राज्य और समाज के बीच अंतर

राज्य एक राजनीति समाज है, जिसके चार घटक है- जनसंख्या, निश्चित भू-भाग, सरकार, संप्रभुता। आप जानते है कि राज्य कानून के माध्यम से स्वाभाविक रूप से दमनकारी शक्ति का प्रयोग करके सामाजिक आचार-विचार को नियंत्रित रखता है। एक संकल्पना के रूप में समाज एक संगठन भी है और सामाजिक संबंधों की कड़ी भी। यह एक ऐसा …

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किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन, समस्याएं

किशोरावस्था एडोलसेन्स नामक अंग्रेजी शब्द का हिन्दी रूपान्तरणर है। जिसका अर्थ है परिचक्वता की ओर बढ़ना इस समय बच्चे न छोटे बच्चो की श्रेणी में आतें है और न ही बड़े या अपने शब्दो में कहे तो ये छोटे से बडे बनने की प्रक्रिया की समयावधि से गुजरते है। किशोरावस्था 11 से 18 वर्ष के बीच …

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ऊर्जा संरक्षण क्या है ऊर्जा संरक्षण के कुछ महत्त्वपूर्ण उपाय दिए गए हैं –

ऊर्जा संरक्षण का अर्थ , ऊर्जा उपयोग को कम करने की प्रणालियों को अपनाते हुए ऊर्जा के उपभोग को कम करना है। अब प्रश्न उठता है कि हमें ऊर्जा का संरक्षण क्यों करना चाहिये ? आखिर हमें हर प्रकार की ऊर्जा हर क्षण सुगमता से उपलब्ध है। ऊर्जा का संरक्षण हमें कई कारणों से करना पड़ता है।  …

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वस्त्र परिसज्जा क्या है इसका प्रयोग कपड़ों पर करना क्यों आवश्यक है?

परिसज्जा द्वारा किसी वस्त्र को अधिक चमकीला मजबूत तथा धोने पर न सिकुड़ने वाला बनाया जा सकता है क्योंकि वस्त्र जब करघे पर मशीनों पर बुन कर आता है तो वह खुरदुरा, गंदा तथा दाग धब्बे वाला होता है उसका परिष्करण आवश्यक होता है तभी वह उपयोग के लायक होता है अत: कहा जा सकता है …

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डीजल, पेट्रोल आदि का संरक्षण करने के लिये हमें निम्न उपाय अपनाने चाहिये-

ऊर्जा के संसाधनों में पेट्रोलियम (Petra = ,शैल, Oleum = तेल) अर्थात् खनिज तेल का महत्व बहुत अधिक व्यापक है। कोयले की अपेक्षा पेट्रोलियम हल्का होता है, तथा इसमें ताप देने की शक्ति कोयले से कई गुना अधिक होती है। इसलिए मोटर गाड़ियों, रेल के इंजनों, जलपोतों और वायुयानों में पेट्रोल ही चालक शक्ति होता है। …

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निवेश क्या है निवेश कहां करें?

हमारी बचत का ऐसा उपयोग जिससे इसमें वृद्धि होती है निवेश कहलाता है। उदाहरण के लिए-आपने 5,000 की बचत की है। यदि आप इस धन को घर में ही रखते हैं तो यह 5000 ही रहेगा। पर यदि आप इसे बैंक में जमा करते हैं तो इस पर ब्याज लगेगा और यह बढ़ेगा जितनी अधिक अवधि तक …

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खाद्य पदार्थों में मिलावट पर लेख

मिलावट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा भोज्य पदार्थों की प्रकृति गुणवत्ता तथा पौष्टिकता में बदलाव आ पाता है। यह मिलावट उपज फसल काटने के समय संग्रहित करते समय, परिवाहन और वितरण करते समय किसी भी समय हो सकती है। ‘खाद्य पदार्थ में कोई मिलता जुलता पदार्थ मिलाने अथवा उसमें से कोई तत्व निकालने या उसमें …

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वर्ज्य पदार्थ क्या है इसकी अधिक मात्रा उपयोग करने पर हानिकारक प्रभाव

हमारे समाज में कुछ ऐसे पदार्थों का प्रचलन है। जो कि व्यक्ति के स्वस्थ के लिए अत्यधिक हानिकारक होते है। इन्हें वर्ज्य पदार्थ या निषिद्ध भोज्य पदार्थ कहते है। जैसे- मदिरा धूम्रपान तम्बाकू अफीम चरस आदि। 1. मदिरा – ये गेहूँ, जौ, चावल, अंगूर आदि के सड़ने के उपरान्त बनायी जाती है। इसमें हानीकारक पदार्थ एल्कोहल …

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भोज्य विषाक्तता क्या है भोज्य विषाक्तता दो कारणों से पायी जाती है –

सामान्य तौर पर भोजन करने के पश्चात व्यक्ति अच्छा अनुभव करता है। उसे संतुष्टि प्राप्त होती है। किन्तु कभी-कभी कई कारणों से भोजन प्रदूषित हो जाता है। जिससे उसे ग्रहण करने के पश्चात व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करता है भोजन का दूषित होना ही भोज्य विषाक्तता का कारण बनता है। ‘‘व्यक्ति द्वारा भोजन ग्रहण करने के तुरन्त …

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भोज्य ग्राहिता क्या है भोज्य पदार्थों का ग्रहण करना या स्वीकारना इन बातों पर निर्भर करता है

भोज्य ग्राहिता क्या है? ‘‘किसी भी भोज्य पदार्थ को बिना चखे उसके रंग, रूप, बनावट, सुगंध के द्वारा ही उसके स्वाद को निर्धारित कर लेते है तथा उसे ग्रहण करने की स्वीकृति प्रदान कर देते है। यही गुण भोज्य ग्राहिता कहलाता है।’’ किसी व्यक्ति द्वारा भोज्य पदार्थो का ग्रहण करना या स्वीकारना निम्न बातों पर निर्भर …

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