विश्व के प्रमुख भाषा परिवार, भाषा परिवार का संक्षिप्त परिचय

परिवारों की संख्या यद्यपि अभी तक अनिश्चित है, क्योंकि ‘फ्रेडरिक मूलर’ आदि विद्वान् जहाँ 100 भाषा-परिवारों की कल्पना करते हैं, वहाँ अन्य विद्वानों की कल्पना 250 परिवारों तक जा पहुंचती है। कुछ विद्वान् केवल 10 भाषा-परिवार ही मानते हैं। ‘डाॅ. धीरेन्द्र वर्मा’ ने 12 भाषा-परिवार गिनाये हैं, जबकि ‘डाॅ. देवेन्द्रनाथ शर्मा’ ने “अपेक्षाकृत निर्विवाद और प्रमुख” …

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भारत की प्राचीन लिपियां

भारत की प्राचीन लिपियां – सिंधु घाटी की लिपि को थोड़ी-देर के लिये छोड़ दिया जाय तो भारत के पुराने शिलालेखों और सिक्कों पर दी लिपियां – 1. ब्राह्मी, 2. खरोष्ठी मिलती हैं। पर पुस्तकों में और अधिक लिपियों के नाम मिलते है। जैनों के पत्रावणासूत्रा में 18 लिपियां- 1. बंभी, 2. जवणालि, 3. दीसापुरिया, 4. …

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सिन्धु घाटी सभ्यता की लिपि की उत्पत्ति के विषय में मत

हड़प्पावासी शिक्षित थे। हड़प्पा की मुद्राओं पर अनेक प्रकार के चिह्न या आकृतियां बनी हैं। हाल ही में किए गए अध्ययनों से यह संकेत मिले हैं कि हड़प्पा की लिपि में लगभग 400 चिह्न हैं और इसे दाई से बाई ओर को लिखा जाता है। परन्तु अभी तक इस लिपि को पढ़ा नहीं जा सका है। ऐसा …

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लिपि की उत्पत्ति कैसे हुई

भाषा की उत्पत्ति की भांति ही लिपि की उत्पत्ति के विषय में भी पुराने लोगों का विचार था कि ईश्वर या किसी देवता द्वारा यह कार्य सम्पन्न हुआ। भारतीय पंडित ब्राह्मी लिपि को ब्रह्मा की बनाई मानते हैं और इसके लिए उनके पास सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि लिपि का नाम ‘ब्राह्मी’ है। इसी प्रकार …

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वाक्य किसे कहते हैं वाक्य कितने प्रकार के होते हैं, वाक्य के प्रकार

वाक्य भाषा का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग है। मनुष्य अपने विचारों की अभिव्यक्ति वाक्यों के माध्यम से ही करता है। अत: वाक्य भाषा की लघुतम पूर्ण इकाई है। पतंजलि ने महाभाष्य में वाक्य के 5 लक्षण दिए हैं- एक क्रियापद वाक्य है। अव्यय, कारक और विशेषण से युक्त क्रिया-पद वाक्य है। क्रिया-विशेषण-युक्त क्रिया-पद वाक्य है। विशेषण-युक्त क्रिया-पद …

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रूसो का सामाजिक समझौते का सिद्धांत

रूसो रूसो ने सामाजिक समझौता सिद्धांत का वर्णन अपनी पुस्तक ‘सोशल कांट्रेक्ट’ (सामाजिक समझौता) में किया है। इस रचना में रूसो ने आदर्श समाज की स्थापना की युक्ति सुझाई है, जिससे मानव जाति की मानव जाति को प्राकृतिक अवस्था के कष्टों से मुक्ति मिल सके। जिस प्रकार हॉब्स व लॉक ने राज्य की उत्पत्ति का कारण …

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ईश्वर किसे कहते हैं ईश्वर की परिभाषा क्या है?

शब्द व्युत्पत्ति की दृष्टि से ईश्वर शब्द ईश धातु में वरच् प्रत्यय लगाकर बना है जिसका अर्थ है ऐश्वर्य युक्त, समर्थ, शक्तिशाली, स्वामी, प्रभु, मालिक, राजा, शासक आदि। हिन्दी संस्कृत कोश के अनुसार ईश्वर शब्द का प्रयोग परमेश्वर, जगदीश्वर, परमात्मन, परमेश, स्वामी, शिव आदि अनेक रूपों में किया गया है। ऋग्वेद में ईश धातु का प्रयोग …

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यज्ञ किसे कहते है गीता के चतुर्थाध्याय के यज्ञनिरूपण-प्रकरण में यज्ञ के 15 मुख्य भेद बतलाए गये हैं

यज्ञ का भावार्थ-परमार्थ एवं उदार-कृत्य है। ‘यज्ञ’ शब्द पाणिनीसूत्र ‘‘यजयाचयतविच उप्रक्चरक्षो नड़्’’ में नड़् प्रत्यय लगाने पर बनता है अर्थात् यज्ञ शब्द ‘यज्’ धातु से बना है, यज् धातु के तीन अर्थ हैं- देवपूजन, दान और संगतिकरण। इस प्रकार हवि या हवन के द्वारा देवताओं का पूजन का नाम ‘यज्ञ’ है। ईश्वरीय दिव्य शक्तियों की आराधना, उपासना, …

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जॉन लॉक का जीवन परिचय, रचनाएँ, लाॅक के चिन्तन को प्रभावित करने वाले तत्व एवं परिस्थितियाँ

जाॅन लाॅक केवल राजनीतिक विचारक और अनुभववादी तत्ववेत्ता ही नहीं है अपितु पश्चिमी यूरोप और अमरीका की आधुनिक सांविधानिक सांस्कृतिक विचारधारा के निर्माण में भी उसका महत्वपूर्ण योगदान है। लोकतान्त्रिाक दर्शन की पृष्ठभूमि के निर्माण में उसका गौरवपूर्ण स्थान है। जॉन लॉक का जीवन परिचय  जॉन लॉक का जन्म 29 अगस्त, 1632 में सामरसेंट शायर के …

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प्लेटो का साम्यवादी सिद्धांत/PLATO THEORY OF COMMUNISM

प्लेटो प्लेटो ने अपने आदर्श में न्याय की प्राप्ति के लिए जो दो तरीके अपनाए हैं, उनमें से साम्यवाद का निषेधात्मक व भौतिक तरीका भी शामिल है। प्लेटो का मानना है कि आदर्श राज्य की स्थापना में तीन बाधाएँ – अज्ञान, निजी सम्पत्ति व निजी परिवार है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्लेटो शिक्षा …

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