जब अनुसूची को इस प्रकार तैयार करते हैं कि उनमें किसी समस्या से सम्बन्धित अनेक तथ्य, स्थिति अथवा चर दिये होते है। तथा यह जाँच करनी होती है कि इनमें से कौन-कौन से तथ्य अथवा अन्य अंग उपस्थित हैं तो चिन्हांकन सूची का प्रयोग करते हैं इनकी उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति हॉ/नहीं से दिखा सकते हैं अथवा उसके समक्ष सही का चिन्ह (✓) बना देते हैं यह सुगम उपकरण किसी वस्तु अथवा उपस्थिति के विभिन्न अंगों की ओर ध्यान आकर्षित करता है जिससे कोर्इ छूट न जाय। व्यवहार के निरीक्षण के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। एक विशेष प्रकार की चिन्हांकन सूची पैमाने के रूप में भी प्रयोग में आती है जिसमें अंक दिये जाते हैं इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके आधार पर तथ्यों को अंकित करते हैं, कोर्इ मूल्यांकन अथवा निर्णय नहीं देते। सर्वेक्षण, व्यक्ति इतिहास, व्यवहार तथा शिक्षा सम्बन्धी परिस्थितियों के अंकन के लिए इसका प्रयोग सफलता से होता है। निम्नलिखित क्षेत्रों में चिन्हांकन सूची का प्रयोग किया गया है- विद्यालय भवन, विद्यालय सम्पत्ति, भवन योजना, उपकरणों की पूर्ति, अधीक्षक के प्रतिवेदन का विश्लेषण, माध्यमिक विद्यालयों का संगठन एवं मूल्यांकन, राज्य में शिक्षा की सुविधा, कक्षा की शैक्षिक क्रियाएं, पर्यवेक्षण तथा सफल शिक्षा के गुण।
चिन्हांकन सूची का निर्माण
चिन्हांकन सूची का निर्माण करने में तथ्यों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- सूची बनाने के पूर्व इससे सम्बन्धित साहित्य का गहन अध्ययन करना चाहिए जिससे सैद्धान्तिक एवं व्यावहारिक पक्ष से परिचित हो सके।
- उस क्षेत्र में बनायी गयी अन्य अनुसूचियों का अध्ययन करना चाहिए।
- समस्या के किस पक्ष पर किन-किन तथ्यों का संग्रह करना है, इसकी विस्तृत सूची तैयार कर लेनी चाहिए।
- सूची के प्रश्नों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित कर लेना चाहिए तथा सभी भाग तार्किक क्रमयुक्त हों।
- विशेष शब्दावली यदि प्रयोग कर रहे हों तो उसकी परिभाषा दे दें।
- प्रत्येक प्रश्न संगत एवं पूर्ण हो।
- एक प्रकार के प्रश्नों को एक समूह में रखना उचित है।
- चिन्हांकन सूची को व्यापक एवं पूर्ण बनाना चाहिए।
- इसकी वैधता के लिए प्रश्नों का निर्माण इस विधि से करना चाहिए कि वे गुणात्मक अन्तर स्पष्ट करने वाले हों।
चिन्हांकन सूची के प्रश्नों का आयोजन
केम्फर के अनुसार इसे चार रूपों में प्रयोग कर सकते हैं
- जिसमें किसी परिस्थिति के सभी अंगों को चिन्हांकित करना होता है, यथा आपके विद्यालय में जो-जो क्रियाएं होती हैं, उन पर लगाइए, जैसे – खेलकूद – बागवानी – अभिनय – संगीत आयोजन – वाद-विवाद प्रतियोगिता – एन. सी. सी.
- जिसमें हाँ/नहीं में उत्तर देना होता है, यथा- क्या आपके विद्यालय में छात्र परिषद है? (हाँ/नहीं)
- जिसमें कथन दिये होते हैं तथा दायी ओर दिये गये रिक्त स्थान में उचित का चिन्ह लगाना होता है, यथा- विद्यालय के 50: छात्र हरिजन हैं। विद्यालय सामाजिक शिक्षा का केन्द्र है।
- जिसमें कथन दिया रहता है और किसी शब्द को चिन्ह लगाना या रेखांकित करना होता है, यथा- छात्र-परिषद अपनी क्रियाओं का आयोजन करता है। साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, अनियमित। पुस्तकालय क्लब की बैठक 60/90/120 मिनट के लिए 1-2-3-4-5-6-6- दिन प्रति सप्ताह होती है।