्या करने का सबसे अधिक सही उपकरण है। हीगल ने इस उपकरण की सहायता से अपने दार्शनिक चिन्तन को एक नया रूप दिया है। इसी विचार के कारण हीगल को राजनीतिक चिन्तन में एक महत्त्वपूर्ण जगह …

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अगस्त काम्टे के तीन स्तरों का नियम

अगस्त काम्टे का जन्म (19 जनवरी 1798) एक कैथोलिक परिवार में मौटपेलियर फ्रांस में हुआ था। उनके माता-पिता फ्रांस की शाही सत्ता के समर्थक थे।। उस समय फ्रांसीसी क्रान्ति अपने चरम पर थी। उस वक्त ऐसी बहुत सी गतिविधियाँ घटित हो रही थी जिन्होंने आधुनिक विश्व की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। फ्रांसीसी क्रान्ति …

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बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय एवं साहित्यिक विशेषताएं

बालकृष्ण शर्मा नवीन का जीवन परिचय  बालकृष्ण शर्मा नवीन का जन्म सन् 1897-1960 ई. ग्राम भयाना जनपद ग्वालियर में हुआ था। इनकी पढ़ाई ग्यारह वर्ष की अवस्था में शुरू हुई। सन् 1917 ई. में हाई स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर कानपुर चले गए। जहां गणेश-शंकर ने इन्हें कालेज में प्रविष्ट करा दिया। किंतु सन् 1920 ई. में …

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वर्चुअल क्लासरूम क्या है || What is a Virtual Classroom?

वर्चुअल क्लासरूम क्या है वर्चुअल क्लासरूम एक ऐसा कक्षा कक्ष होता है, जिसके अंर्तगत शिक्षक , प्रशिक्षक और विद्यार्थी आनलाईन वातावरण मे वेब कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करते है। इससे विद्यार्थी शिक्षक वेबकेम और माइक्रोफोन के माध्यम से एक दूसरे से संवाद स्थापित करते है तथा शिक्षक द्वारा अध्यापन कराते समय विद्यार्थी उस पर विचार …

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ऑनलाइन शिक्षा क्या है ? ऑनलाइन शिक्षा के लाभ और हानि – Online education in Hindi

ऑनलाइन संचार वह संचार है, जिसे इंटरनेट के माध्यम से संप्रेषक एक डिवाइस से संदेश भेजता है और प्राप्तकर्ता दूसरे डिवाइस के माध्यम से प्राप्त करता है। इन संदेशों का आदान-प्रदान इंटरनेट के माध्यम से होता है, जिसमें संचार के साधन जैसे – कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि मुख्य रूप से होते हैं। इंटरनेट विश्वभर में …

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