इन्द्रधनुष के प्रकार
इन्द्रधनुष दो प्रकार के होते हैं-
- प्राथमिक इन्द्रधनुष या दोहरा इन्द्रधनुष
- द्वितीयक इन्द्रधनुष
1. प्राथमिक इन्द्रधनुष – प्राथमिक इन्द्रधनुष में लाल रंग बाहर की ओर और बैगनी रंग अंदर की ओर होता है। इसमें अंदर वाली बैंगनी किरण आंख पर 40°8 तथा बाहर वाली लाल आंख पर 42°8 का कोण बनाती है। मुख्य या दोहरे इन्द्रधनुष में बाहरी भाग पर अर्ध गोला लाल दिखाई देता है जबकि अंदर की ओर बैंगनी चाप होती है। मुख्य रेनबो तब बनता है जब प्रकाश की किरण पानी की छोटी बूंद में प्रवेश करने पर अपवर्तित होती है और उसके तुरंत बाद बूंद के अंदर से इसके पिछले भाग में प्रतिबिंबित होती है और फिर (प्रकाश की यह किरण) बूंद की सतह को छोड़ते समय फिर से वापिस अपवर्तित हो जाती है।
आसमान में इन्द्रधनुष का बनना बारिश की नन्हीं बूंदों का कमाल है। बारिश के दिनों में बारिश की नन्ही-नन्ही बूंदे प्रिज्म का काम करती है। इन्द्रधनुष के बनने का सिद्धान्त यह है कि जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है थोड़ा सा झुक जाता है।
