नगर निगम के प्रमुख कार्य एवं शक्तियां

किसी भी संगठन या संस्था के आस्तित्व का कोई औचित्य नहीं है जब तक कि उसे उसके गठन व स्वरूप के अनुरूप कार्यों व शक्तियां प्रदान नहीं की जाती। बिना कार्यों व जिम्मेदारियों के बिना वह संगठन केवल एक ढाँचा मात्र है। 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के अन्र्तगत नगर निगम को शहरी क्षेत्रों में स्वशासन स्थापित …

Read more

74वां संविधान संशोधन क्या है 74वें संविधान संशोधन के उद्देश्य?

74वां संविधान संशोधन क्या है? सत्ता विकेन्द्रीकरण की दिशा में संविधान का 73वां और 74वां संविधान संशोधन एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। 74वां संविधान संशोधन नगर निकायों में सत्ता विकेन्द्रीकरण का एक मजबूत आधार है। अत: इस अध्याय का उद्देश्य 74वें संविधान संशोधन की आवश्यकता और 74वें संविधान संशोधन में मौजूद उपबंधों और नियमों को …

Read more

पंचायत समिति का गठन कैसे होता है इसके कौन कौन से कार्य है?

पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण समुदाय के आर्थिक विकास व सामाजिक न्याय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रदान की गयी है। इन जिम्मेदारियों को पूर्ण करने हेतु पंचायत को 29 विषयों से सम्बन्धित विभिन्न कार्य सौंपे गये हैं। पंचायत तीनों स्तरों पर विभिन्न कार्यों के नियोजन और संचालन हेतु विभिन्न समितियों के निर्माण की व्यवस्था संविधान में की …

Read more

जिला पंचायत सदस्य के कार्य और अधिकार

73वें संविधान संशोधन के अन्र्तगत त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में जिला स्तर पर जिला पंचायत के गठन का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले के लिए एक जिला पंचायत होगी जिसका नाम उस जिले के नाम पर होगा। जिला पंचायत पूरे जिले से आयी प्राथमिकताओं व लोगों की जरूरतों का समेकन कर एक जिला योजना तैयार करती …

Read more

व्यक्ति अध्ययन विधि की प्रकृति, व्यक्ति-अध्ययन के गुण एवं दोष #शिक्षा मनोविज्ञान

व्यक्ति अध्ययन विधि एक ऐसी विधि है जिसमें किसी सामाजिक इकाई के जीवन की घटनाओं का अन्वेषण तथा विश्लेषण किया जाता है। सामाजिक इकाई के रूप में किसी एक व्यक्ति, एक परिवार, एक संस्था, एक समुदाय आदि के बारे में अध्ययन किया जा सकता है। व्यक्ति-अध्ययन का उद्देश्य वर्तमान को समझना, उन भूतकालीन घटनाओं का पहचानना …

Read more

लाभांश नीति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, उद्देश्य, एक सुदृढ़ लाभांश नीति के आवश्यक तत्व

लाभांश नीति का अर्थ है कि वितरण और बकाया कोष रखने के लिए एक नियमित पहुंच को अपनाना कि वर्ष दर वर्ष किसी अस्था्ई निर्णय को लेना। यह लाभांश की अदायगी के समय और मूल्य पर भी ध्यान देती है । उपयुक्त लाभांश नीति बनाना प्रबन्ध् के लिए बड़ा सोच विचार का कार्य है क्योंकि इससे …

Read more

निवेश क्या है निवेश कहां करें?

हमारी बचत का ऐसा उपयोग जिससे इसमें वृद्धि होती है निवेश कहलाता है। उदाहरण के लिए-आपने 5,000 की बचत की है। यदि आप इस धन को घर में ही रखते हैं तो यह 5000 ही रहेगा। पर यदि आप इसे बैंक में जमा करते हैं तो इस पर ब्याज लगेगा और यह बढ़ेगा जितनी अधिक अवधि तक …

Read more

खाद्य पदार्थों में मिलावट पर लेख

मिलावट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा भोज्य पदार्थों की प्रकृति गुणवत्ता तथा पौष्टिकता में बदलाव आ पाता है। यह मिलावट उपज फसल काटने के समय संग्रहित करते समय, परिवाहन और वितरण करते समय किसी भी समय हो सकती है। ‘खाद्य पदार्थ में कोई मिलता जुलता पदार्थ मिलाने अथवा उसमें से कोई तत्व निकालने या उसमें …

Read more

भोज्य विषाक्तता क्या है भोज्य विषाक्तता दो कारणों से पायी जाती है –

सामान्य तौर पर भोजन करने के पश्चात व्यक्ति अच्छा अनुभव करता है। उसे संतुष्टि प्राप्त होती है। किन्तु कभी-कभी कई कारणों से भोजन प्रदूषित हो जाता है। जिससे उसे ग्रहण करने के पश्चात व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करता है भोजन का दूषित होना ही भोज्य विषाक्तता का कारण बनता है। ‘‘व्यक्ति द्वारा भोजन ग्रहण करने के तुरन्त …

Read more

भोज्य ग्राहिता क्या है भोज्य पदार्थों का ग्रहण करना या स्वीकारना इन बातों पर निर्भर करता है

भोज्य ग्राहिता क्या है? ‘‘किसी भी भोज्य पदार्थ को बिना चखे उसके रंग, रूप, बनावट, सुगंध के द्वारा ही उसके स्वाद को निर्धारित कर लेते है तथा उसे ग्रहण करने की स्वीकृति प्रदान कर देते है। यही गुण भोज्य ग्राहिता कहलाता है।’’ किसी व्यक्ति द्वारा भोज्य पदार्थो का ग्रहण करना या स्वीकारना निम्न बातों पर निर्भर …

Read more