भारत में बोली जाने वाली भाषाओं के नाम
कुछ मुख्य भारतीय भाषाओं की चर्चा इस प्रकार है,
6.95 करोड़ अर्थात् 8.22 प्रतिशत है । भाषा की दृष्टि से यह भाषा बहुत ही मधुर और सरल है । बंगला भाषा में ही रविन्द्र नाथ टैगोर
ने अपनी प्रसिद्ध रचना गीतांजली लिखी है । इस भाषा को समृद्ध करने में कई महान विद्वानों का हाथ है ।
जैसे – शरत् चन्द्र राय, बंकिम चन्द्र चटर्जी, राजा राम मोहन राय, ईश्वर चन्द्र विद्यासागर आदि ।
8. उडि़या – उडि़या भाषा मुख्यतः उडि़सा में बोली जाने वाली भाषा है । इसे करीब 2.8 करोड़ अर्थात्
3.22 प्रतिशत लोगों द्वारा बोली जातीे है ।
के उत्तरी भागों में किया जाता है । पंजाबी भाषा बोलने वाली की संख्या 2.3 करोड़ अर्थात् 2.76 प्रतिशत है ।
इस भाषा को भी पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में बाँटा जा सकता है । पंजाबी भाषा लाहौर तथा अमृतसर के आस-पास बोली जाती है ।
10. सिन्ध – इस भाषा का प्रयोग सिन्ध् प्रांत के निवासी करते थे जो अब पाकिस्तान क्षेत्र में आते हैं । भारत
विभाजन के समय सिन्ध् से भारत आने वाले लोग इस भाषा का प्रयोग करते हैं । इस भाषा का प्रयोग
करने वालों की संख्या 21 लाख अर्थात् 0.25 प्रतिशत है ।
का प्रयास किया गया । राजस्थानी भाषा
में मालवी, जयपुरी, मारवाड़ी और मेवाती बोलियों का मिश्रण पाया जाता है । प्रारंभ में राजस्थानी बोलियों पर
अन्य भाषाओं का भी प्रभाव था ।
16. बिहारी – बिहारी भाषा अधिकांशतः बिहार प्रान्त में बोली जाती है । इसका प्रचलन मग्ध्ी भाषा के
अपभं्रश से हुआ है । इसमें भोजपुरी, मैथिली और मगही तीन बोलियाँ प्रमुख हैं । भोजपुरी उत्तरी भारत की एक
प्रमुख भाषा है । मैथिली भाषा उत्तर बिहार में बोली जाती हैं ।
17. हिमाली – यह भाषा पूर्वी कश्मीर से भूटान तक के पहाड़ी ढलानों में बोली जाती है । इसके भी तीन
भाग हैं – पश्चिमी, पूर्वी एवं मध्यम हिमाली । पश्चिमी हिमाली का प्रचलन चम्बा से गढ़वाल एवं कुमायु क्षेत्रा
तक, मध्य हिमाली गढ़वाल और कुमायु क्षेत्र में पाया जाता है । पूर्वी हिमाली में खसपुरा, गुरखाली और पर्वतीयं
भाषाएँ बोली जाती हैं
भूमिज, बिरटोर, खरिया, संथाली, मुण्डारी, कोटकू आदि ।
