नाटो (North Atlantic Treating Organisation) क्या है?

नाटो (North Atlantic Treating Organisation) क्या है?

नाटो (North Atlantic Treating Organisation) एक सैनिक संधि है, जो एक अप्रैल, 1949 को वाशिंगटन में, अमेरिका, कनाडा और दस यूरोपीय देशों – फ्रांस, ब्रिटेन, बेल्जियम, हालैण्ड, स्पेन, लक्जमबर्ग, आईसलैण्ड, नोर्वे, ईटली और पुर्तगाल के मध्य की गई। इस संधि की अवधि बीस वर्ष की थी। फरवरी, 1952 में ग्रीस, तुर्की तथा मई, 1955 में पश्चिमी जर्मनी भी इसमें सम्मिलित हो गए। अब इनकी संख्या कुल 15 हो गयी। इस संगठन का उद्देश्य, आपसी सुरक्षा थी। इसके मुख्य अंग हैं:

1. परिषद: इसका प्रधान कार्यालय, फ्रांस की राजधानी पेरिस में है। इसके अध्यक्ष विभिन्न देशों के, बारी-बारी रक्षा मंत्री होते हैं। इसके अलावा, कार्य संचालन के लिए, एक मुख्य सचिव होता है, जिसकी नियुक्ति परिषद करती है।

2. सैनिक परिषद:  इस परिषद का मुख्य उद्देश्य, सैनिक मामलों में परामर्श देना होता है। 1950 में, परिषद ने, सोवियत संघ से, पश्चिमी यूरोप की रक्षा के लिए, सभी सदस्य राष्ट्रों की एक संयुक्त सेना का गठन किया। इसके सर्वोच्च सेनापति, अमेरिका के जनरल आइजनहावर को बनाया गया (अमेरिका के राष्ट्रपति – 1953-60)।

इसके अलावा नाटों की दो और कमाने हैं – अन्टारिक महासागर कमान और चैनल कमान। 1953 में, अमेरिका ने अपनी सेनाओं को, सोवियत संघ के विरूद्ध एटम हथियार से लैस कर दिया।

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