कार्ल मार्क्स का जीवन परिचय || Biography of Karl Marks

कार्ल मार्क्स का जन्म 5 मई 1818 को एक यहूदी परिवार में हुआ था। उनका जन्म प्रशिया के राईन प्रान्त के ट्रीचर नामक स्थान पर हुआ था। उनकी माता हालैंड की एक यहूदी महिला थी। छः वर्ष की अवस्था तक उनका पालन-पोषण यहूदी संस्कारों के अनुरूप हुआ। उसके पिता हरशेल मार्क्स एक वकील थे और उसकी …

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सत्ता का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, प्रकृति, प्रमुख घटक

मनुष्य समाज में अकेला ही नहीं, वरन् अन्य लोगों के साथ रहने के दौरान वह दूसरों को प्रभावित भी करता है और स्वयं भी दूसरों से प्रभावित होता है। प्रभाव का तात्पर्य है-दूसरों की नीतियों को प्रभावित करना। प्रभाव का अर्थ है-एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार बदलना या कार्य करवाना। प्रभाव के दो रूप …

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दबाव समूह क्या है यह किस प्रकार राजनीतिक दलों से भिन्न है?

दबाव समूह को विभिन्न नामों से संबोधित किया गया है। जैसे, हित समूह गैर-सरकारी संगठन, लाॅबीज अनौपचारिक संगठन, गुट इत्यादि। दबाव समूहों तथा अन्य संगठन में अंतर अवश्य है। सभी संगठन दबाव समूह नहीं होते और न हित समूह और दबाव समूह ही समान हैं। प्रत्येक देश और समाज में सैकड़ों हित समूह होते हैं, किंतु …

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रिकार्डो का आर्थिक विकास सिद्धांत

डेविड रिकार्डो के विकास सम्बन्धी विचार उनकी पुस्तक “The Principles of political Economy and Taxation” (1917) में जगह पर अव्यवस्थित रुप में व्यक्त किये गये। इनका विश्लेषण एक चक्करदार मार्ग है। यह सीमान्त और अतिरेक नियमों पर आधारित है। शुम्पीटर ने कहाँ रिकार्डो ने कोई सिद्धांत नही प्रतिपादित किया केवल स्मिथ द्वारा छोड़ी गयी कड़ियों को …

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आर्थिक विकास एवं आर्थिक वृद्धि का आशय, आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर

आर्थिक विकास की यह प्रथम इकाई है, इसके अध्ययन के से आप आर्थिक विकास एवं आर्थिक वृद्धि का आशय, आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर और आर्थिक विकास की प्रकृति को जान सकेगें। आर्थिक वृद्धि एवं विकास का विश्लेषण विकास का अर्थशास्त्र अल्पविकसित देशों के आर्थिक विकास की समस्याओं से सम्बन्ध रखता है। यद्यपि आर्थिक …

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पाठ्यक्रम क्या है पाठ्यक्रम निर्माण के मुख्य सिद्धांत कौन कौन से हैं?

पाठ्यक्रम हिन्दी भाषा का शब्द है । इसे अग्रेंजी भाषा मे ‘Curriculum’ कहते है। ‘Curriculum’ शब्द की उत्पति लेटिन भाषा के शब्द ‘Currer’ से हुई है , जिसका अर्थ है ‘दौडना’ । वर्तमान युग में पाठ्यक्रम का अर्थ अध्ययन में आनेवाली सभी क्रियाओं तथा विषयों से लिया जाता है। इस प्रकार पाठ्यक्रम से अभिप्राय उन सभी …

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कविता का अर्थ, परिभाषा

कवि या रचनाकार जिस मंजिल से गुजरता है अर्थात् जो वह जीवन में भोगता है उसे वर्णित करता जाता है, वही कविता है ।  कविता की परिभाषा महावीरप्रसाद द्विवेदी के अनुसार :– “कविता का विषय मनोरंजन एवं उपदेश जनक होना चाहिए।” डॉ. नगेन्द्र के अनुसार – “छंदमयी की कविताओं का विषय वैयक्तिक जीवन की राग-विरागमयी, अनुभूतियों …

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विराम चिन्ह किसे कहते है विराम चिन्ह कितने प्रकार के होते है?

किसी भी बात को लिखते वक्त विराम चिन्ह का बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। विराम चिन्हों के माध्यम से वाक्य के प्रकार व ठहराव की जानकारी मिलती है। किसी के द्वारा कही गयी बात को सिर्फ लिख देने से यह पता नहीं चलता कि वह बात किस अंदाज में बोली गयी। विराम चिन्हों के माध्यम से …

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अक्षर विन्यास का अर्थ, महत्व, अशुद्धियों के कारण, सुधार के नियम

अक्षर विन्यास अथवा वर्तनी की शुद्धता भाषा का अनिवार्य अंग है। अभिव्यक्ति में विचारों की क्रमिकता एवं सुसम्बद्धता कितनी ही सुव्यवस्थित क्यों न हो परन्तु यदि विचारों को व्यक्त करने वाली भाषा शद्ध नहीं हो तो उसका असर नगण्य होकर रह जाएगा। भाषा की शुद्धता तो मुख्यत: शुद्ध अक्षर विन्यास पर निर्भर करती है। शुद्ध वाक्य …

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उच्चारण शिक्षण का अर्थ, महत्व, सोपान एवं आवश्यकता

हिन्दी भाषा का ध्वनितत्व वैज्ञानिक है, नागरी भाषा में प्रत्येक ध्वनि के लिए निश्चित अक्षर हैं और उनका सटीक उच्चारण है। उच्चारण पर बल न देने पर उच्चारण दोष उत्पन्न होता है और भाषा का रूप विकृत होता है, उसका निश्चित रूप नहीं बन पाता है। भाषा के दो रूप हैं- मौखिक भाषा लिखित भाषा शुद्ध …

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