अनुक्रम
अंकेक्षण कार्य पत्र यानि अंकेक्षक द्वारा अंकेक्षण कार्य करते समय जो प्रपत्र तैयार किए जाते है। अंकेक्षण कार्य पत्र अंकेक्षक की निजी संपत्ति होती है, जिसे नियोक्ता को देने की आवश्यकता नहीं होती। उदा. नियुक्ति आदेश, अंकेक्षण कार्यक्रम पत्रिका, अंकेक्षण टिप्पणी पुस्तिका, अधिकोष समाधान विवरण आदि। अंकेक्षण कार्य पत्र से जो दस्तावेज तथा प्रमाण तैयार होते हैं, उसे अंकेक्षण साक्ष्य कहते हैं।
अंकेक्षण कार्य पत्र की परिभाषा
आरनाल्ड डब्ल्यू. जॉनसन – अंकेक्षण संबंधी कार्य-पत्र लिखित निजी सामग्री होते हैं जिसे एक अंकेक्षक प्रत्येक अंकेक्षण के लिए तैयार करता है। इनमें नियोक्ता से प्राप्त हिसाब-किताब संबंधी सूचनाओं, प्रयुक्त जाँच की पद्धतियों, उनके निष्कर्षों तथा वित्तीय विवरणों के बारे में सूचनाएँ होती हैं।”
अंकेक्षण कार्य पत्र से संबंधित कागज पत्र
इनमें अंकेक्षण का नियुक्ति पत्र, अंकेक्षण कार्य पत्र, अंकेक्षण टिप्पणी पुस्तक, तलपट का कच्चा आलेख व उसकी प्रतियाँ, अधिकोष समाधान विवरण, अधिकोष से अंकेक्षक व्दारा किए पत्र व्यवहार की प्रतियाँ, देनदारों एवं लेनदारों की अनुसूचियाँ, लेखा पुस्तकों की नकल किए हुए भाग, स्कंध तथा संपत्ति मूल्यांकन संबंधी प्रमाणपत्र, डूबा हुआ ऋण एवं अदत्त व्यय आदि से संबंधित प्रमाणपत्र, गत वित्तीय वर्षों का प्रतिवेदन आदि का समावेश किया जाता हैं।
अंकेक्षण कार्य पत्र रखने का उद्देश्य
- अंकेक्षक को अंकेक्षण कार्य पत्र, अंकेक्षण प्रतिवेदन तैयार करने के लिए।
- अंकेक्षण संबंधी कागज पत्र, यह अंकेक्षक की निजी संपत्ति होती है।
- अंकेक्षक को कपट की सम्भावना से बचने के लिए साक्ष्य।
- प्रतिवेदन की सत्यता प्रमाण हेतु।
- अंकेक्षण कार्य पत्र भविष्य में संदर्भ के लिए।