वित्तीय विवरण विवरण से आशय उन प्रपत्रों से है जिनमें किसी संस्था से सम्बन्धित आवश्यक वित्तीय
सूचनाओं का वर्णन किया गया हो।
सूचनाओं का वर्णन किया गया हो।
हॉवर्ड तथा अप्टन के मतानुसार, “यद्यपि ऐसा औपचारिक विवरण जो मुद्रा मूल्यों में व्यक्त किया गया हो, वित्तीय विवरणों के नाम से जाना जा सकता है, लेकिन अधिकतम लेखांकन एवं व्यावसायिक लेखक इसका उपयोग केवल स्थिति विवरण तथा लाभ-हानि विवरण के लिए ही करते हैं।”
आर.एन.एन्थोनी (R.N. Anthony) “ वित्तीय विवरण से आशय उस विवरण से है जो लेखा अवधि की समाप्ति पर व्यवसाय की वित्तीय स्थिति एवं व्यापारिक क्रियाओं के परिणामों को बताता है।
वित्तीय विवरण के उद्देश्य
वित्तीय विवरणों का प्रमुख उद्देश्य उनके प्रयोगकर्ता द्वारा सही निर्णय करने के लिए आवश्यक सूचनाएं
प्रदान करना है। वित्तीय विवरण प्राय: इन उद्देश्यों से तैयार किये जाते हैं-
1. प्रबन्धकों को आवश्यक सूचनाएं प्रदान करना – वित्तीय विवरणों के माध्यम से प्रबन्धकों को नियोजन करने, नीति-निर्धारण तथा
प्रबन्धकीय कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में सहायता मिलती है।
प्रबन्धकीय कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में सहायता मिलती है।
2. लाभदायक का मापन – संस्था की लार्भाजन की शक्ति का अनुमान
लगाने एवं मूल्यांकन करने हेतु स्थिति विवरण व आय विवरण बनाये जाते हैं।
लगाने एवं मूल्यांकन करने हेतु स्थिति विवरण व आय विवरण बनाये जाते हैं।
3. वैधानिक अनिवार्यता – कम्पनी जैसे संगठन में वित्तीय विवरण तैयार
करना एक वैधानिक आवश्यकता है। अत: इन वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी वित्तीय
विवरण तैयार किये जाते हैं।
करना एक वैधानिक आवश्यकता है। अत: इन वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी वित्तीय
विवरण तैयार किये जाते हैं।
4. आर्थिक स्थिति की जानकारी – वित्तीय विवरणों में
चिट्ठा एवं लाभ-हानि खाता संस्था का एक संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत करते हैं। जो कि संस्था की आर्थिक
स्थिति का उसकी तरलता, शोधनक्षमता तथा व्यापार चक्रों के प्रभावों को सहन करने की स्थिति को
दर्शाता है।
चिट्ठा एवं लाभ-हानि खाता संस्था का एक संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत करते हैं। जो कि संस्था की आर्थिक
स्थिति का उसकी तरलता, शोधनक्षमता तथा व्यापार चक्रों के प्रभावों को सहन करने की स्थिति को
दर्शाता है।
5. वित्तीय सूचनाओं की प्राप्ति – संस्थान में पूरे वित्तीय
वर्ष के दौरान जो कार्य एवं व्यवहार हुए हैं, उनके परिणामों की जानकारी वित्तीय विवरणों से तैयार
होती है। लाभ-हानि ज्ञात करने के लिए भी वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं।
वर्ष के दौरान जो कार्य एवं व्यवहार हुए हैं, उनके परिणामों की जानकारी वित्तीय विवरणों से तैयार
होती है। लाभ-हानि ज्ञात करने के लिए भी वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं।
6. तुलनात्मक अध्ययन – अन्य संस्थानों के मध्य तुलना करने तथा संस्था
के विभिन्न वर्षों के मध्य तुलना करने के उद्देश्य से भी वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं।
के विभिन्न वर्षों के मध्य तुलना करने के उद्देश्य से भी वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं।
7. अन्य उद्देश्य – (i) कोष एवं रोकड़ प्रवाह की जानकारी।
(ii) संस्था के सामाजिक दायित्व की पूर्ति को प्रदर्शित करती है।
(iii) संस्था की सही एवं उचित स्थिति प्रस्तुत करना।
(iv) भावी क्रियाकलापों का आधार प्रस्तुत करना।
(ii) संस्था के सामाजिक दायित्व की पूर्ति को प्रदर्शित करती है।
(iii) संस्था की सही एवं उचित स्थिति प्रस्तुत करना।
(iv) भावी क्रियाकलापों का आधार प्रस्तुत करना।
वित्तीय विवरण के प्रकार
- चिट्ठा या स्थिति विवरण (Balance Sheet)
- लाभ-हानि खाता या आय विवरण (Profit and Loss Account of Income Statement)
- कोष प्रवाह विवरण (Fund Flow Statement)
- रोकड़ प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement)