यह सबसे मौलिक योग मुद्रा है जो एकाग्रता और ज्ञान को बेहतर बनाने में
मदद करता है।
ज्ञान मुद्रा करने की विधि
- फर्श पर बिल्कुल आराम से पदमासन की मुद्रा में बैठ जाये।
- इसके बाद अपनी तर्जनी उंगली को मोड़े और अंगूठे के ऊपर
सटाएं। - बाकी तीन उंगलियों को बिल्कुल सीधा रखें और ये तीनों उंगलियां एक दूसरे
को छूनी नहीं चाहिए। - अब हाथ को घुटने के ऊपर रखें और हथेली को घुटने से हल्का सा नीचे झुकाए
रखें। - हाथ पर किसी तरह का तनाव न दें और आंखें बंद करके इस मुद्रा में कुछ देर
तक बैठे रहें।
ज्ञान मुद्रा के लाभ
- ज्ञान मुद्रा अनिद्राकी समस्या दूर करने में काफी लाभदायक होता
है। - यह मुद्रा एकाग्रता को बढ़ाता है और याददाश्त की क्षमता भी मजबूत करता है।
- प्रतिदिन ज्ञान मुद्रा का अभ्यास करने से मनोवैज्ञानिक समस्याएं जैसे गुस्सा,
डिप्रेशन, तनाव और चिंता दूर हो जाते हैं। - यह मुद्रा शरीर में ऊर्जा को बढ़ाता है और कमर दर्द से राहत
दिलाने में बहुत लाभदायक होता है।