संवैधानिक दृष्टि से कमजोर/दुर्बल या दलित वर्ग के अन्तर्गत अनुसूचित जातियाँ, अनुसूचित जनजातियाँ
तथा कुछ अन्य पिछड़े हुए समूह आते हैं । इसमें समाज के साधन हीन वर्ग को सम्मिलित किया गया है ।
- वे व्यक्ति जो अपने जीवन की न्यूनतम बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा न कर सके । भोजन, वस्त्र,
आवास तथा चिकित्सा की सुविधा जुटाने में असमर्थ हो और आय बहुत कम हो । - व्यक्ति जो दैनिक मजदूरी पर ही आश्रित हो।
- वे जिनके पास इतनी लागत पूंजी भी नहीं है कि वे कच्चे माल तथा अन्य उत्पादित वस्तुओं को
खरीद सके । - सुविधाओं से वंचित हों ।
- वे व्यक्ति जो मानवीय ऊर्जा जिसमें परिवार के सदस्य हीं कार्य करें तथा पशु ऊर्जा के सहारे हीं जीवन
यापन करें ।
उपरोक्त मानदण्डों को कमजोर वर्गों की श्रेणी में शामिल किया गया है । इन मानदण्डों के आधर पर
अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, पिछडे़ वर्ग, लघु तथा सीमान्त कृषकों, भूमिहीन मजदूरों, बन्ध्ुआ
मजदूरों एवं परम्परागत कारीगरों को कमजोर वर्ग के अन्तर्गत माना गया है ।
