पूर्वाग्रह क्या होता है ? purvagrah kya hota hai

पूर्वाग्रह एक विशेष प्रकार की मन की स्वाभाविक स्थिति है, जिसमें किसी समूह या उसके सदस्य के प्रति नकारात्मक भाव होता है। एक किसी खास धर्म के लोगों के प्रति हमारी अलग सोच, महिलाओं के प्रति हमारा नजरिया, एक जाति के प्रति हमारा नकारात्मक देखने, सोचने-समझने का पहलू पूर्वाग्रह का ही उदाहरण है। पूर्वाग्रह में साधारणतया नकारात्मक मनोवृत्ति ही देखी जाती है लेकिन कुछ विद्वानों ने इसकी सकारात्मक मनोवृत्ति को भी महत्व दिया है। 
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ‘पूर्वाग्रह का अर्थ किसी खास समूह के सदस्यों के प्रति एक विशेष प्रकार की मनोवृत्ति- साधारणतया नकारात्मक होती है।

कुप्पुस्वामी के अनुसार, ‘पूर्वांग्रह को एक सामाजिक रूप से सुनिश्चित समूह के प्रति नकारात्मक मनोवृत्ति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।’ 

पूर्वाग्रह निर्माण पर किम्बाॅल यंग ने लिखा है कि, ‘पूर्वाग्रह रूढि़युक्तियों, लोक गाथाओं एवं पौराणिक कथाओं के संगठन से बनता है, जिसमें एक व्यक्ति या समग्र रूप में एक समूह का वर्गीकरण करने, उसकी विशेषता स्थापित करने तथा परिभाषित करने के लिए समूह-संज्ञा या प्रतीक का प्रयोग किया जाता है।’

बेटलहाइम का कहना है कि, आर्थिक और सामाजिक प्रणालियों के कष्टप्रद पहलुओं में सुधार होने से भी पूर्वाग्रह के सक्रिय कारण को दूर किया जा सकता है। लक्षण सम्बन्धी सिद्धान्तकारों की यह मान्यता है कि मनश्चिकित्सा, अन्तर्दृष्टि का प्रशिक्षण, शिशु पालन सम्बन्धी तरीकों में परिवर्तन और व्यक्तित्व के आन्तरिक द्वन्दों को कम करने वाली प्रविधियों के प्रयोग द्वारा ‘पूर्वाग्रह को कम किया जा सकता है। पूर्वाग्रह के सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण के अन्तर्गत प्रचार एवं शिक्षा को महत्वपूर्ण माना गया है, जिससे पूर्वाग्रह को कम करने में मदद मिलती है।

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