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सूचना प्रौद्योगिकी, जिसे इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (Information technology) और संक्षेप में आई.टी. (IT) कहा
जाता है, सूचना प्रौद्योगिकी (Information technology) ज्ञान और तकनीक का एक संगम है। सूचना प्रौद्योगिकी तीन प्रमुख तत्वों पर निर्भर है- हार्डवेयर, साफ्टवेयर और इंटरनेट।
सूचना प्रौद्योगिकी का अर्थ
सूचना प्रौद्योगिकी की परिभाषा
एकत्रीकरण, संग्रहण, संचालन, प्रसारण तथा उपयोग से है इसका आशय हार्डवेयर
अथवा सॉफ्टवेयर से नहीं है बल्कि इस तकनीक के द्वारा मानव की महत्वपूर्ण
आवश्यकता एवं विभिन्न सूचनाओं की पूर्ति से है।’’
2. वेबस्टर न्यू इनसाइक्लोपीडिया के अनुसार- ‘‘सूचना तकनीकी विभिन्न
तकनीकों का संयुक्त पद है जिसमें विभिन्न तकनीकों द्वारा सूचना के संचालन
एवं स्थानान्तरण का कार्य किया जाता है। माध्यम के रूप में कम्प्यूटर, दूरसंचार
तथा माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।’’
3. हेरॉल्डस लाइब्रेरियन्स ग्लौसरी के अनुसार- ‘‘सूचना तकनीकी सूचना स्रोतों
का विकास है, जिसे कम्प्यूटर एवं संचार माध्यमों द्वारा नियन्त्रित किया जाता है।’’
4. वैब्सटर्स डिक्शनरी के अनुसार, “डाटा प्रस्तुतिकरण और वितरण हेतु कम्प्यूटर तंत्रों साफ्टवेयर और नेटवर्क के विकास, रखरखाव और उपयोग से सम्बन्धित प्रौद्योगिकी को सूचना प्रौद्योगिकी कहते हैं।“
सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम
1. रेडियो – भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत सन् 1923 में तत्कालीन बंबई में
रेडियो क्लब की स्थापना के साथ हुई। ऑल इंडिया रेडियो की स्थापना 1936 में
हुई। यह अब विश्व का सबसे बड़ा रेडियो नेटवर्क बन चुका है और इसमें लोकप्रिय
एआईआर एफएम भी शामिल है। भारत में संप्रेषण
के माध्यम के रूप में रेडियो वास्तव में परिपक्व हो गया है और हर संभव तरीके से
प्रगति कर रहा है।
विस्तार- ये वे कारण हैं जिन्हें इस जीवंत उद्योग के विकास का श्रेय जाता है।
मीडिया बन गया है। ज्ञान, मनोरंजन और शिक्षा।
सितंबर, 1959 में दिल्ली से शुरू किया गया। दूरदर्शन संचार का ऐसा सशक्त साधन है जो लोकजीवन को प्रभावित किए
बिना नहीं रह सकता।
दूरदर्शन ने अपने प्रचार-प्रसार के माध्यमों द्वारा विकसित की है ।
भारत का दूरसंचार नेटवर्क लगभग 210 मिलियन टेलीफोनों के साथ विश्व के
वृºद्तम नेटवर्कों में से एक है
द्वारा दूरसंचार, उपग्रह संचार, रेडियो, टीवी, समाचार पत्र-पत्रिकाएं एवं शिक्षा के
क्षेत्र में नयी क्रांति आइर् है। टेलीफोन, मोबाइल, फैक्स प्रणालियों में कंप्यूटर का
उपयोग आज आम बात हो गई है। कंप्यूटर के कारण समाचार प्रेषण में क्रांति आई
है।
से मुश्किल से मुश्किल कार्य भी सरल हो गया है तथा इसकी वजह से घंटों के
कार्य मिनटों में निबट जाते हैं। ज्ञान समाज के निर्माण में कंप्यूटर इंटरनेट मीडिया
ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कंप्यूटर, इंटरनेट, मल्टीमीडिया थिंक टैक के रूप में उभरकर सामने आ रहा
है। यह मशीन हमारे जीवन का अविभाज्य अंग बन गया है और ई-प्रशासन
व्यवस्था में कंप्यूटर बहुआयामी साधन बन चुका है। आज मानव समाज के सभी
क्षेत्रों में कंप्यूटर इंटरनेट तकनीक ने अपना प्रभुत्व सिद्ध किया है। संप्रति सर्वत्र
कंप्यूटर का वर्चस्व है। उद्योग, शिक्षा, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सुविधा, चुनाव
संबंधी भविष्यवाणियां, मौसम संबंधी सूचनाएं और कानून व्यवस्था को अधिक कारगर
बनाने में कम्प्यूटर सर्वाधिक सक्षम है।
इसकी अहम भूमिका है। इसके माध्यम से मानव जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए
हैं। सामाजिक परिवर्तन में तथा समाज के विकास के लिए यह उपयुक्त संचार
माध्यम है।
द्वार वेबसाइट को ही कहा जाता है
