बकरी के दूध के औषधीय गुण / लाभ

बकरी के दूध की तुलना आमतौर पर गाय के दूध के साथ की जाती है। उत्पादन में अंतर के अलावा गाय के दूध को पचाना कठिन होता है बकरी के दूध के औषधीय गुण / लाभ  दूध में वसा की गोलिकायें 1 से 10 माईक्रोन तक होती है लेकिन 5 माईक्रोन से कम की गोलिकाओं की …

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन परिचय || प्रमुख रचनाएँ || पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा में हुआ था। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पिता श्री भगवती प्रसाद उपाध्याय और माता श्रीमती रामप्यारी एक विचारों वाली महिला थीं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पिता भारतीय रेलवे में नौकरी करते थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कानपुर विश्वविद्यालय से बी0ए0 किया था। पंडित जी ने …

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अधिगम का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, आयाम, विधियाँ

अधिगम एक व्यापक शब्द है। अधिगम जन्मजात प्रतिक्रियाओं पर आधारित होता है। व्यक्ति जन्मजात प्रवृत्तियों से प्रेरित होकर जो भी क्रियाएँ करता है, वह अपनी परिस्थितियों से समायोजन स्थापित करने के लिए होती हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार अधिगम एक मानसिक प्रक्रिया है। मानसिक प्रक्रिया की अभिव्यक्ति व्यवहारों के द्वारा होती है। मानव-व्यवहार अनुभवों के आधार पर …

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Wikipedia क्या है? || विकिपीडिया का इतिहास

विकिपीडिया Wikipedia इंटरनेट पर आधारित एक मुक्त-ज्ञानकोष परियोजना है “इंटरनेट encyclopedia” है जो पिछले दो दशकों में विश्व के सबसे बड़े और संदर्भ कोष का स्थान पा चुका है। इंटरनेट पर उपलब्ध यह एकमात्र ऐसा शब्दकोश है जो कि सभी उपयोगकर्ताओं को इसके Collection और editing की permission देता है। जनवरी 2001 में इसकी पहली पोस्ट …

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कैप्चा कोड कितने प्रकार के होते हैं?

कैप्चा (Captcha) स्पैम के खिलाफ वेबसाइटों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक तरीका है। कैप्चा (Captcha) का पूर्ण रूप ‘कंप्यूटर और मनुष्यों को अलग बताने के लिए पूरी तरह से स्वचालित सार्वजनिक टयूरिंग परीक्षण’ है। कैप्चा (Captcha) का आविष्कार लुइस वॉन, मैनुअल ब्लम, निकोलस जे हॉपर और जॉन लैंगफोर्ड ने वर्ष 2003 में …

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राज्य सूची के विषय (State list subjects)

राज्य सूची में 66 विषय है। इनमें से महत्वपूर्ण विषय इस प्रकार है। सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस, न्याय का प्रशासन, जेल, स्थानीय सरकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, शिक्षा, कृषि, पशु पालन, जलापूर्ति और सिंचाई, भू अधिकार, जंगल, मछली पालन, रकम उधार देना, राज्य लोक सेवा आयोग, भू-राजस्व, कृषि आय पर कर देना, भूमि एवं मकान पर कर, …

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जॉन लॉक की प्राकृतिक अवस्था की अवधारणा

जॉन लॉक की प्राकृतिक अवस्था की अवधारणा  हॉब्स की तरह जॉन लॉक भी अपने राजनीति दर्शन का प्रारम्भ प्राकृतिक अवस्था से करता है। जॉन लॉक की प्राकृतिक अवस्था की अवधारणा हॉब्स की प्राकृतिक दशा की धारणा से बिल्कुल विपरीत है। जॉन लॉक का विश्वास है कि मनुष्य एक बुद्धियुक्त प्राणी है और वह नैतिक अवस्था को …

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जॉन लॉक का सामाजिक समझौता सिद्धांत

जॉन लॉक का सामाजिक समझौता सिद्धांत लॉज के राजनीतिक चिन्तन का सर्वाधिक प्रमुख भाग सामाजिक समझौता सिद्धांत है जिसके द्वारा लॉक ने इंगलैण्ड में हुई 1688 की गौरवपूर्ण क्रान्ति के औचित्य को ठीक ठहराया है। सामाजिक समझौता सिद्धांत सबसे पहले हॉब्स ने प्रतिपादित किया, परन्तु लॉक ने उसे उदारवादी आधार प्रदान करने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका …

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बेन्थम उपयोगितावाद का सिद्धांत, #जेरेमी बेन्थम

बेन्थम के उपयोगितावाद का सिद्धांत बेंथम की सबसे महत्त्वपूर्ण एवं अमूल्य देन है। उसके अन्य सभी राजनीतिक विचार उसके उपयोगितावाद पर ही आधारित हैं। लेकिन उसे इसका प्रवर्तक नहीं माना जा सकता। रोचक बात यह है कि बेंथम ने कहीं भी उपयोगितावाद शब्द का प्रयोग नहीं किया।  बेन्थम के उपयोगितावाद का सिद्धांत बेंथम के उपयोगितावादी दर्शन …

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हीगल के राज्य संबंधी विचार, #Hegel

हीगल के राज्य संबंधी विचार सम्पूर्ण राजनीतिक चिन्तन में एक महत्त्वपूर्ण एवं मौलिक विचार हैं। उसके प्रमुख राज्य संबंधी विचार ‘फिनोमिनोलॉजी ऑफ स्पिरिट’ तथा ‘फिलोसॉफी ऑफ राइट’ नामक ग्रन्थों में वर्णित हैं। हीगल ने जर्मनी की तत्कालीन राजनीतिक दुर्दशा को देखकर अपने चिन्तन को खड़ा किया था ताकि जर्मनी का एकीकरण हो सके और जर्मनी एक शक्तिशाली राष्ट्र …

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